दिल्ली का शिक्षा बोर्ड: इस साल इतने सरकारी स्कूल होंगे शामिल, एजुकेशन के साथ मिलेगा रोजगार
दिल्ली शिक्षा बोर्ड के तीन उद्देश्य होंगे। हर विद्यार्थी देशभक्त हो। हर विद्यार्थी अच्छा इंसान बनें। विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ रोजगार मिले।
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देश की राजधानी दिल्ली का अब खुद का शिक्षा बोर्ड होगा। इसकी घोषणा शनिवार को सूबे के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने की। उन्होंने बताया कि दिल्ली कैबिनेट ने 'दिल्ली बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन' के गठन को मंजूरी दे दी है। इस वक्त दिल्ली में करीब 1000 सरकारी और 1700 निजी स्कूल हैं। जिनमें से ज्यादातर केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी सीबीएसई से संबद्ध हैं। दिल्ली बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन के बनने से अब सीबीएसई से संबद्ध कुछ स्कूलों को दिल्ली शिक्षा बोर्ड में शामिल किया जाएगा। गौरतलब है कि इस वक्त देशभर में सीबीएसई के कुल 24,298 स्कूल हैं।
2021 में सिर्फ 20-25 स्कूल ही होंगे दिल्ली बोर्ड में शामिल
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इस साल दिल्ली बोर्ड में 20 से 25 सरकारी स्कूलों को ही शामिल किया जाएगा। जिन सरकारी स्कूलों को दिल्ली शिक्षा बोर्ड में शामिल किया जाएगा उनकी संबद्धता केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) से हटा दी जाएगी। हालांकि, अभी यह जानकारी नहीं दी गई है कि 1000 सरकारी स्कूलों में से किन सरकारी स्कूलों को इस साल दिल्ली बोर्ड में शामिल किया जाएगा। किस सरकारी स्कूल को दिल्ली बोर्ड में शामिल किया जाएगा इसका फैसला शिक्षक, प्रधानाचार्य और अभिभावकों के साथ बातचीत के बाद लिया जाएगा।
दिल्ली शिक्षा बोर्ड के होंगे ये तीन उद्देश्य
#पहला उद्देश्य
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली शिक्षा बोर्ड के तीन उद्देश्य होंगे। उन्होंने कहा कि बोर्ड का पहला उद्देश्य होगा कि हर विद्यार्थी देशभक्त हो। ऐसे छात्र तैयार होंगे जो हर क्षेत्र में देश की जिम्मेदारी संभालने लायक बनेंगे।
#दूसरा उद्देश्य
दिल्ली शिक्षा बोर्ड का दूसरा लक्ष्य हर छात्र को अच्छा इंसान बनाना होगा। सूबे के मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली शिक्षा बोर्ड का उद्देश्य होगा कि हर विद्यार्थी धर्म व जाति से ऊपर उठकर अच्छा इंसान बनें।
#तीसरा उद्देश्य
दिल्ली शिक्षा बोर्ड का तीसरा उद्देश्य ऐसी शिक्षा प्रणाली तैयार करेगा होगा जो विद्यार्थी को पढ़ाई के साथ ही रोजगार भी दे सकें। दिल्ली शिक्षा बोर्ड विद्यार्थी के रटने पर जोर नहीं देगा। सूबे के मुख्यमंत्री ने कहा कि ये अंतरराष्ट्रीय बोर्ड होगा और विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास पर जोर देगा।
क्या होगा दिल्ली शिक्षा बोर्ड का काम?
जैसा कि सभी राज्य शिक्षा बोर्ड का काम होता है, उसी तरह दिल्ली शिक्षा बोर्ड का भी काम होगा। दिल्ली शिक्षा बोर्ड का काम दसवीं और बारहवीं की बोर्ड परीक्षाएं आयोजित कराना है। दसवीं और बारहवीं कक्षा के लिए पुस्तकें और पाठ्यक्रम निर्धारित करना आदि प्रमुख कार्य होगा। इसके अलावा, सूबे में स्थित अन्य विद्यार्थियों को दिल्ली शिक्षा बोर्ड से मान्यता देना होगा। सूबे के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने साफ कहा कि अभी सिर्फ 20-25 स्कूलों को ही दिल्ली बोर्ड से संबद्ध किया जाएगा। अगले चार-पांच सालों में अन्य स्कूल भी खुद बोर्ड में शामिल होंगे।
दिल्ली शिक्षा बोर्ड की एक गवर्निंग बॉडी होगी। इसकी अध्यक्षता शिक्षा मंत्री करेंगे। एक एग्जीक्यूटिव बॉडी होगी। जिसे एक सीईओ संभालेगा। दोनों समितियों में उद्योग, शिक्षा क्षेत्र के विशेषज्ञ, सरकारी और प्राइवेट स्कूलों के प्रिंसिपल और नौकरशाह होंगे।
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