फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Education ›   Maharashtra to Implement CBSE Curriculum Up to Class 12 by 2028; New Syllabus to Begin from 2025

CBSE: महाराष्ट्र में 2028 तक कक्षा 12 तक लागू होगा सीबीएसई पाठ्यक्रम, शिक्षा मंत्री भुसे ने दी जानकारी

Mon, 24 Mar 2025 09:38 PM IST
आकाश कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: आकाश कुमार Updated Mon, 24 Mar 2025 09:38 PM IST
सार

CBSE: महाराष्ट्र में 2028 तक कक्षा 12 तक CBSE पाठ्यक्रम लागू होगा। 2025 से कक्षा 1 से शुरुआत होगी और चरणबद्ध तरीके से सभी कक्षाओं में लागू किया जाएगा। नया पाठ्यक्रम सतत मूल्यांकन, सॉफ्ट स्किल विकास और प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी में मदद करेगा।
 

विज्ञापन
Maharashtra to Implement CBSE Curriculum Up to Class 12 by 2028; New Syllabus to Begin from 2025
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Freepik

विस्तार

CBSE: महाराष्ट्र के स्कूल शिक्षा मंत्री दादा भुसे ने सोमवार को राज्य विधानसभा और परिषद में घोषणा की कि 2028 तक राज्य में कक्षा 12 तक CBSE पाठ्यक्रम लागू किया जाएगा।

विज्ञापन


भुसे ने बताया कि 2025 से कक्षा 1 के लिए नया पाठ्यक्रम शुरू होगा, और धीरे-धीरे अन्य कक्षाओं में लागू किया जाएगा। 2026 में कक्षा 2, 3, 4 और 6, 2027 में कक्षा 5, 7, 9 और 11, और अंत में 2028 में कक्षा 8, 10 और 12 को नया पाठ्यक्रम शामिल किया जाएगा।

विज्ञापन

नए पाठ्यक्रम की तैयारी शुरू

मंत्री ने बताया कि कक्षा 1 के लिए नए पाठ्यक्रम की किताबें तैयार की जा रही हैं और इस काम की जिम्मेदारी बालभारती को सौंपी गई है। बालभारती राज्य शिक्षा बोर्ड के पाठ्यक्रम में जरूरी बदलाव कर रहा है ताकि छात्रों को बेहतर शिक्षा मिल सके।

नए पाठ्यक्रम के फायदे

  • केवल अंतिम परीक्षा पर निर्भर रहने के बजाय निरंतर और व्यापक मूल्यांकन पर जोर दिया जाएगा।
  • यह छात्रों के सॉफ्ट स्किल्स (जैसे संचार, विश्लेषण, समस्या समाधान) के विकास में मदद करेगा।
  • इससे छात्रों को प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी करने का मौका मिलेगा।
  • शिक्षा में प्रायोगिक ज्ञान और तकनीक को अधिक महत्व दिया जाएगा।
विज्ञापन

विवादों के बावजूद सरकार का रुख साफ

इस फैसले पर कुछ लोगों ने सवाल उठाए, लेकिन मंत्री ने इसे छात्रों के हित में जरूरी बदलाव बताया। उन्होंने कहा कि बालभारती द्वारा तैयार की जा रही नई किताबें तकनीकी ज्ञान पर केंद्रित होंगी, जिससे छात्रों को व्यावहारिक शिक्षा मिलेगी और वे भविष्य के लिए बेहतर तैयार हो सकेंगे।

राज्य सरकार का मानना है कि CBSE पाठ्यक्रम लागू होने से महाराष्ट्र के छात्रों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में मदद मिलेगी, जिससे शिक्षा का स्तर और गुणवत्ता दोनों सुधरेंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें शिक्षा समाचार आदि से संबंधित ब्रेकिंग अपडेट।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed