दो मंत्रालयों की पहल: पूर्वोत्तर के 2.5 लाख युवाओं को कौशल प्रशिक्षण, धर्मेंद्र प्रधान-किशन रेड्डी की शुरुआत
पहल के तहत पूर्वोत्तर के 2.5 लाख प्रतिभाशाली युवाओं को प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई), राष्ट्रीय प्रशिक्षुता संवर्धन योजना (एनएपीएस) और जन शिक्षण संस्थानों (जेएसएस) के जरिये उद्योग प्रासंगिक कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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पूर्वोत्तर भारत में उद्योगों के लिए कौशल-केंद्रित पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के लिए उद्यमिता व कौशल विकास मंत्रालय व पू्र्वोत्तर विकास मंत्रालय ने साझा पहल शुरू की है। मंगलवार को केंद्रीय कौशल विकास और उद्यमिता मंत्री धर्मेंद्र प्रधान व उत्तर पूर्वी क्षेत्र के पर्यटन एवं विकास (डोनर) मंत्री जी किशन रेड्डी ने ‘जीवन में बदलाव, भविष्य का निर्माण : उत्तर-पूर्व में कौशल विकास और उद्यमिता’ नामक विशेष पहल शुरू की।
इस पहल के तहत पूर्वोत्तर के 2.5 लाख प्रतिभाशाली युवाओं को प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई), राष्ट्रीय प्रशिक्षुता संवर्धन योजना (एनएपीएस) और जन शिक्षण संस्थानों (जेएसएस) के जरिये उद्योग प्रासंगिक कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा। जहां, पीएमकेवीवाई के तहत 2 लाख युवाओं को कौशल प्रशिक्षण मिलेगा, वहीं एनएपीएस के तहत 30,000 और जेएसएस के तहत 20,000 को कुशल बनाया जाएगा।
इस दौरान धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, भारत वैश्विक कौशल केंद्र के रूप में उभर रहा है। उभरते अवसरों का इस्तेमाल करके भारत से बेरोजगारी को खत्म किया जा सकता है। इसके अलावा यह हमें एक विकसित और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनने मे भी मदद करेगा। वहीं, केंद्रीय कौशल विकास राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा, पिछले 9 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिक्षा, कौशल और नवाचार पर जोर देकर एक अनुकूल कौशल पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के लिए लगातार काम किया है। इसी कड़ी में पूर्वोत्तर के युवाओं को इसका हिस्सा बनाने के लिए विशेष पैकेज के हिस्से के रूप में इन कौशल-केंद्रित पहलों को शुरू किया जा रहा है। यह पहल यहां के युवाओं का जीवन बदल देगी।
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