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कड़ी मेहनत, लक्ष्य पर नजर... और पा लिया शिखर
Wed, 08 May 2019 04:09 PM IST
Garima Garg
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Published by: Garima Garg
Updated Wed, 08 May 2019 04:09 PM IST
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सीबीएसई परीक्षाओं की तरह सीआईएससीआई की 12वीं और 10वीं में भी लड़कियों ने फिर सफलता का परचम लहराया है। खास बात ये है कि कई टॉपर्स ने बिना किसी ट्यूशन के अपने बूते कामयाबी की उंचाई को स्पर्श किया है। शीर्ष स्थान पाने वाले बच्चों का मूलमंत्र रही, कड़ी मेहनत और एकाग्रता। सभी बच्चों के भविष्य के लिए ऊंचे सपने हैं तो समाज के लिए कुछ करने का जज्बा और संवेदनशीलता...
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वेदांशी तिवारी
सीएमएस महानगर, लखनऊ की वेदांशी ने नियमित 5 से 6 घंटे पढ़ाई कर यह उपलब्धि हासिल की है। साथ ही टाइम मैनेजमेंट को भी वे अहम मानती हैं। वेदांशी कहती हैं जो भी क्लास में पढ़ाया जाता है उसे वह रोज पढ़ती। अपनी गलतियों को पहचाना और परीक्षा से पहले उनको सुधारा। कोचिंग और ट्यूशन का सहारा नहीं लिया। वेदांशी तिवारी कभी फोन इस्तेमाल ही नहीं करतीं। उनके पास मोबाइल नहीं है। दोस्त से बात करनी होती है तो वह अपनी मम्मी के फोन से करती हैं।
देवांग कुमार अग्रवाल
आईएससी की परीक्षा में सौ फीसदी अंक लाने वाला कोलकाता का देवांग लगन और कड़ी मेहनत को अपनी कामयाबी का श्रेय देते हैं। देव्यांग ने सपने में भी नहीं सोचा था कि वह सौ फीसदी अंक लाकर रिकॉर्ड बना देंगे। देवांग ने अपने लिए अभी तक अपने लिए कोई लक्ष्य तैयार नहीं किया है। खाली समय में पुस्तकें पढ़ने की आदत की वजह से ही उन्हें अंग्रेजी में 100 अंक मिले। वह तैराकी, संगीत और सिनेमा के लिए समय निकाल लेता था।
सीएमएस महानगर, लखनऊ की वेदांशी ने नियमित 5 से 6 घंटे पढ़ाई कर यह उपलब्धि हासिल की है। साथ ही टाइम मैनेजमेंट को भी वे अहम मानती हैं। वेदांशी कहती हैं जो भी क्लास में पढ़ाया जाता है उसे वह रोज पढ़ती। अपनी गलतियों को पहचाना और परीक्षा से पहले उनको सुधारा। कोचिंग और ट्यूशन का सहारा नहीं लिया। वेदांशी तिवारी कभी फोन इस्तेमाल ही नहीं करतीं। उनके पास मोबाइल नहीं है। दोस्त से बात करनी होती है तो वह अपनी मम्मी के फोन से करती हैं।
देवांग कुमार अग्रवाल
आईएससी की परीक्षा में सौ फीसदी अंक लाने वाला कोलकाता का देवांग लगन और कड़ी मेहनत को अपनी कामयाबी का श्रेय देते हैं। देव्यांग ने सपने में भी नहीं सोचा था कि वह सौ फीसदी अंक लाकर रिकॉर्ड बना देंगे। देवांग ने अपने लिए अभी तक अपने लिए कोई लक्ष्य तैयार नहीं किया है। खाली समय में पुस्तकें पढ़ने की आदत की वजह से ही उन्हें अंग्रेजी में 100 अंक मिले। वह तैराकी, संगीत और सिनेमा के लिए समय निकाल लेता था।
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