फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Education ›   Kerala High Court order on use of internet by students, Said its part of RTE Right to Education

पढ़ाई के दौरान इंटरनेट के इस्तेमाल का मामला, हाई कोर्ट ने दिया ये निर्देश

Fri, 20 Sep 2019 05:04 PM IST
रत्नप्रिया रत्नप्रिया एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: रत्नप्रिया रत्नप्रिया Updated Fri, 20 Sep 2019 05:04 PM IST
विज्ञापन
Kerala High Court order on use of internet by students, Said its part of RTE Right to Education
सांकेतिक तस्वीर

इंटरनेट के इस्तेमाल पर अब हाई कोर्ट का एक नया निर्देश आया है। एक मामले की सुनवाई करते हुए केरल हाई कोर्ट ने कहा है कि इंटरनेट की उपलब्धता और इसका इस्तेमाल शिक्षा के अधिकार (Right To Education - RTE) और निजता के अधिकार (Right To Privacy) का हिस्सा है। संस्थान किसी छात्रा को कॉलेज के हॉस्टल में पढ़ाई के दौरान मोबाइल फोन पर इंटरनेट का प्रयोग करने के रोक नहीं सकते।

विज्ञापन


यह फैसला जस्टिस पीवी आशा ने एक याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया है। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के अंतर्गत इंटरनेट की उपलब्धता का अधिकार भी निजता और शिक्षा के अधिकार का हिस्सा है।

विज्ञापन

क्या है मामला?

कोझिकोड स्थित श्री नारायण कॉलेज में पढ़ रही तीसरे सेमेस्टर की छात्रा फहीमा शिरीन ने अपने वकील के माध्यम से कोर्ट में याचिका लगाई थी। छात्रा ने कॉलेज के उस नियम को चुनौति दी थी जिसमें कहा गया था कि हॉस्टल में पढ़ाई के दौरान (शाम 6 से रात 10 बजे तक) छात्राएं मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं कर सकतीं।

विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें : ये है भारत का अपना GPS, सरकार ने बताया - गूगल मैप्स से भी बेहतर 

इस पर कॉलेज का कहना था कि 'हमने अभिभावकों के आग्रह पर ये पाबंदी लगाई थी। ताकि वे मोबाइल फोन का दुरुपयोग न करें। उन्हें लैपटॉप के इस्तेमाल से नहीं रोका गया है।'


इस पर कोर्ट ने कहा कि हर छात्र के पास मोबाइल और लैपटॉप दोनों हो, ये जरूरी नहीं। जहां तक इंटरनेट का दुरुपयोग रोकने के लिए पाबंदी लगाए जाने की बात है, तो वो तो लैपटॉप से भी हो सकता है।

हालांकि आगे कोर्ट ने ये भी कहा कि 'किसी भी छात्र को मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने या न करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। हर छात्र को खुद आत्मविश्वास व निश्चय के साथ यह फैसला करना चाहिए कि वो इसका इस्तेमाल बेहतर शिक्षा के लिए करें, न कि तकनीक का दुरुपयोग करें।'

ये भी पढ़ें : Google Doodle: गूगल दे रहा है पांच लाख की स्कॉलरशिप, अमेरिका में ऑफिस घूमने का मौका

विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें शिक्षा समाचार आदि से संबंधित ब्रेकिंग अपडेट।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed