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NASA Rover Challenge 2023: नासा रोवर चैलेंज के लिए छह भारतीय छात्रों का चयन, अमेरिका जाएंगे

Thu, 06 Apr 2023 11:14 AM IST
सौरभ पांडेय एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: सौरभ पांडेय Updated Thu, 06 Apr 2023 11:14 AM IST
सार

NASA: नासा रोवर चैलेंज 2023 में भाग लेने के लिए भारत से छह छात्र अगले सप्ताह अमेरिका की यात्रा करेंगे।

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NASA Rover Challenge 2023 Six students from across India will participate
नासा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

NASA Rover Challenge 2023: नासा रोवर चैलेंज 2023 में भाग लेने के लिए भारत से छह छात्र अगले सप्ताह अमेरिका जाएंगे। बता दें कि इन छात्रों ने अपने गांवों से बाहर कभी कदम भी नहीं रखा है, वे अब अमेरिका के अलबामा के हंट्सविले में अमेरिकी एजेंसी के अंतरिक्ष और रॉकेट केंद्र के लिए उड़ान भरेंगे।

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नासा रोवर चैलेंज के लिए जिन छह भारतीय छात्रों का चयन हुआ है। उनमें सिद्धांत घोष मुंबई से हैं, चित्तिनेनी आकर्ष आंध्र प्रदेश से हैं, साई अक्षरा वेमुरी आंध्र प्रदेश से हैं, जबकि बासुदेबा भोई, आकांक्षा दास और ओम पाधी ओडिशा से हैं।

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उन्होंने एक ऐसा रोवर बनाया है जो मंगल और चंद्रमा की सतह की खोज करने और डेटा और छवियों को वापस लाने में सक्षम है। उनकी टीम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए पूरी तरह तैयार है और 14 अप्रैल को हंट्सविले, अलबामा की यात्रा करेगी।

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एक अनाथालय में रहने वाली आकांक्षा दास, सरकारी आईटीआई भुवनेश्वर में पढ़ती हैं, उन्होंने न्यूज एजेंसी एएनआई को बताया, "पूरे भारत में साक्षात्कार किया गया था, साक्षात्कार में पांच हजार से अधिक छात्रों ने भाग लिया और उनमें से छह छात्रों को भारत के लिए नासा रोवर चुनौती के लिए चुना गया। हम नासा को एक प्रस्ताव भेजते हैं। उन्होंने हमारे प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया और हम सभी दिशानिर्देशों का पालन करते हैं। हमने एक हल्का रोवर बनाया है। पिछले संस्करण में हमें विश्व मे तीसरी रैंक मिली थी। इस वर्ष हम विश्व रैंक में प्रथम स्थान लाने की उम्मीद करते हैं।

बाल गृह में रहने वाली ओम पाढ़ी ने कहा कि अनाथालय के लोगों ने उसकी मदद की। "अनाथालय के लोग मेरी प्रतिभा का पोषण करते हैं। उन्होंने हमेशा मुझे शिक्षा हो या विज्ञान में मेरी रुचि को पूरी करने की कोशिश की। उन्हें नासा परियोजना के बारे में पता चला और वे मुझे अनिल सर से मिलवाने ले गए। मैंने एक इंटरव्यू दिया और चुना गया। बता दें कि अनिल प्रधान यंग टिंकर एजुकेशनल फाउंडेशन के संस्थापक और टीम के मेंटर हैं।

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