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यूजीसी ने पीएचडी कोर्स वर्क में शामिल किए दो नए पाठ्यक्रम
Sun, 29 Dec 2019 09:26 AM IST
Mohit Mudgal
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Published by: Mohit Mudgal
Updated Sun, 29 Dec 2019 09:26 AM IST
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विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने पीएचडी छात्रों के लिए पंजीकरण से पहले पाठ्यक्रम के लिए प्रकाशन नैतिकता और कदाचार के दो नए पाठ्यक्रमों का अध्ययन अनिवार्य बना दिया है। आयोग ने हाल ही में एक बैठक में यह फैसला लिया है।
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यूजीसी के एक अधिकारी ने बताया कि आयोग ने अपनी हालिया बैठक में पंजीकरण से पहले पाठ्यक्रम के लिए सभी पीएचडी छात्रों के लिए प्रकाशन नैतिकता (पब्लिकेशन एथिक्स) और प्रकाशन कदाचार (पब्लिकेशन मिसकंडक्ट) के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए दो क्रेडिट कोर्स को मंजूरी दी।
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यूजीसी ने सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को निर्देश दिए हैं कि यह सुनिश्चित करें कि अगले सत्र से ये दो कोर्स भी पीएचडी कोर्स वर्क में भी शामिल किए जाएं। पीएचडी पाठ्यक्रम में वर्तमान में अनुसंधान पद्धति (रिसर्च मेथोडोलॉजी) शामिल है, जिसमें मात्रात्मक तरीकों (क्वांटेटिव मेथड), कंप्यूटर अनुप्रयोगों (कंप्यूटर एप्लीकेशन) और प्रकाशित शोध की समीक्षा जैसे क्षेत्रों के कोर्स शामिल हैं।
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