SSS Admissions: सैनिक स्कूलों में दाखिले के लिए शुरू होगी ई-काउंसलिंग, बढ़ेगी पारदर्शिता
Sainik Schools Society E-Counselling: रक्षा मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि ई-काउंसलिंग के फैसले से प्रवेश प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। यह नया ई-काउंसलिंग सिस्टम सबसे पहले नए स्थापित होने वाले स्कूलों में शुरू किया जाएगा।
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रक्षा मंत्रालय ने एक अहम घोषणा करते हुए कहा है कि सैनिक स्कूल सोसाइटी (SSS) की ओर से जल्द ही सैनिक स्कूल में दाखिलों के लिए ई-काउंसलिंग प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इसकी शुरुआत जल्द होने वाली है। रक्षा मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि ई-काउंसलिंग के फैसले से प्रवेश प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। यह नया ई-काउंसलिंग सिस्टम सबसे पहले नए स्थापित होने वाले स्कूलों में शुरू किया जाएगा। इच्छुक छात्र अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट - sainikschool.ncog.gov.in पर जा सकते हैं।
ई-काउंसलिंग आवेदन की सूचना दी जाएगी
मंत्रालय ने अधिसूचना में कहा कि देश भर में स्थापित किए जा रहे नए स्कूलों, जिनमें सैनिक स्कूल पाठ्यक्रम और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप शिक्षा दी जाएगी, में सबसे पहले ई-काउंसलिंग सिस्टम लागू किया जाएगा। एक बार आवेदन प्रक्रिया शुरू होने पर सैनिक स्कूल सोसाइटी की ओर से छात्रों को ई-काउंसलिंग प्रक्रिया के तहत आवेदन करने की सूचना दी जाएगी। इसके लिए सोसाइटी की ओर से समय-सीमा भी जारी की जाएगी।
आवंटन के विकल्प में 10 स्कूलों को चुन सकेंगे
काउंसलिंग प्रक्रिया में भाग लेने के लिए योग्यता अंकों के आधार पर उम्मीदवारों के पंजीकृत फोन नंबर या ईमेल पते के माध्यम से एक व्यक्तिगत रजिस्ट्रेशन लिंक भेजा जाएगा। उसमें नए सैनिक स्कूलों में श्रेणी और लिंग के आधार पर रिक्त सीटों की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही उनके विकल्प चुनने संबंधी अधिकार भी दिए जाएंगे। छात्रों को स्कूल और सीट आवंटन के विकल्प के रूप में 10 स्कूलों को चुनने की अनुमति दी जाएगी। उन्हें उनकी रैंक और स्कूलों की पसंद के आधार पर ई-काउंसलिंग सिस्टम के अनुसार स्कूल आवंटित किया जाएगा।
पोर्टल पर जारी होगा फाइनल अलॉटमेंट रिजल्ट
फिर अंतिम परिणाम ई-काउंसलिंग पोर्टल पर घोषित किया जाएगा। हालांकि, इसके बाद भी छात्र या तो पहले आवंटित स्कूल की पसंद को स्वीकार कर सकते हैं या अधिकारियों को काउंसलिंग के दूसरे दौर के लिए अपनी वैकल्पिक पसंद बता सकते हैं। वहीं, जो उम्मीदवार प्रवेश प्रक्रिया से बाहर होना चाहते हैं, उन्हें पहले दौर के बाद ही अधिकारियों को सूचित करना होगा। प्रत्येक दौर के आवंटन के बाद अंतिम तौर पर उम्मीदवारों को भौतिक सत्यापन के लिए तिथि, समय और स्थान जैसे विवरण भेजे जाएंगे। जो उम्मीदवार पहले दौर में नहीं चुने गए हैं, उन्हें सीटें खाली रहने पर फिर से काउंसलिंग के दूसरे दौर के लिए उम्मीदवार माना जाएगा।
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