सम्मान: केएमसी के प्रोफेसर डॉक्टर सतीश अडिगा को मिलेगा राष्ट्रीय पुरस्कार, आईसीएमआर करेगा सम्मानित
डॉक्टर सुभाष मुखर्जी देश के पहले आईवीएफ शिशु के निर्माता थे। उनके योगदान को सम्मान देने के लिए आईसीएमआर ने उनके नाम पर राष्ट्रीय पुरस्कार की स्थापना की थी।
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मणिपाल अकादमी के कस्तुरबा मेडिकल कॉलेज (केएमसी) के प्रोफेसर डॉक्टर सतीश अडिगा को भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) द्वारा डॉक्टर सुभाष मुखर्जी राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। डॉक्टर अडिगा क्लिनिकल एम्ब्रायोलॉजी के प्रोफेसर हैं और केएमसी के प्रजनन कार्यक्रम के भी प्रमुख हैं। उन्हें यह पुरस्कार इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन (आईवीएफ) के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए दिया जा रहा है। डॉक्टर सुभाष मुखर्जी देश के पहले आईवीएफ शिशु के निर्माता थे। उनके योगदान को सम्मान देने के लिए आईसीएमआर ने उनके नाम पर राष्ट्रीय पुरस्कार की स्थापना की थी, इसे आईवीएफ के क्षेत्र में योगदान देने वालों को दिया जाता है।
डॉक्टर सतीश अडिगा की इस उपलब्धि पर मणिपाल उच्च शिक्षा अकादमी के प्रति कुलाधिपति एचएस बल्लाल ने कहा कि डॉक्टर अडिगा ने क्लिनिकल आईवीएफ और प्रजनन दोनों के शोध क्षेत्र में अहम योगदान दिया है। उनके शोध ने देश को इस क्षेत्र में नई दृष्टि दी है। वह इस पुरस्कार के हकदार हैं। वहीं, केएमसी मणिपाल के डीन डॉ शरथ राव ने कहा कि डॉक्टर अडिगा ने क्लिनिकल आईवीएफ और प्रजनन के शोध क्षेत्र में एक प्रमुख किरदार अदा किया है। आईवीएफ क्षेत्र में उनके कार्यों के कारण आज अनेक लोगों को माता-पिता बनने का सुख मिला है।
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