Martial Law: क्या होता है मार्शल लॉ? दक्षिण कोरिया में लगाकर हटाया गया, जानें इस दौरान रहते हैं क्या प्रतिबंध
What Is Martial Law: दक्षिण कोरिया में मार्शल लॉ लगने की घटना सुर्खियों में है। ऐसे में यह प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए बहुत उपयोगी है। आइए जानते हैं कि मार्शल लॉ क्या होता है।
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Martial Law In South Korea: दक्षिण कोरिया में मार्शल लॉ लगाने का एलान किया गया था लेकिन अब दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति यूं सुक येओल ने बुधवार तड़के आपातकालीन मार्शल लॉ को हटाने की घोषणा कर दी है। राष्ट्रपति यून सुक योल ने कहा कि देश का विपक्ष अब उत्तर कोरिया के साथ मिल चुका है और वो उसके प्रति सहानुभूति दिखाने लगा है। यह अंतरराष्ट्रीय घटना इस समय सुर्खियों में है। ऐसे में छात्रों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों को मार्शल लॉ के बारे में जानकारी होना जरूरी है, क्योंकि अक्सर ऐसे प्रश्न परीक्षा या इंटरव्यू में पूछ लिए जाते हैं।
What Is Martial Law: क्या होता है मार्शल लॉ?
मार्शल लॉ एक विशेष स्थिति है, जिसमें सरकार किसी क्षेत्र में सैन्य बलों को प्रशासनिक और कानूनी नियंत्रण प्रदान करती है। यह व्यवस्था तब लागू की जाती है जब देश में गंभीर संकट, व्यापक अशांति, प्राकृतिक आपदा या बाहरी आक्रमण जैसी स्थिति उत्पन्न होती है। मार्शल लॉ किसी पूरे देश में या किसी खास क्षेत्र में लागू किया जा सकता है। इसे "सैनिक कानून" भी कहा जाता है।
Restrictions During Martil Law: मार्शल लॉ के तहत क्या-क्या प्रतिबंधित होता है?
- संसद और राजनीतिक गतिविधियां रद्द: संसद के कार्यों को रोका जाता है और सभी राजनीतिक गतिविधियों पर रोक लगाई जाती है।
- मीडिया और प्रशासन सैन्य नियंत्रण में: सभी प्रकार के मीडिया और प्रशासन सेना के अधीन हो जाते हैं।
- जनसभा और प्रदर्शन प्रतिबंधित: किसी भी प्रकार के विरोध प्रदर्शन और सार्वजनिक सभाओं पर पाबंदी होती है।
- यात्रा और आवागमन पर रोक: आंतरिक आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए जगह-जगह सैन्य चौकियां स्थापित की जाती हैं।
- सामाजिक और औद्योगिक गतिविधियां: हड़तालें और वॉकआउट पर प्रतिबंध लगाया जाता है।
हाल की घटना
हाल ही में, दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति यूं सुक येओल ने आपातकालीन मार्शल लॉ की घोषणा की, जिससे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव बढ़ गया। यह निर्णय विपक्षी दल के भारी विरोध और उनकी सरकार पर महाभियोग की मांग के बीच लिया गया। हालांकि, सांसदों और जनता के कड़े विरोध के कारण संसद ने इसे रद्द कर दिया।
मार्शल लॉ की घोषणा का कारण राष्ट्रपति यून की घटती लोकप्रियता और विपक्षी दलों की बढ़ती ताकत बताई गई। यह स्थिति विशेष रूप से तब और गंभीर हो गई जब राष्ट्रपति और उनकी पत्नी पर भ्रष्टाचार और स्टॉक हेरफेर के आरोप लगे।
दक्षिण कोरिया में पहले भी लग चुका है मार्शल लॉ
दक्षिण कोरिया में मार्शल लॉ आखिरी बार 1980 में लागू किया गया था, जब ग्वांगजू विद्रोह के समय सरकार को भारी विरोध का सामना करना पड़ा। इसे हमेशा आखिरी विकल्प के रूप में देखा जाता है, जब अन्य सभी प्रशासनिक विकल्प विफल हो जाते हैं।
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