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अब 10+2 नहीं 5+3+3+4 से होगी पढ़ाई, अमर उजाला पर समझिये इसका मतलब

Thu, 30 Jul 2020 03:14 PM IST
Garima Garg एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: Garima Garg Updated Thu, 30 Jul 2020 03:14 PM IST
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New curriculum and educational structure will be under 5-3-3-4
Education

नई नीति में पूरे पाठ्यक्रम और शैक्षणिक ढांचे को 5-3-3-4 के तहत चार हिस्सों में बांटा गया है। पहले पांच में नर्सरी, केजी और अपर-केजी होंगे। फाउंडेशन वर्ग का गठन होगा, जिसमें तीन साल बच्चे प्री-स्कूलिंग शिक्षा लेंगे और फिर पहली और दूसरी में पढ़ेंगे। पांच सालों के लिए एनसीईआरटी विशेष पाठ्यमक्रम बनाएगा। इसमें किताबी ज्ञान के साथ खेलकूद, मनोरंजन से सीखाना है, ताकि मानसिक और शारीरिक विकास सामान्य हो। एक्टिविटी आधारित लर्निंग पर फोकस होगा और 3 से 8 साल तक बच्चे कवर होंगे। रिपोर्ट कार्ड में बदलाव होगा और आकलन तीन स्तर पर होगा। पहला छात्र, दूसरा सहपाठी और तीसरे शिक्षक। नेशनल असेसमेंट सेंटर परख सीखने की क्षमता का आर्टिफिशिल इंटेलीजेंस आधारित सॉफ्टवेयर परीक्षण करेगा।

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प्राथमिक-
दूसरे वर्ग में तीसरी, चौथी व पांचवीं के छात्र शामिल होंगे। इसमें बच्चों को प्रयोगों के माध्यम से गणित, विज्ञान और कला आदि विषयों की पढ़ाई करवायी जाएगी। इसमें 8-11 आयु वर्ग के बच्चे शामिल होंगे।
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माध्यमिक-
इस वर्ग में छठीं, सातवीं और आठवीं कक्षा होगी और 11-14 आयु वर्ग के छात्रों को शामिल किया जाएगा। इसमें विषय आधारित पाठ्यक्रम पढ़ाया जाएगा। छठवीं कक्षा से ही कौशल विकास कोर्स शुरू होंगे और अनिवार्य व्यावसायिक ट्रेनिंग व पढ़ाई होगी। इसमें दस दिन की लोकल क्राफ्ट की इंटर्नशिप करनी पड़ेगी। इसी कक्षा से छात्रों को कोडिंग सिखाई जाएगी। शिक्षा में तकनीक के इस्तेमाल पर जोर होगा। इसमें ऑनलाइन शिक्षा का क्षेत्रीय भाषाओं में कंटेट तैयार करना, वर्चुअल लैब, डिजिटल लाइब्रेरी आदि शामिल होंगी।
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सेकेंडरी स्टेज-
चौथे वर्ग में 9वीं से 12वीं तक की पढ़ाई होगी। इस दौरान बोर्ड की तैयारी पर फोकस होगा। छात्रों को विषयों चुनने की आजादी होगी। अपने विषय के साथ-साथ बहुविषयक जानकारियों को बढ़ावा दिया जाएगा। बोर्ड परीक्षा रट्टा की बजाय ज्ञान बढ़ाने पर आधारित हो, इसलिए पाठ्यक्रम कम किया जाएगा।

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