Vishwa Bharati Controversy: हाईकोर्ट का आदेश, विश्वविद्यालय के 50 मीटर के दायरे में कोई विरोध-प्रदर्शन नहीं होगा
Vishwa Bharati Controversy: विश्व भारती विश्वविद्यालय में जारी बवाल के बीच, कलकत्ता उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को अहम आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने विश्व-भारती विश्वविद्यालय के कुलपति के आवास के बाहर सभी प्रदर्शनों, बैरिकेड्स को हटाने का आदेश दिया है।
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पश्विम बंगाल के शांति निकेतन स्थित विश्व भारती विश्वविद्यालय में जारी बवाल के बीच, कलकत्ता उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को अहम आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने विश्व-भारती विश्वविद्यालय के कुलपति के आवास के बाहर सभी प्रदर्शनों, बैरिकेड्स को हटाने का आदेश दिया है। कलकत्ता उच्च न्यायालय शुक्रवार को विश्व भारती मुद्दे पर दायर एक रिट याचिका पर सुनवाई कर रहा था।
इसके साथ ही कलकत्ता हाईकोर्ट ने प्रशासन भवन या विश्व-भारती विश्वविद्यालय के किसी भी हिस्से पर प्रदर्शनकारी छात्रों द्वारा लगाए गए ताले तोड़ने का भी आदेश दिया। उच्च न्यायालय ने कहा कि विश्वविद्यालय के किसी भवन या भाग से 50 मीटर की दूरी के भीतर किसी भी छात्र या किसी व्यक्ति द्वारा कोई प्रदर्शन नहीं किया जाएगा।
Calcutta HC also ordered locks on administration building or any part of Visva-Bharati University by students to be broken open. No demonstration shall be conducted by any students or any persons within a distance of 50 meters of any portion or part of the University.
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) September 3, 2021
कुलपति की सुरक्षा करने का भी निर्देश दिया
सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि विश्वविद्यालय के 50 मीटर के दायरे में कोई विरोध - प्रदर्शन नहीं किया जा सकता है। विश्व भारती विश्वविद्यालय के किसी भी कर्मचारी को प्रवेश करने से नहीं रोका जा सकता है। अदालत ने शांति निकेतन पुलिस को कुलपति के आवास सहित प्रशासनिक भवन के सभी ताले तोड़ने का भी निर्देश दिया। साथ ही हाईकोर्ट ने पुलिस को कुलपति की सुरक्षा के लिए तीन कांस्टेबल नियुक्त करने का भी निर्देश दिया।
लाउडस्पीकर का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा
कलकत्ता हाईकोर्ट ने कहा, प्रशासन को कड़ी नजर रखनी होगी ताकि विश्वविद्यालय सुचारू रूप से चले। विश्व भारती विश्वविद्यालय क्षेत्र में किसी भी लाउडस्पीकर का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। हाईकोर्ट ने सभी सीसीटीवी कैमरों को चालू करने के निर्देश देते हुए शांति निकेतन पुलिस थाने को हाईकोर्ट में पालना रिपोर्ट सौंपने का भी निर्देश दिया है।
27 अगस्त से कुलपति आवास का कर रखा घेराव
गौरतलब है कि छात्रों और प्रबंधन के बीच गतिरोध के बीच, विश्व भारती विश्वविद्यालय ने चल रहे आंदोलन को लेकर कलकत्ता उच्च न्यायालय का रुख किया। छात्र विश्वविद्यालय परिसर के अंदर विरोध - प्रदर्शन कर रहे हैं और 27 अगस्त से कुलपति विद्युत चक्रवर्ती के आधिकारिक आवास का घेराव कर रहे हैं। तब से ही कुलपति अपने आवास में कैद है। गुरुवार को इस मामले को लेकर शिक्षकों के एक गुट ने विश्व भारती विश्वविद्यालय के चांसलर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी कुलपति विद्युत चक्रवर्ती को हटाने की मांग की थी। शिक्षकों के गुट ने कुलपति के खिलाफ न्यायिक जांच की मांग भी की थी।
तीन छात्रों के निष्कासन के फैसले पर भड़का विरोध
बता दें कि पूरा विवाद 23 अगस्त को तीन छात्रों के निष्कासन के फैसले के बाद शुरू हुआ है। तीनों छात्रों पर जनवरी 2021 के विरोध - प्रदर्शन में भाग लेने के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। इस बीच, शुक्रवार को कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश के बाद बोलपुर के एसडीपीओ अभिषेक रे ने कहा कि हम कलकत्ता हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुसार गतिविधियां कर रहे हैं। विश्व-भारती टीम भी हमारे साथ है।
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