फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Education ›   lok sabha election results 2019 know about kanhaiya kumar education details here

Lok Sabha Elections 2019: नहीं चला JNU के कन्हैया का जादू कर सकता है हार का सामना

Thu, 23 May 2019 03:35 PM IST
Jaya Tripathi एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: Jaya Tripathi Updated Thu, 23 May 2019 03:35 PM IST
विज्ञापन
lok sabha election results 2019 know about kanhaiya kumar education details here

लोकसभा चुनाव 2019: युवा नेता कन्हैया भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) की टिकट पर बेगूसराय सीट से खड़े हुए हैं। यहां उनके सामने बीजेपी नेता गिरिराज सिंह हैं।

विज्ञापन


कन्हैया का जन्म 1987 में बिहार के बेगूसराय जिले के बिहट (बरौनी के पास) गांव में हुआ था। पिता जयशंकर सिंह को पैरालिसिस है और मां मीना देवी एक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता हैं। उनका एक बड़े भाई मणिकांत हैं, जो असम में एक कंपनी में पर्यवेक्षक के रूप में काम कर रहें हैं।
विज्ञापन


शिक्षाः 
कन्हैया कुमार की शुरुआती शिक्षा बरौनी के RKC हाई स्कूल से हुई है। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार कन्हैया अपने स्कूल के दिनों में अभिनय में रुचि रखते थे और वे इंडियन पीपल्स थियेटर एसोसिएशन के सदस्य भी थे। 
विज्ञापन
विज्ञापन


वर्ष 2002 में कन्हैया ने पटना के कॉलेज ऑफ कॉमर्स में प्रवेश लिया और वहीं से छात्र राजनीति की शुरुआत कर दी। कन्हैया ने भूगोल विषय में स्तानक किया है। पटना में पढ़ाई के दौरान कन्हैया ऑल इंडिया स्टूडेंट फेडरेशन के सदस्य बने। उन्होंने डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी (PhD) जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) नई दिल्ली से की है।

JNU में पढ़ाई के दौरान वह JNU छात्र संघ के अध्यक्ष के पद के लिए चुने गए। कन्हैया ने एक किताब भी लिखी है, जिसका नाम है 'बिहार टू तिहार' (Bihar to tihar)।

विवादः 
कन्हैया कुमार 2015 में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) छात्रसंघ के अध्यक्ष पद के लिए चुने गए थे। वहीं फरवरी 2016 में कन्हैया पर जेएनयू में कश्मीरी अलगाववादी और 2001 में भारतीय संसद पर हमले के दोषी मोहम्मद अफजल गुरू को फांसी के खिलाफ छात्र रैली में राष्ट्रविरोधी नारे लगाने के आरोप में देशद्रोह का मामला दर्ज किया गया था। इस कारण वे काफी विवाद में रहे। मार्च 2016 में कन्हैया को अंतरिम जमानत पर रिहा किया गया। 


जमानत के बाद पूरी की पीएचडी:
देशद्रोह का मुकदमा झेल रहे कन्हैया ने जमानत पर रिहा होने के बाद अपनी PhD की डिग्री पूरी कर ली है।

चुनाव नामांकन के दौरन कन्हैया कुमार ने एक रोड शो किया था, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने उनका साथ दिया था। बिहार में सात चरणों में मतदान हुए हैं। बेगूसराय में चौथे चरण के तहत 29 अप्रैल को मतदान किया गया। 


 
विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें शिक्षा समाचार आदि से संबंधित ब्रेकिंग अपडेट।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed