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Hindi News ›   Education ›   Massive job creation in 9 years; 1.25 crore got employment since 2014 says Bhupender Yadav on Data

Job Creation in Modi Govt: मोदी सरकार में अब तक 1.25 करोड़ को मिला रोजगार, केंद्रीय श्रम मंत्री ने बताए आंकड़ें

Thu, 22 Jun 2023 04:47 PM IST
देवेश शर्मा एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: देवेश शर्मा Updated Thu, 22 Jun 2023 04:47 PM IST
सार

Job Creation in Modi Govt: केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री भूपेंद्र यादव ने गुरुवार को मंत्रालय द्वारा किए आंकड़ों का जिक्र करते हुए कहा कि देश में पिछले नौ वर्षों में रोजगार के अवसरों में भारी वृद्धि देखी गई है और 2014 के बाद से लगभग 1.25 करोड़ नई नौकरियां पैदा हुई हैं।

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Massive job creation in 9 years; 1.25 crore got employment since 2014 says Bhupender Yadav on Data
भूपेंद्र यादव, केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री भूपेंद्र यादव ने गुरुवार को मंत्रालय द्वारा किए गए आंकड़ों का जिक्र करते हुए कहा कि देश में पिछले नौ वर्षों में रोजगार के अवसरों में भारी वृद्धि देखी गई है और 2014 के बाद से लगभग 1.25 करोड़ नई नौकरियां पैदा हुई हैं। यादव ने कहा कि 2014 से 2022 की अवधि में रोजगार में भारी बढ़ोतरी हुई है। मंत्री पिछले नौ वर्षों के दौरान श्रम मंत्रालय के कामकाज पर प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे। 

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उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इस अवधि के दौरान देश में लगभग 1.25 करोड़ नौकरियां पैदा हुईं। मंत्री ने अपने बयान की पुष्टि के लिए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के आंकड़ों का हवाला दिया। यदि आप ईपीएफओ डेटा देखें, तो पेंशनभोगियों की संख्या (कर्मचारी पेंशन योजना 1995 के तहत) 2014-15 में 51 लाख से बढ़कर 2021-22 में 72 लाख हो गई है। उन्होंने समझाया, यदि आप देखें तो लगभग 22 लाख लोग सेवानिवृत्त हुए लेकिन पंजीकरण ईपीएफओ द्वारा संचालित सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत वृद्धि हुई है। 

 

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यादव ने कहा, ईपीएफओ डेटा से पता चला है कि 2014-15 में पंजीकृत ग्राहकों की कुल संख्या 15.84 करोड़ थी, जो 2021-22 में बढ़कर 27.73 करोड़ हो गई। उन्होंने इस सप्ताह में जारी ईपीएफओ के नवीनतम पेरोल डेटा का भी उल्लेख किया, जिससे पता चला कि इस साल अप्रैल में 17.20 लाख नए सदस्य जुड़े। ईपीएफओ के साथ नए सदस्यों का नामांकन 2022-23 में 1.38 करोड़ था, जो 2021-22 में 1.22 करोड़ से अधिक और 2020-21 में 77.08 लाख था। आंकड़ों के अनुसार, 2019-20 (प्री-कोविड) में लगभग 78.58 लाख और 2018-19 में 61.12 लाख सदस्य जुड़े।

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श्रम एवं रोजगार मंत्री ने कहा कि संगठित श्रमिक कुल कार्यबल का केवल 10 प्रतिशत हैं और 90 प्रतिशत अनौपचारिक क्षेत्र में आते हैं। JAM (जनधन आधार मोबाइल) के बारे में बात करते हुए, मंत्री ने कहा कि आज हम 400 विभिन्न व्यावसायों में लगे लगभग 30 करोड़ श्रमिकों को ई-श्रम पोर्टल के तहत नामांकित करने में सक्षम हैं। 
 

उन्होंने बताया कि शुरुआत में ई-श्रम पोर्टल पर नामांकन के लिए व्यावसायों की 120 श्रेणियां थीं, जिसे बाद में बढ़ाकर 400 कर दिया गया। असंगठित श्रमिकों के लिए एक राष्ट्रीय डेटाबेस बनाने के उद्देश्य से ई-श्रम पोर्टल 26 अगस्त, 2021 को लॉन्च किया गया था। मंत्री ने नेशनल करिअर सर्विस (NCS) पोर्टल के बारे में भी बात की, जिसने पिछले नौ वर्षों के दौरान 1.39 करोड़ रिक्तियां जुटाने में मदद की। एनसीएस पोर्टल पर वर्तमान में 11.25 लाख सक्रिय नियोक्ता और 6.42 लाख सक्रिय रिक्तियां हैं।  
 

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