{"_id":"5a91365a4f1c1b5e028b70dc","slug":"modification-in-the-course-of-uppcs-main-examination-pattern-like-as-ias-exam","type":"story","status":"publish","title_hn":"UPPCS के नए सिलेबस को आयोग की हरी झंडी, IAS की तर्ज पर होगी परीक्षा","category":{"title":"Education","title_hn":"शिक्षा","slug":"education"}}
UPPCS के नए सिलेबस को आयोग की हरी झंडी, IAS की तर्ज पर होगी परीक्षा
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Updated Sat, 24 Feb 2018 03:24 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीसीएस परीक्षा-2018 का आयोजन आईएएस परीक्षा की तर्ज पर किया जाएगा। इसके लिए उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) ने पीसीएस मुख्य परीक्षा का पाठ्यक्रम संशोधित कर दिया और शुक्रवार को हुई बैठक में आयोग ने मुहर भी लगा दी। अंतिम मंजूरी के लिए शासन के पास आयोग ने पारित प्रस्ताव भेज दिया है। वहां से स्वीकृति मिलते ही आयोग संशोधित पाठ्यक्रम के आधार पर पीसीएस परीक्षा-2018 का विज्ञापन जारी कर देगा।
विज्ञापन
आयोग के सचिव जगदीश के अनुसार अध्यक्ष एवं सदस्यों की शुक्रवार को हुई बैठक में निर्णय लिया गया है कि पीसीएस मुख्य परीक्षा अब संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा की तर्ज पर कराई जाएगी। इसके लिए आयोग ने विशेषज्ञों से पाठ्यक्रम तैयार करा लिया है और शुक्रवार को आयोजित बैठक में संशोधित पाठ्यक्रम को अनुमोदित कर दिया गया। संशोधित पाठ्यक्रम के तहत पीसीएस मुख्य परीक्षा में भी सामान्य अध्ययन के चार पेपर शामिल किए जाएंगे और चारों पेपरों की लिखित परीक्षा होगी, जैसा कि आईएएस की मुख्य परीक्षा में होता है।
विज्ञापन
इसके अलावा दो वैकल्पिक विषयों के बजाय एक विकल्प की व्यवस्था लागू की जाएगी, जबकि 150-150 नंबर के सामान्य हिंदी एवं निबंध के पेपर को पहले की तरह ही बरकरार रखा जाएगा। नए पैटर्न में सामान्य अध्ययन का हर पेपर 200-200 यानी कुल 800 नंबर का होगा, जबकि मौजूदा व्यवस्था में कुल 400 अंक के सामान्य अध्ययन के दो पेपर आते हैं। इसके अलावा नई व्यवस्था में वैकल्पिक विषय के कुल 400 अंक रह जाएंगे, जबकि अभी कुल 800 अंक के दो वैकल्पिक विषय होते हैं।
विज्ञापन
अधिकतम 100 अंकों का होगा साक्षात्कार
संशोधित व्यवस्था के तहत पीसीएस परीक्षा का साक्षात्कार 200 के बजाय 100 अंकों का होगा। ऐसे में लिखित परीक्षा का महत्व बढ़ जाएगा और इंटरव्यू की आड़ में अधिक नंबर देकर परीक्षार्थियों को लाभ पहुंचाए जाने जैसी शिकायतों भी खत्म हो जाएंगी।
कमेंट
कमेंट X