NEET Counselling 2021: अगले साल होगी काउंसलिंग, छात्रों को करना होगा इंतजार, एमसीसी ने जारी किया नोटिस
NEET UG COUNSELLING 2021: मेडिकल काउंसिलिंग कमेटी (एमसीसी) ने अपने आधिकारिक बयान में संकेत दिया है कि मेडिकल कॉलेज में प्रवेश और काउंसलिंग प्रक्रिया का इंतजार कर रहे लाखों छात्रों को एक और महीने इंतजार करना होगा।
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NEET UG COUNSELLING 2021: राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) 2021 के परिणाम घोषित हुए एक महीने से अधिक समय हो गया है। जहां छात्र नीट 2021 की काउंसलिंग और प्रवेश प्रक्रिया का इंतजार कर रहे हैं, वहीं अब पता चला है कि छात्रों को प्रक्रिया शुरू होने से पहले एक महीने और इंतजार करना होगा। चिकित्सा परामर्श समिति (एमसीसी) ने अपने पहले आधिकारिक बयान में इसे स्पष्ट किया है। एमसीसी ने छात्रों को सूचित किया है कि सुप्रीम कोर्ट में चल रहे मामले के बीच नीट 2021 की काउंसलिंग में देरी होगी।
एमसीसी ने अपने आधिकारिक बयान में क्या कहा?
एमसीसी ने एक आधिकारिक नोटिस में कहा, "नीट-यूजी, 2021 काउंसलिंग में भाग लेने के इच्छुक सभी उम्मीदवारों को सूचित किया जाता है कि कार्यालय ज्ञापन दिनांक 30.07.2021 भारत के माननीय सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष चुनौती के अधीन है।" कार्यवाही की सुनवाई 6 जनवरी 2022 को सूचीबद्ध की जाएगी। यह उम्मीदवारों की जानकारी के लिए है।
सुप्रीम कोर्ट में किस मामले की हो रही है सुनवाई?
सुप्रीम कोर्ट वर्तमान में मूल्यांकन कर रहा है कि मेडिकल कॉलेज में प्रवेश के लिए ईडब्ल्यूएस कोटे की 8 लाख रुपये की सीमा कितनी व्यवहार्य है। मामले की अगली सुनवाई 6 जनवरी 2022 को होगी। बता दें कि अभी ईडब्ल्यूएस श्रेणी की सीटें उनके लिए सुरक्षित हैं जिनकी पारिवारिक आय 8 लाख रुपये से कम है। यदि ईडब्ल्यूएस कोटा संशोधित किया जाता है, तो इससे उन उम्मीदवारों की संख्या भी बदल जाएगी जो कोटा से लाभ उठाने के योग्य होंगे और कॉलेज प्रवेश को प्रभावित करेंगे।
रेजिडेंट डॉक्टर्स की मांग
वहीं सुप्रीम कोर्ट में चल रहे मामले की वजह से नीट पीजी काउंसलिंग में भी देरी हो रही है। जिससे परेशान रेजिडेंट डॉक्टर लगभग दो सप्ताह से हड़ताल कर रहे हैं। रेजिडेंट डॉक्टर की मांग है कि मेडिकल छात्रों की शीघ्र काउंसलिंग की जाए, क्योंकि देरी की वजह से छात्रों का एक साल बर्बाद हो रहा है और अस्पताल में डॉक्टर्स की भी कमी हो रही है। इन मांगो को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने शीर्ष अदालत से मामले की जल्द से जल्द सुनवाई का अनुरोध किया है।
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