फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Education ›   State government and central government disputes for final year graduation exam

स्नातक अंतिम वर्ष की परीक्षा को लेकर राज्य और केंद्र सरकार आमने-सामने

Sun, 12 Jul 2020 07:54 AM IST
संजीव कुमार झा एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: संजीव कुमार झा Updated Sun, 12 Jul 2020 07:54 AM IST
विज्ञापन
State government and central government disputes for final year graduation exam
ugc - फोटो : पीटीआई

कोरोना वायरस संक्रमण के बीच विश्वविद्यालयों में अंतिम वर्ष की परीक्षा के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (युजीसी) ने विस्तृत व्योरा जारी कर दिया है। यूजीसी के अनुसार सितंबर तक स्नातक अंतिम वर्ष की परीक्षा अनिवार्य है। लेकिन महाराष्ट्र सरकार इसके लिए तैयार नहीं है। इस मुद्दे पर राज्य और केंद्र सरकार आमने-सामने है। वहीं, महाराष्ट्र के करीब पौने नौ लाख छात्रों में भ्रम की स्थिति है।  

विज्ञापन


महाराष्ट्र सरकार चाहती है कि बिना परीक्षा के ही छात्रों को उत्तीर्ण घोषित कर दिया जाए जबकि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने स्पष्ट तौर पर सितंबर महीने में परीक्षा कराने का फैसला किया है। राज्य सरकार पहले से ही अंतिम वर्ष की परीक्षा के बिना छात्रों को उत्तीर्ण करने की नीति पर कायम है जिसका राज्यपाल भगतसिंह कोश्यारी भी विरोध कर चुके हैं।
विज्ञापन


इस बीच यूजीसी की नई गाईडलाईन जारी हो गई जिसके तहत सभी कालेजों और विश्वविद्यालयों के लिए 30 सितंबर तक यूजी और पीजी कोर्सेस के लिए अंतिम वर्ष-सेमेस्टर की परीक्षा कराना अनिवार्य है। इस गाईडलाइन के जारी होने के बाद राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री उदय सामंत ने एक बार फिर यूजीसी को पत्र भेजकर इस पर पुनर्विचार के लिए कहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


वहीं, राज्य के पर्यटन मंत्री आदित्य ठाकरे का कहना है कि यूजीसी को इस छोटे से मुद्दे को ईगो नहीं बनाना चाहिए और लाखों छात्रों, टीचर्स और नॉन टीचिंग स्टाफ की जान को खतरे में नहीं डालना चाहिए। उन्होंने कहा कि एचआरडी मंत्रालय और यूजीसी के प्रमुख छात्रों की जान की गारंटी लें। उनकी सुरक्षा की गारंटी ले जो छात्र परीक्षा में बैठेंगे। क्या इनको देश में बढ़ रहे कोरोना वायरस की खबर नहीं है।


राजनीतिक फायदे के लिए हो रहा है परीक्षा का विरोध- शेलार
स्नातक अंतिम वर्ष की परीक्षा को लेकर जारी गतिरोध पर पूर्व शिक्षा मंत्री विधायक आशीष शेलार ने कहा कि 29 अप्रैल को राज्य सरकार ने स्नातक प्रथम और द्वितीय वर्ष की परीक्षा रद्द की थी। इसके साथ ही अंतिम वर्ष के 8 लाख 74 हजार 890 छात्रों की परीक्षा ऑनलाईन या ऑफलाईन कराने की बात कही थी। लेकिन, महाराष्ट्र के युवराज (आदित्य ठाकरे) के हठ और राजनीतिक फायदे के लिए छात्रों शैक्षणिक कैरियर के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें शिक्षा समाचार आदि से संबंधित ब्रेकिंग अपडेट।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed