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Sainik School Kazhakootam: 59 वर्ष बाद मिला बालिका कैडेट्स को दाखिला, पहले बैच में यूपी, बिहार की लड़कियां भी शामिल

Thu, 09 Sep 2021 03:31 PM IST
वर्तिका तोलानी एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: वर्तिका तोलानी Updated Thu, 09 Sep 2021 03:31 PM IST
सार

Sainik School Admission:  देश के विभिन्न राज्यों ने अपने सैनिक स्कूलों में लड़कियों को प्रवेश देने की पहल की, इसके साथ ही लड़कियों के भीतर सेना में शामिल होने की भावना को बढ़ावा दिया। सशस्त्र बलों और महिला सशक्तिकरण का समर्थन किया।

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Sainik School Kazhakootam welcomes First batch of Girl Cadets after 59 years
बालिका कैडेट्स की पहली बैच - फोटो : ANI

विस्तार

सैनिक स्कूल कझाकूटम (SSKZM) में अखिल भारतीय सैनिक स्कूल प्रवेश परीक्षा (AISSEE 2021) को पास कर पहली बार शैक्षणिक वर्ष 2021-22 के लिए बालिका कैडेटों ने दाखिला लिया है। यह राज्य (केरल) का पहला सैनिक स्कूल है, जिसकी स्थापना 1962 में हुई थी। स्थापना के 59 सालों बाद बालिका कैडेट्स को प्रवेश दिया गया है। जारी अधिसूचना में कहा गया कि स्कूल के सभागार में केरल की सात लड़कियों, बिहार की दो और उत्तर प्रदेश की एक लड़कियों के स्वागत के लिए एक विशेष सभा आयोजित की गई थी। प्रिंसिपल कर्नल धीरेंद्र कुमार ने कैडेटों को संबोधित किया और राज्य के सैनिक स्कूल के पहले बैच में शामिल होने के लिए शुभकामनाएं दीं।

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बालिका कैडेटों की भर्ती के लिए की गई यह तैयारियां
बता दें कि लड़कियों के पहले बैच का कैंपस में स्वागत करने के लिए पिछले एक साल से स्कूल के बुनियादी ढांचे में काफी बदलाव आया है। विज्ञप्ति में यह भी बताया गया है कि उनके लिए शैक्षणिक वर्ष की शुरुआत तक एक नए घर और छात्रावास का निर्माण पूरा हो गया है। केरल के अलावा शैक्षणिक वर्ष 2018-19 में मिजोरम के सैनिक स्कूलों में भी बालिका कैडेटों को प्रवेश दिया गया था। यह एक सफल प्रयोग था, जिसके बाद देश के विभिन्न राज्यों ने अपने सैनिक स्कूलों में लड़कियों को प्रवेश देने की पहल की, लड़कियों के भीतर सेना में शामिल होने की भावना को बढ़ावा दिया। सशस्त्र बलों और महिला सशक्तिकरण का समर्थन किया।

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लड़कियों को दिया 10 प्रतिशत आरक्षण
गौरतलब है कि इस साल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने 75 वें स्वतंत्रता दिवस के भाषण में घोषणा की थी कि सभी 33 सैनिक स्कूलों में शैक्षणिक वर्ष 2021-22 में बालिका कैडेटों का प्रवेश सुनिश्चित करेंगे। वहीं बालिका कैडेटों की भर्ती सुनिश्चित करने के लिए देश के प्रत्येक सैनिक स्कूल में प्रत्येक वर्ष प्रवेश की कुल सीटों का 10 प्रतिशत लड़कियों के लिए आरक्षित किया जाएगा।

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