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NMC: एनएमसी ने 50 प्रतिशत मेडिकल कॉलेजों को जारी किया कारण बताओ नोटिस, इन मानकों का नहीं कर रहे थे पालन

Tue, 12 Dec 2023 12:03 PM IST
आकाश कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: आकाश कुमार Updated Tue, 12 Dec 2023 12:03 PM IST
सार

NMC: राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग ने केरल से लेकर राजस्थान तक के 50 प्रतिशत मेडिकल कॉलेजों को निर्धारित मानकों का पालन नहीं करने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया है। 

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NMC issue Show cause notice to many medical colleges for not following standards
NMC - National Medical Commission - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

NMC: राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) ने लगभग 50 प्रतिशत मेडिकल कॉलेजों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस निर्धारित मानकों का पालन नहीं करने के लिए  जारी किया गया है। बता दें कि एनएमसी मानकों का पालन नहीं करने पर भारत के आधे मेडिकल कॉलेज अपनी मान्यता खो सकते हैं।

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कितने कॉलेजों को मिला कारण बताओ नोटिस? 

349 मेडिकल कॉलेजों और 197 सरकारी सहायता प्राप्त और अन्य निजी को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। कहा जा रहा है कि अगर कॉलेज गलती नहीं सुधारते हैं तो इन कॉलेजों में एडमिशन को एक साल के लिए रोक दिया जाएगा।

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कारण बताओ नोटिस में क्या लिखा था? 

एनएमसी ने अटेंडेंस में कमी और आवश्यक फैकल्टी आवश्यकताओं (न्यूनतम मानक आवश्यकताएं 2020) को पूरा करने में विफलता पाए जाने के बाद केरल के इडुक्की में एक मेडिकल कॉलेज को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

इस नोटिस में लिखा है कि आपका कॉलेज 2023-24 के लिए कॉलेज में चलाए जा रहे मौजूदा एमबीबीएस पाठ्यक्रम के लिए आवश्यक फैकल्टी आवश्यकता (एमएसआर 2020) को पूरा करने में विफल रहा है। सक्षम प्राधिकारी ने इसे गंभीरता से लिया है। आपके कॉलेज से कारण बताओ नोटिस के जरिए पूछा जाता है कि एमएसआर में निहित प्रावधानों के साथ-साथ एनएमसी द्वारा जारी निर्देशों का पालन न करने के खिलाफ क्यों कार्रवाई शुरू नहीं की जानी चाहिए।

इसी तरह राजस्थान के बाड़मेर में मेडिकल कॉलेज को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इसमें लिखा है कि  कॉलेज 2023-24 के लिए कॉलेज में चलाए जा रहे मौजूदा एमबीबीएस पाठ्यक्रम के लिए आवश्यक संकाय आवश्यकता (न्यूनतम मानक आवश्यकताएं 2020) को पूरा करने में विफल रहा है। इसके अलावा, कई कॉलेज उपस्थिति के दिशानिर्देशों को पूरा नहीं करते हैं जो फैकल्टी और वरिष्ठ रेजिडेंट डॉक्टरों के लिए अनिवार्य हैं।

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कितने प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य? 

एमएसआर 2023 दिशानिर्देशों के खंड 3.2 के अनुसार, सभी फैकल्टी और वरिष्ठ रेजिडेंट डॉक्टरों की कम से कम 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य है। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) द्वारा निर्धारित मानकों का पालन नहीं करने की वजह से पिछले एक से दो महीनों में लगभग 40 मेडिकल कॉलेजों ने मान्यता खो दी है।

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