NEET PG Counselling 2021 : नीट काउंसलिंग में देरी के कारण रेजीडेंट डॉक्टरों ने बुलाई हड़ताल, ओपीडी सेवाओं पर असर
NEET PG Counselling 2021 : राष्ट्रीय प्रवेश सह परीक्षा (नीट) पीजी काउंसलिंग 2021 में हुई देरी के कारण फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (फोर्डा) की तरफ से शुक्रवार को देशव्यापी हड़ताल बुलाई गई है। पीजी दाखिले में देरी से परेशान हो रहे हैं उम्मीदवार।
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डॉक्टर बनने की चाहत लिए सैकड़ों स्वास्थ्य के छात्रों का भविष्य अधर में लट गया है। राष्ट्रीय प्रवेश सह परीक्षा (नीट) पीजी काउंसलिंग 2021 में देरी के कारण कई अस्पतालों के विभिन्न विभागों में भी कामकाज में बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं। नीट पीजी 2021 के जरिए देश भर में स्वास्थ्य के कॉलेजों में दाखिले होते हैं। लेकिन अभी तक काउंसलिंग शुरू न होने की वजह से कई अस्पताल में कार्य करने वाले रेजिडेंट डॉक्टरों पर काम का बोझ बड़ गया है। इसके कारण अब कई डॉक्टरों के कई संगठनों ने शुक्रवार को देशव्यापी हड़ताल बुलाई है।
फेडरेशन ऑफ रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (फोर्डा) ने आज शनिवार को राज्य स्तरीय रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के साथ वर्चुअल मीटिंग के बाद यह घोषणा की है कि ओपीडी सेवाओं को आगे भी बंद ही रखा जाएगा। वहीं 29 नवंबर 2021 को एक देशव्यापी समीक्षा मीटिंग की जाएगी।
#UPDATE | Following a virtual meeting with State RDA Representatives today, it has been decided that “Withdrawal from OPD Services” by Resident Doctors will be continued. A nation-level review meeting will be held on Nov 29: Federation of Resident Doctors’ Association (FORDA) pic.twitter.com/l0EdrAJ2Lj
— ANI (@ANI) November 27, 2021
अस्पतालों में कार्यरत रेजिडेंट डॉक्टरों का कहना है कि कोविड-19 महामारी के कारण पहले से ही उन पर काम का बहुत अधिक बोझ है। इसके बाद पीजी मेडिसिन के लिए हुई नीट काउंसलिंग 2021 में देरी की वजह से उन्हें प्रथम वर्ष का भी काम करना पड़ रहा है। क्योंकि प्रवेश की प्रक्रिया ही बाधित है। डॉक्टरों ने हड़ताल के माध्यम से अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि द्वितीय और तृतीय वर्ष को पूरा कर चुके रेजीडेंट डॉक्टरों का तनाव लगातार बढ़ रहा है, जो पूरी तरह अनुचित है। इसलिए काउंसलिंग को जल्द से जल्द शुरू करते हुए पीजी मेडिसिन पाठ्यक्रम की प्रवेश प्रक्रिया को पूरा किया जाना चाहिए। मौजूदा वक्त में आलम ये है कि कई अस्पतालों में कार्यरत रेजीडेंट डॉक्टरों ने इस देरी के कारण ओपीडी सेवाओं का भी बहिष्कार कर दिया है।
फोर्डा ने हड़ताल की घोषणा की
कई डॉक्टरों ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि इसी तरह से काउंसलिंग में देरी होती रही तो डॉक्टरों के करियर के लिए और उन्हें मिलने वाले प्रशिक्षण में बहुत देरी हो जाएगी। उनका समय बर्बाद हो रहा है। फेडरेशन ऑफ रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (फोर्डा) भी हड़ताल कर रही है। फोर्डा का कहना है कि देश के रेजिडेंट डॉक्टर कोविड-19 महामारी के कारण पहले से ही बोझ से दबे और थके हुए हैं, इसके बावजूद वे आज तक पीजी 2021 काउंसलिंग की धैर्यपूर्वक प्रतीक्षा कर रहे हैं। उन्हें शारीरिक और मानसिक संकट से कोई राहत नहीं मिल रही है। हड़ताल में फेडरेशन ऑफ ऑल मेडिकल असोसिएशन (फेमा) और मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज (एमएएमसी) के रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (आरडीए) ने भी अपना समर्थन दिया है।
25 अक्टूबर को होनी थी काउंसलिंग
25 अक्टूबर 2021 को काउंसलिंग शुरू होनी थी। लेकिन कुछ छात्र नीट में शुरू हुई दो आरक्षित श्रेणियों - 27 फीसद ओबीसी - नॉन क्रीमी लेयर और 10 फीसद गैर आरक्षित वर्गों के लिए शुरू हुई ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर) के इस वर्ष लागू होने के खिलाफ उच्चतम न्यायालय चले गए थे। यह मामला अभी कोर्ट में विचाराधीन है। इस मामले की अगली सुनवाई 6 जनवरी 2022 को है।
आधा वर्ष बर्बाद, छात्र परेशान
करियर के लिहाज से ऐसे कई मेडिकल के छात्रों में भी तनाव नजर आने लगा है। ऐसे कई छात्रों का कहना है कि उनका आधा वर्ष बर्बाद हो चुका है। 11 सितंबर 2021 को नीट की परीक्षा हुई थी। इसके परिणाम 28 सितंबर 2021 को आ गए थे। नतीजे आए हुए अब पूरे दो महीने गुजर चुके हैं। ऐसे में वह भी बहुत परेशान हैं।
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