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Punjabi University: महान कोश की ‘बेअदबी’ पर दो अधिकारी निलंबित, SGPC और अकाल तख्त ने जताई कड़ी नाराजगी

Sat, 30 Aug 2025 10:57 AM IST
शिवम गर्ग एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: शिवम गर्ग Updated Sat, 30 Aug 2025 10:57 AM IST
सार

Punjabi University: पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला में महान कोश की कथित बेअदबी ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। मामला तूल पकड़ने पर यूनिवर्सिटी ने दो अधिकारियों को निलंबित कर दिया, वहीं SGPC और अकाल तख्त ने इसे सिख विरासत का गंभीर अपमान बताते हुए कड़ी नाराजगी जताई है।

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Punjabi University Row: Two Officials Suspended Over Mahan Kosh Disrespect, SGPC and Akal Takht Express Anger
Suspended - फोटो : Adobe Stock

विस्तार

Punjabi University Mahan Kosh Controversy: पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला में महान कोश (Mahan Kosh) की कथित बेअदबी को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। यह ग्रंथ सिख विरासत का महत्वपूर्ण विश्वकोश माना जाता है, जिसे भाई काहन सिंह नाभा ने लिखा था।

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मामले के तूल पकड़ने के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने डॉ. एच.पी.एस. कालरा (इंचार्ज, पब्लिकेशन ब्यूरो एंड प्रेस) और महिंदर भारती (डायरेक्टर, एनवायरनमेंट एंड बायोडायवर्सिटी विभाग) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

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पुलिस कार्रवाई और FIR दर्ज

पटियाला पुलिस ने कुलपति डॉ. जगदीप सिंह, डीन एकेडमिक अफेयर्स डॉ. जसविंदर सिंह, रजिस्ट्रार डॉ. दविंदर सिंह, डॉ. कालरा और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 298 के तहत केस दर्ज किया है। यह धारा धार्मिक ग्रंथों का अपमान करने पर लागू होती है। FIR सात छात्रों की शिकायत पर दर्ज हुई।

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Punjab: छात्रों ने पंजाबी विश्वविद्यालय में विश्वकोश दफनाने का किया विरोध, कहा- 'महान कोष' की किताबें फेंकी गई

छात्रों और संगठनों का विरोध

छात्र संगठनों का आरोप है कि यूनिवर्सिटी कैंपस में गड्ढे खोदकर महान कोश की प्रतियां डंप की जा रही थीं। उनका कहना है कि यह तरीका सिख परंपरा और भाषा विरासत का अपमान है। गुरुवार को दिनभर विरोध-प्रदर्शन चलता रहा और माहौल तनावपूर्ण बना रहा।

SGPC और अकाल तख्त की प्रतिक्रिया

मामले ने धार्मिक और सामाजिक संगठनों को भी झकझोर दिया। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने सख्त नाराज़गी जताई और कहा कि यूनिवर्सिटी ने सिख मर्यादा का उल्लंघन किया है। SGPC ने हस्तक्षेप कर बाकी प्रतियों को गोइंदवाल साहिब भेजा, जहां गुरुद्वारा दुख निवारण साहिब के मुख्य ग्रंथी ज्ञानी प्रणाम सिंह ने अरदास कर पुस्तकों का सम्मानजनक विसर्जन किया।

अकाल तख्त जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गर्गज्ज ने भी इस घटना को “गंभीर बेअदबी और सिख विरोधी मानसिकता” बताया। उन्होंने कहा कि महान कोश कोई साधारण ग्रंथ नहीं बल्कि गुरबाणी और सिख इतिहास से जुड़ा अनमोल खजाना है।

यूनिवर्सिटी का माफीनामा और धार्मिक कार्यक्रम

विवाद बढ़ने के बाद पंजाबी यूनिवर्सिटी प्रशासन ने खेद जताते हुए कहा कि यह अनजाने में हुई लापरवाही थी। एक प्रायश्चित के तौर पर कैंपस गुरुद्वारे में अखंड पाठ साहिब का आयोजन किया जाएगा, जिसका भोग सोमवार को होगा।

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