{"_id":"5e2ab7998ebc3e4b4a3d5262","slug":"know-about-big-change-in-medhavi-yojna","type":"story","status":"publish","title_hn":"मेधावी योजना में होने वाला है बड़ा बदलाव, वित्त विभाग ने दी मंजूरी","category":{"title":"Education","title_hn":"शिक्षा","slug":"education"}}
मेधावी योजना में होने वाला है बड़ा बदलाव, वित्त विभाग ने दी मंजूरी
Fri, 24 Jan 2020 02:53 PM IST
Garima Garg
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Published by: Garima Garg
Updated Fri, 24 Jan 2020 02:53 PM IST
विज्ञापन
मेधावी योजना
- फोटो : अमर उजाला
मेधावी योजना के तहत कमलनाथ सरकार छात्र-छात्राओं को बड़ी राहत देने वाली है। बता दें कि मेधावी योजना के अंतर्गत उन सभी छात्रों को स्कॉलरशिप दी जाती है जिनके पिता या पालक की आय 6 लाख रुपये है। अब इस नियम में बदलाव किया गया है। नए नियमों के अनुसार, पिता और पालक की सालाना आय 6 लाख से ज्यादा और साढ़े सात लाख से कम है, ऐसे विद्यार्थियों की सरकार 75 फीसदी फीस का भुगतान करेगी। इस फैसले पर वित्त विभाग भी सहमत है। योजना का दायरा बढ़ जाने के कारण छात्र-छात्राओं में खुशी की लहर दौड़ गई है। आंकड़ों के मुताबिक, 45 हजार छात्र इस नए नियम का फायदा उठा सकते हैं।
विज्ञापन
आखिर क्यों किया गया बदलाव-
- 2017-18 में शिवराज सरकार के समय शुरू की गई इस योजना के तहत ये तय किया गया था कि जिन पिता या पालक की सालाना आय 6 लाख या इससे कम होगी उन मेधावी छात्र-छात्राओं की फीस सरकार भरेगी।
- लेकिन कुछ अभिभावकों ने इस तय को सीमा को पार कर दिया। और उनके बच्चों की फीस बीच में ही अटक गई।
- यही कारण था कि तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विभाग द्वारा एक नया प्रस्ताव वित्त विभाग को भेजा गया था और अब विभाग ने प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
- उनकी सहमति पाकर अब इस प्रस्ताव को सीएम सचिवालय और कैबिनेट तक मंजूरी के लिए भेजा जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
मेधावी योजना से जु़ड़ी मुख्य बातें-
- छात्र मध्यप्रदेश का का मूल निवासी होना चाहिए।
- पिता या पालक की आय 6 लाख से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। (हालांकि अब इसम नियम में बदलाव आ गया है जिसके तहत 7 लाख या साढ़े सात लाख तक आय दी गई है।)
- अगर छात्र सीबीएसई बोर्ड से पढ़ा है तो उसके बारहवीं में 85 फीसदी या उससे ज्यादा प्रतिशत होने अनिवार्य हैं।
- माध्यमिक शिक्षा मंडल के 12वीं कक्षा में 70 प्रतिशत या इससे अधिक अंक होने अनिवार्य है।
- सरकारी काॅलेज में दाखिला के लिए पूरी फीस सरकार देगी।
- निजी काॅलेज या अनुदान प्राप्त कालेज में दाखिले पर डेढ़ लाख रुपए या जो वास्तविक फीस है वो दी जाएगी।
- यदि विद्यार्थी नीट के माध्यम से एमबीबीएस या बीडीएस में प्रवेश लेते हैं तो उनकी फीस भी सरकार देगी।
- इसके अतिरिक्त योजना का कब उठा सकते हैं जब आप भारतीय शिक्षण संस्थान के द्वारा आयोजित मेडिकल परीक्षा में प्रवेश ले रहे हैं।
ये भी पढ़ें- इस देश में एक करोड़ से ज्यादा लोग पी रहे हैं जहरीला पानी, क्या कहती है पर्यावरण एजेंसी की रिपोर्ट?
कमेंट
कमेंट X