{"_id":"60fab6d54e467f415570ef4f","slug":"schools-in-andhra-pradesh-to-reopen-on-august-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"आंध्र प्रदेश: शैक्षणिक वर्ष 2021-22 के लिए 16 अगस्त से खुलेंगे स्कूल","category":{"title":"Education","title_hn":"शिक्षा","slug":"education"}}
आंध्र प्रदेश: शैक्षणिक वर्ष 2021-22 के लिए 16 अगस्त से खुलेंगे स्कूल
Fri, 23 Jul 2021 06:06 PM IST
ललित फुलारा
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Published by: ललित फुलारा
Updated Fri, 23 Jul 2021 06:06 PM IST
सार
- आंध्र प्रदेश में शैक्षणिक वर्ष 2021-22 के लिए स्कूलों को फिर से 16 अगस्त से खोला जाएगा।
विज्ञापन
विद्यार्थी (फाइल फोटो)
- फोटो : पीटीआई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आंध्र प्रदेश में शैक्षणिक वर्ष 2021-22 के लिए स्कूलों को फिर से 16 अगस्त से खोला जाएगा। सूबे की सरकार ने शुक्रवार को इसकी घोषणा की है। कोरोना वायरस की दूसरी लहर के कारण स्कूलों को विलंब से खोलने का निर्णय मुख्यमंत्री वाई एस जगन मोहन रेड्डी की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक में लिया गया। आपको बता दें कि सरकार नई शिक्षा नीति-2020 के कार्यान्वयन पर 16 अगस्त को विस्तृत दिशा-निर्देश भी जारी करेगी।
विज्ञापन
इसे भी पढ़ें-बीएसई ओडिशा : 30 जुलाई से शुरू होगी 10वीं की परीक्षा, 15151 छात्र लेंगे भाग
विज्ञापन
मुख्यमंत्री नाडु-नेडु कार्यक्रम के पहले चरण के तहत नवीकृत किए गए सरकारी स्कूलों को लोगों को समर्पित करेंगे और 16 अगस्त को दूसरे चरण के कार्यों का शुभारंभ भी करेंगे। नई शिक्षा नीति 2020 के अनुसार, स्कूलों को पीपी-1 से बारहवीं कक्षा तक छह श्रेणियों में वर्गीकरण किया जाएगा। मौजूदा आंगनवाड़ियों को सैटेलाइट फाउंडेशन स्कूलों में बदला जाएगा, जिसमें प्रत्येक बस्ती को कवर किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे सभी संबंधितों को स्पष्ट रूप से बताएं कि वे एनईपी-2020 में क्यों शिफ्ट हो रहे हैं।
विज्ञापन
इसे भी पढ़ें-महाराष्ट्र: स्कूल पाठ्यक्रम में कटौती का निर्णय, 25 फीसदी कम होगा 1 से लेकर 12वीं तक का सिलेबस
मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे सभी संबंधितों को स्पष्ट रूप से बताएं कि वे एनईपी-2020 में क्यों शिफ्ट हो रहे हैं। जगन मोहन रेड्डी ने कहा कि एनईपी-2020 के लाभों पर विशेष रूप से माता-पिता के बीच व्यापक जागरूकता पैदा करें। किसी भी संदेह या आशंका की कोई गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार एनईपी-2020 को लागू करने के लिए 16,000 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इससे शिक्षा प्रणाली का कायाकल्प होगा।
कमेंट
कमेंट X