Bihar: घरवालों ने छात्रा को नहीं लेने दी 11वीं में साइंस स्ट्रीम, शिक्षा मंत्री ने फोन किया और कही ये बात
Bihar: बिहार की कक्षा 11वीं की छात्रा खुशबू के माता-पिता ने उसे साइंस की जगह आर्ट्स स्ट्रीम लेने के लिए मजबूर कर दिया। शिक्षा मंत्री ने फोन पर खुशबू को आश्वासन दिया और जल्द ही उसकी साइंस स्ट्रीम में एडमिशन की प्रक्रिया पूरी करवाई जाएगी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
Bihar: बिहार की कक्षा 11वीं की छात्रा खुशबू को रविवार को एक अनपेक्षित कॉल आया। यह कॉल किसी और का नहीं, बल्कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का था। कुछ दिन पहले एक मीडिया रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि खुशबू के माता-पिता ने उसे साइंस की जगह आर्ट्स स्ट्रीम लेने के लिए मजबूर कर दिया था, जबकि उसके भाइयों को साइंस पढ़ने की अनुमति थी।
प्रधान ने खुशबू को दिया आश्वासन
शिक्षा मंत्री ने फोन पर खुशबू को आश्वासन दिया कि उन्होंने दानापुर जिले के जिलाधिकारी से बात कर ली है और जल्द ही उसकी साइंस स्ट्रीम में एडमिशन की प्रक्रिया पूरी करवाई जाएगी।
प्रधान ने फोन पर कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार यह सुनिश्चित करेंगे कि तुम्हें अपनी पसंद के विषय पढ़ने का मौका मिले। मैंने जिलाधिकारी से बात कर ली है, वे तुम्हारा एडमिशन करवा देंगे। तुम NEET की तैयारी शुरू करो और डॉक्टर बनने का अपना सपना पूरा करो।"
10वीं में हासिल किए थे 500 में से 399 अंक
इससे पहले, खुशबू ने एक इंटरव्यू में रोते हुए अपनी तकलीफ बयां की थी। उसने बताया कि उसके माता-पिता ने सिर्फ इसलिए उसे साइंस स्ट्रीम लेने से रोक दिया क्योंकि उसने कक्षा 10 में 500 में से 399 अंक प्राप्त किए थे, जबकि उनके अनुसार उसे कम से कम 400 अंक लाने चाहिए थे।
खुशबू ने कहा था, "लड़कियों के साथ बहुत भेदभाव होता है। मेरे भाइयों को साइंस पढ़ने की इजाजत है, लेकिन मुझे सिर्फ एक नंबर कम आने की वजह से यह अवसर नहीं दिया गया।"
अब केंद्रीय मंत्री के हस्तक्षेप के बाद खुशबू के लिए साइंस स्ट्रीम में पढ़ाई का रास्ता साफ हो गया है।
कमेंट
कमेंट X