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लॉ स्टूडेंट लामबंद: हजारों विद्यार्थियों का बार काउंसिल को पत्र, परीक्षा निरस्त कर आंतरिक मूल्यांकन करने की गुहार
Sat, 29 May 2021 12:31 AM IST
सुरेंद्र जोशी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Sat, 29 May 2021 12:31 AM IST
सार
कोरोना महामारी के कारण देश की शिक्षा व्यवस्था पर भी बुरा असर पड़ा है। कई विद्यार्थी महामारी के शिकार हुए हैं तो कई को अपने परिजनों को खोना पड़ा है। इन हालातों के बीच पढ़ाई प्रभावित हुई है। ऐसे में छात्र उदार मूल्यांकन प्रणाली की मांग कर रहे हैं।
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बार काउंसिल ऑफ इंडिया
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
देश के सरकारी से लेकर निजी लॉ कॉलेजों के विद्यार्थियों ने बार काउंसिल आफ इंडिया बीसीआई को पत्र लिखकर महामारी काल को देखते हुए इस साल की मूल्यांकन प्रणाली में बदलाव के कई अहम सुझाव दिए हैं।
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विद्यार्थियों का कहना है चूंकि महामारी के कारण हर घर प्रभावित हुआ है, इसलिए वे भी इससे अछूते नहीं रहे हैं। उनकी मांग है कि चालू सत्र की अंतिम सेमेस्टर परीक्षा को निरस्त कर आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर उनके इस सेमेस्टर के नतीजे तय किए जाएं।
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कानून के विद्यार्थियों ने बीसीआई को भेजे ज्ञापन में कहा है कि वह लॉ यूनिवर्सिटीज को निर्देश दे कि वे अपनी परीक्षा प्रणाली में उचित बदलाव कर उन्हें राहत दें। यह ज्ञापन 2136 विद्यार्थियों ने बीसीआई को भेजा है। ये विद्यार्थी देश के नामचीन लॉ कॉलेजों जैसे-जिंदल ग्लोबल लॉ स्कूल, सिम्बायसिस यूनिवर्सिटी, गुजरात नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, महाराष्ट्र नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी, नरसीमुंजी, दिल्ली यूनिवर्सिटी आदि के हैं।
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कोविड-19 पॉजिटिव टेस्ट की अनिवार्यता न हो
इन विद्यार्थियों ने बताया कि कई कॉलेजों में कोरोना प्रभावित छात्रों को राहत देने के लिए दस्तावेज मांगे गए हैं। इसके लिए संबंधित विद्यार्थी की कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट भी मांगी जा रही है। जबकि अक्सर जांच में रिपोर्ट निगटिव आती है, लेकिन परिवार में माता-पिता आदि के संक्रमित होने से वे भी प्रभावित हो जाते हैं। उनका कोरोना पीड़ित या एसिम्टोमैटिक के रूप में इलाज किया जाता है। ऐसे में पॉजिटिव रिपोर्ट व अन्य दस्तावेज मांगना अनुचित है।
इन बदलावों का किया आग्रह
कानून के विद्यार्थियों ने बीसीआई से आग्रह किया कि वह असाधारण हालातों को देखते हुए इस वर्ष की उनकी परीक्षा निरस्त करे और आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर ही उनका परिणाम तैयार कर घोषित किया जाए। विभिन्न कॉलेजों में आंतरिक मूल्यांकन प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है। उसमें टेस्ट, प्रोजेक्ट, मौखिक परीक्षा, प्रजेंटेशन आदि को आधार बनाया जाता है।
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