NExT: 2021-22 बैच से प्रभावी होगा राष्ट्रीय एक्जिट टेस्ट, केंद्रीय मंत्री प्रतापराव जाधव ने की घोषणा
NExT: केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने घोषणा की है कि आयुष के लिए राष्ट्रीय एक्जिट टेस्ट (NExT) 2021-2022 बैच से प्रभावी होगा। एक साल की इंटर्नशिप पूरी करने के बाद राज्य या राष्ट्रीय रजिस्टर में लाइसेंस और नामांकन के लिए यह परीक्षा अनिवार्य है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
NExT: केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने गुरुवार को आयुष मंत्रालय में मीडिया को संबोधित करने के दौरान घोषणा की कि आयुष के लिए राष्ट्रीय एक्जिट टेस्ट (NExT) 2021-2022 बैच से प्रभावी होगा। जाधव ने आगे कहा कि इस मामले में छात्रों की चिंताओं की समीक्षा के लिए इस संबंध में गठित समिति की सिफारिश पर यह निर्णय लिया गया है।
समिति ने सिफारिश है कि एनआईसीएसएम और एनसीएच अधिनियम, 2020 के तहत 2021-22 शैक्षणिक सत्र में नामांकित छात्रों पर NExT लागू किया जाएगा। समिति की अध्यक्षता प्रोफेसर संजीव शर्मा ने की, जो छात्रों के सुझावों की समीक्षा करने और मंत्रालय को सिफारिशें प्रस्तुत करने के लिए जिम्मेदार थे।
लाइसेंस और नामांकन के लिए जरूरी है NExT परीक्षा
एक साल की इंटर्नशिप पूरी करने के बाद राज्य या राष्ट्रीय रजिस्टर में लाइसेंस और नामांकन के लिए यह परीक्षा अनिवार्य है। इसकी संरचना एक समस्या-आधारित परीक्षा है, जिसमें व्यावहारिक कौशल का मूल्यांकन करने के लिए नैदानिक मामले के परिदृश्य, चित्र और वीडियो शामिल हैं।
ऐसे इंटर्न जिन्होंने अपनी इंटर्नशिप पूरी नहीं की है, लेकिन NExT में अर्हता प्राप्त कर लेते हैं, वे एक साल की इंटर्नशिप पूरी करने के बाद ही राज्य या राष्ट्रीय पंजीकरण बोर्ड में पंजीकरण कर सकेंगे।
राष्ट्रीय भारतीय चिकित्सा पद्धति आयोग (एनसीआईएसएम) अधिनियम 2020 और राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग (एनसीएच) अधिनियम, 2020 क्रमशः 11 जून, 2021 और 5 जुलाई, 2021 से प्रभावी हुए।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि राष्ट्रीय भारतीय चिकित्सा पद्धति आयोग (एनसीआईएसएम) अधिनियम 2020 और राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग (एनसीएच) अधिनियम, 2020 के प्रावधानों के तहत आयोगों द्वारा इन अधिनियमों के लागू होने की तारीख से तीन साल के भीतर राष्ट्रीय एक्जिट टेस्ट (नेक्स्ट) आयोजित किया जाना आवश्यक है।
मंत्री ने कहा कि हमारा उद्देश्य आयुष शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा मानकों की गुणवत्ता बनाए रखने के साथ-साथ निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रिया सुनिश्चित करना है।
मंत्री ने सभी नागरिकों के स्वास्थ्य और भलाई पर केंद्रित एक प्रमुख राष्ट्रव्यापी अभियान "देश का प्रकृति परीक्षण अभियान" भी शुरू किया। उन्होंने यह भी कहा कि अभियान का नेतृत्व आयुष मंत्रालय और राष्ट्रीय भारतीय चिकित्सा पद्धति आयोग (NCISM) द्वारा किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य प्राकृतिक प्रथाओं के माध्यम से स्वास्थ्य को बढ़ावा देना है।
इस अभियान में 4.5 लाख से अधिक प्रतिभागी शामिल होंगे, जिनमें 1,35,000 छात्र, 20,000 स्नातकोत्तर छात्र, 18,000 शिक्षक और 3 लाख चिकित्सक शामिल हैं। मंत्री ने आगे कहा कि इस अभियान का लक्ष्य पांच गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाना है और यह प्रधानमंत्री के आयुर्वेद को दैनिक जीवन में शामिल करने के दृष्टिकोण से जुड़ा है, जो 'जन-जन तक आयुर्वेद' 'हर-घर आयुर्वेद' के मंत्र में समाहित है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में राष्ट्रीय भारतीय चिकित्सा पद्धति आयोग (एनसीआईएसएम) के अध्यक्ष वीडी जयंत देवपुजारी और राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग के अध्यक्ष अनिल खुराना भी मौजूद थे।
कमेंट
कमेंट X