भारत में पुरुष शिक्षकों की संख्या ज्यादा है या महिलाओं की, केंद्र ने किया खुलासा
- केंद्रीय मानव संसाधन विकास विभाग की रिपोर्ट में सामने आए आंकड़े
- बताया - किस राज्य में क्या है महिला शिक्षकों की स्थिति
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भारत में पुरुष शिक्षकों की संख्या ज्यादा है या महिलाओं की? इस सवाल का जवाब थोड़ा मुश्किल है। क्योंकि जब भी शिक्षक भर्ती के लिए विज्ञापन निकलते हैं, या बीएड कोर्सेज की बात आती है, तो महिला व पुरुष दोनों ही बड़ी संख्या में इसके लिए आवेदन करते हैं। लेकिन अब केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय (MHRD) की एक रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है।
हालांकि अगर इस बारे में आम धारणा की बात करें तो महिलाओं के पक्ष में ज्यादा मत आते हैं। लोगों का यही मानना है कि देश में पुरुषों से ज्यादा महिलाएं शिक्षण के क्षेत्र में हैं। लेकिन उच्च शिक्षा रिपोर्ट (Higher Education Report) 2017-18 पर नजर डालें, तो यह धारणा बिल्कुल गलत साबित होती है।
शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) से लेकर राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (NET) तक, महिला आवेदकों की संख्या पुरुषों से ज्यादा है। लेकिन शिक्षक के तौर पर नौकरी पाने के मामले में पुरुष आगे हैं। इस खबर में आगे हम ये भी बता रहे हैं कि किस राज्य में कितनी है महिला शिक्षकों की संख्या।
देश में कुल कितने शिक्षक, इनमें से कितने पुरुष
- उच्च शिक्षा रिपोर्ट 2017-18 के अनुसार, देश में शिक्षकों की कुल संख्या 12,84,755 है। इनमें से 57.99 फीसदी शिक्षक पुरुष हैं। यानी देश में पुरुष शिक्षकों की संख्या महिलाओं से 2,05,339 ज्यादा है।
- रिपोर्ट कहती है कि जैसे-जैसे हम उच्च शिक्षा की ओर बढ़ते हैं, महिला व पुरुष शिक्षकों की संख्या में फासला और बढ़ता जाता है। यानी एसोसिएट प्रोफेसर्स, प्रोफेसर्स के पदों पर महिलाएं कम हैं।
- हालांकि संविदा आधारित नौकरियों के मामले में पुरुष व महिलाओं के बीच का अंतर कम है।
- वहीं अगर ट्यूटर के जॉब की बात करें, तो यहां महिलाओं की संख्या पुरुषों से दोगुनी तक ज्यादा है।
कहां कितने पुरुष, कितनी महिला शिक्षक
असिस्टेंट प्रोफेसर्स / लेक्चरर्स
महिलाएं - 30,663
पुरुष - 83,507
एसोसिएट प्रोफेसर्स
महिलाएं - 51,028
पुरुष - 88,415
टेंपररी टीचर्स
महिलाएं - 33,523
पुरुष - 33,335
ट्यूटर्स
महिलाएं - 41,998
पुरुष - 22,268
किन राज्यों में कम है महिला शिक्षकों का अनुपात
राज्य महिला शिक्षकों का प्रतिशत
बिहार 20.93
झारखंड 29.87
महाराष्ट्र 39.76
ओडिशा 35.77
तेलंगाना 38.38
उत्तर प्रदेश 32.84
पश्चिम बंगाल 34.58
किन राज्यों में ज्यादा है महिला शिक्षकों की संख्या
राज्य महिला शिक्षकों का प्रतिशत
दादर नगर हवेली 96
केरल 60.91
चंडीगढ़ 58.62
दिल्ली 56.17
गोवा 54.97
हरियाणा 52.38
पंजाब 55.45
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क्या हैं महिला शिक्षकों की कमी के कारण
- रिपोर्ट के अनुसार, महिला शिक्षकों की कमी के कई कारणों में से एक है राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (NET) में उनका खराब प्रदर्शन। इस परीक्षा में सफल हुए बिना असिस्टेंट प्रोफेसर बन ही नहीं सकते। इस परीक्षा में महिला आवेदकों की संख्या तो ज्यादा है, लेकिन सफलता का प्रतिशत पुरुषों की अपेक्षा कम है।
- दूसरा अहम कारण है महिला शिक्षकों के प्रमोशन की कमी। साल 2005 में जारी जेंडर इनेक्वालिटी इंडेक्स (GII) के अनुसार, भारत के सिर्फ 6.67 फीसदी उच्च शिक्षण संस्थानों में महिलाओं का प्रतिनिधित्व है। यानी 810 शिक्षण संस्थानों में से सिर्फ 54 में महिलाएं प्रतिनिधि हैं।
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- जबकि 2018 में यह आंकड़ा और कम हो गया। दिए गए वर्ष में 1008 विश्वविद्यालयों में से सिर्फ 63 में महिलाएं प्रतिनिधि हैं। यानी महज 6.25 फीसदी।
- तीसरा अहम कारण है नियुक्ति प्रक्रिया में पक्षपात जो सीधे तौर पर दिखाई नहीं देता। इस बारे में पूर्व यूजीसी (UGC) सदस्य एमएम अंसारी का कहना है कि स्थाई शिक्षक की नियुक्ति के समय महिलाओं को कई अलग तरह के सवालों का सामना करना पड़ता है जो पुरुषों से नहीं पूछे जाते। जैसे - आपकी शादी कब हो रही है? बच्चे कब प्लान कर रहे हैं? अगर बच्चे हैं, तो आप संस्थान को पूरा समय कैसे दे पाएंगी? इन बातों का असर महिलाओं की नियुक्ति पर पड़ता है।
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