IIS Kanpur: अब रक्षा-एयरोस्पेस में युवाओं को सशक्त बनाएगा आईआईएस कानपुर, प्रधान ने कार्यक्रम में की अध्यक्षता
कौशल विकास व उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) के सचिव अतुल कुमार तिवारी ने कहा कि इस समझौते से युवाओं को आधुनिक प्रशिक्षण पद्धति के साथ-साथ सर्वोत्तम श्रेणी के बुनियादी ढांचे की स्थापना की परिकल्पना की गई है।
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भारतीय कौशल संस्थान (आईआईएस) कानपुर अब युवाओं को एयरोस्पेस और रक्षा क्षेत्र में भी सशक्त बनाएगा। उत्तर प्रदेश के युवाओं को शिक्षा, कौशल और रोजगार से जोड़ने के लिए आईआईएस कानपुर, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड, डसॉल्ट एयरक्राफ्ट सर्विसेज इंडिया के साथ समझौता किया है। खास बात यह है कि केंद्रीय शिक्षा व कौशल विकास मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की अध्यक्षता में दिल्ली में बृहस्पतिवार को आईआईएस कानपुर ने क्षमता निर्माण और भारत के युवाओं की आकांक्षाओं को पूर्ण करने के लिए आईआईटी कानपुर के साथ साझेदारी की।
विनिर्माण कंपनियों के साथ साझेदारी होगी
प्रधान ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप शैक्षणिक संस्थान, कौशल संस्थान और उद्योग युवाओं को प्रमाणित करने और उन्हें भविष्य के अनुरूप बनाने के प्रयासों में तालमेल के लिए पहली बार मिलकर कार्य कर रहे हैं। यह सहयोग उत्तर प्रदेश में रक्षा गलियारे से पैदा हो रहे अवसरों का लाभ उठाने, एयरोस्पेस, विमानन व रक्षा क्षेत्रों में युवाओं को सशक्त बनाएगा। वैमानिकी संरचना व उपकरण फिटर (एएस एंड ईएफ) प्रयोगशाला को सहायता प्रदान करने और विमानन विनिर्माण कंपनियों के साथ साझेदारी होगी।
फ्रांसीसी प्रशिक्षकों और क्षेत्र के विशिष्ट विशेषज्ञों द्वारा गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण प्रदान करने में सहायता करने के लिए डसॉल्ट एयरक्राफ्ट सर्विसेज इंडिया के साथ यह समझौता किया गया। तीनों साझेदारियों का लक्ष्य उत्तर प्रदेश की कुशल जनशक्ति आवश्यकताओं को पूरा करना है, विशेष रूप से उत्तर प्रदेश रक्षा औद्योगिक गलियारे के लिए कार्य बल को सक्षम बनाना है। यह साझेदारी युवाओं के, विशेष रूप से उत्तर प्रदेश के युवाओं के समग्र विकास पर ध्यान केंद्रित करती है, जिससे उन्हें विमानन और रक्षा क्षेत्रों में नए-युग के पाठ्यक्रमों में गुणवत्तापूर्ण मॉड्यूल तक पहुंच प्राप्त हो सकेगी। इसके अलावा छात्रों को एयरोस्पेस, विमानन व रक्षा क्षेत्रों में कौशल, अप-स्किलिंग, रोजगार और उद्यमिता के नए मौके उपलब्ध करवाएगा।
आईआईटी कानपुर के विशेषज्ञों ने पाठ्यक्रम तैयार किया
कौशल विकास व उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) के सचिव अतुल कुमार तिवारी ने कहा कि इस समझौते से युवाओं को आधुनिक प्रशिक्षण पद्धति के साथ-साथ सर्वोत्तम श्रेणी के बुनियादी ढांचे की स्थापना की परिकल्पना की गई है। नए युग के पाठ्यक्रमों, रक्षा और विमानन क्षेत्रों में उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रदान करने में छात्रों को लाभ होगा। आईआईटी कानपुर के विशेषज्ञों ने पाठ्यक्रम डिजाइन किया है।
इसमें छात्रों को आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, क्लाउड कंप्यूटिंग, डेटा एनालिटिक्स, एडवांस मैन्युफैक्चरिंग, कृषि 2.0 स्मार्ट एग्रीकल्चर, रोबोटिक्स और ऑटोमेशन, उद्योग 4.0 जैसे और अन्य पाठ्यक्रमों की पढ़ाई करवाई जाएगी। जबकि हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) आईआईएस कानपुर में सीएनसी प्रयोगशाला के लिए एक प्रशिक्षण बुनियादी ढांचा विकसित करेगा। इसमें 12 प्रयोगशालाएं, 12 कक्षाएं, बहुउद्देशीय कक्ष, खुला थिएटर, आउटडोर प्रशिक्षण क्षेत्र, सम्मेलन और चर्चा कक्ष व एक कैफेटेरिया सम्मिलित है। यहां छात्रों को सीएनसी मशीनिंग तकनीक के बारे में बताया जाएगा। इसके अलावा, डसॉल्ट एविएशन विमानन क्षेत्र में दीर्घकालिक प्रशिक्षण प्रदान करेगा। वह वैमानिकी संरचना व उपकरण फिटर (एएस एंड ईएफ) में एक पाठ्यक्रम शुरू करने में मदद करेगा।
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