फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Education ›   Medical courses to be also taught in Hindi medium in Madhya Pradesh said medical education minister

मध्य प्रदेश: हिंदी भाषा में शुरू होगा चिकित्सा पाठ्यक्रम, पांच वर्ष पहले इस वजह से नहीं हुई थी शुरुआत

Wed, 15 Sep 2021 02:15 PM IST
वर्तिका तोलानी एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: वर्तिका तोलानी Updated Wed, 15 Sep 2021 02:15 PM IST
सार

Madhya Pradesh: इससे पहले 2016 में, अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय ने हिंदी में इंजीनियरिंग और चिकित्सा शिक्षा की घोषणा की थी। हालांकि, विश्वविद्यालय हिंदी में एमबीबीएस पाठ्यक्रम शुरू नहीं कर सका क्योंकि इसे भारतीय चिकित्सा परिषद से अनुमति नहीं मिली थी।

विज्ञापन
Medical courses to be also taught in Hindi medium in Madhya Pradesh said medical education minister
हिंदी भाषा में होगी चिकित्सा पाठ्यक्रम की पढ़ाई - फोटो : source

विस्तार

मध्य प्रदेश में हिंदी भाषा में भी चिकित्सा पाठ्यक्रम पढ़ाया जाएगा। इस बता की घोषणा राज्य के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने की है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार "निकट भविष्य में" हिंदी में चिकित्सा का अध्ययन करने का विकल्प देगी। एमबीबीएस कोर्स, नर्सिंग और अन्य पैरामेडिकल कोर्स में हिंदी माध्यम कैसे शुरू किया जाए, यह तय करने के लिए हम जल्द से जल्द एक समिति बनाने जा रहे हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि चिकित्सा शिक्षा पाठ्यक्रम (सामग्री) हिंदी में भी तैयार हो। बता दें कि इस फैसले का मकसद छात्रों में सामाजिक और चिकित्सकीय नैतिकता की भावना पैदा करना है। 

विज्ञापन

पहले भी हो चुकी है हिंदी भाषा में चिकित्सा पढ़ाने की कोशिश
इससे पहले 2016 में, अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय ने हिंदी में इंजीनियरिंग और चिकित्सा शिक्षा की घोषणा की थी। जिसके बाद हिंदी माध्यम में इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम की शुरुआत भी की, लेकिन पहले वर्ष में केवल तीन छात्रों ने प्रवेश लिया, और बाद में, विश्वविद्यालय ने पाठ्यक्रम बंद कर दिया, और छात्रों को अंग्रेजी माध्यम में इंजीनियरिंग जारी रखने के लिए निजी कॉलेजों में स्थानांतरित कर दिया गया। हालांकि, विश्वविद्यालय हिंदी में एमबीबीएस पाठ्यक्रम शुरू नहीं कर सका क्योंकि इसे भारतीय चिकित्सा परिषद से अनुमति नहीं मिली थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

हिंदी विश्वविद्यालय द्वारा किया जाएगा अनुवाद
हिंदी विश्वविद्यालय के कुलपति रामदेव भारद्वाज ने कहा कि अब, राज्य सरकार ने पाठ्यक्रम के लिए अनुमति लेने का फैसला किया है और पाठ्यक्रम हिंदी विश्वविद्यालय द्वारा तैयार किया जाएगा। हिंदी माध्यम परियोजना में इंजीनियरिंग की विफलता के पीछे का कारण इंजीनियरिंग शब्दावली का हिंदी में अनुवाद था। लेकिन अब, हमने अंग्रेजी भाषा से मेडिकल कोर्स की शब्दावली को बनाए रखने का फैसला किया है ताकि छात्रों को मेडिकल शिक्षा के बारे में सीखने में कोई कठिनाई न हो।

विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें शिक्षा समाचार आदि से संबंधित ब्रेकिंग अपडेट।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed