संसद में जवाब : नहीं बदला जाएगा आईआईटी मद्रास का नाम, उच्च शिक्षा आयोग के गठन का बन रहा मसौदा
आईआईटी मद्रास का नाम बदलने को लेकर कई दिनों से चल रही अटकलों पर केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने अब विराम लगा दिया है। दरअसल, कई दिनों से अटकलें लगाई जा रहीं थीं कि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), मद्रास का नाम बदलकर आईआईटी चेन्नई किया जा रहा है।
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आईआईटी मद्रास का नाम बदलने को लेकर कई दिनों से चल रही अटकलों पर केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने अब विराम लगा दिया है। दरअसल, कई दिनों से अटकलें लगाई जा रहीं थीं कि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), मद्रास का नाम बदलकर आईआईटी चेन्नई किया जा रहा है। इस पर संसद के मानसून सत्र के दौरान लोकसभा में एक प्रश्न भी पूछा गया।
आईआईटी मद्रास का नाम बदलने का प्रस्ताव नहीं : प्रधान
लोकसभा में एक लिखित सवाल के जवाब में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सोमवार को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), मद्रास का नाम बदलकर आईआईटी चेन्नई करने के किसी भी प्रस्ताव को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, मद्रास के नाम में संशोधन को लेकर ऐसा कोई प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन नहीं है। गौरतलब है कि 1996 में तमिलनाडु सरकार द्वारा मद्रास शहर का नाम बदलकर चेन्नई कर दिया गया है।
उच्च शिक्षा आयोग विधेयक का मसौदा प्रक्रिया जारी
वहीं, शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि शिक्षा मंत्रालय भारतीय उच्च शिक्षा आयोग (एचईसीआई) की स्थापना के लिए एक विधेयक का मसौदा तैयार करने की प्रक्रिया में है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने लोकसभा में यह जानकारी दी। उन्होंने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा, शिक्षा मंत्रालय ने कैबिनेट की मंजूरी प्राप्त करने के बाद 29 जुलाई, 2020 को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 की घोषणा की थी। मंत्रालय राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अलग-अलग कार्यों को करने के लिए चार स्वतंत्र वर्टिकल- विनियमन, मान्यता, वित्त पोषण, और अकादमिक मानक सेटिंग के साथ एक छत्र निकाय के रूप में भारतीय उच्च शिक्षा आयोग की स्थापना का प्रयास कर रहा है।
इन तीन संस्थाओं का होगा विलय
प्रधान ने कहा, शिक्षा मंत्रालय भारत के उच्च शिक्षा आयोग की स्थापना के लिए एक विधेयक का मसौदा तैयार करने की प्रक्रिया में है। भारतीय उच्च शिक्षा आयोग, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी), अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) और राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) जैसे तीन स्वायत्त निकायों की जगह लेने वाला है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 ने चिकित्सा और कानूनी शिक्षा को छोड़कर, उच्च शिक्षा के लिए हायर एजुकेशन कमीशन को एकछत्र निकाय के रूप में स्थापित करने की सिफारिश की गई है।
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