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केरल : हाई कोर्ट ने KUFOS के कुलपति की नियुक्ति रद्द की, कहा- सरकार ने नियमों की धज्जियां उड़ाईं

Mon, 14 Nov 2022 07:51 PM IST
देवेश शर्मा एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: देवेश शर्मा Updated Mon, 14 Nov 2022 07:51 PM IST
सार

VC Appointment Controversy: केरल उच्च न्यायालय ने सोमवार को केरल यूनिवर्सिटी ऑफ फिशरीज एंड ओशन स्टडीज (KUFOS) के कुलपति (VC) की नियुक्ति को रद्द कर दिया।

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Kerala HC quashes appointment of varsity VC, says norms flouted
केरल हाई कोर्ट - फोटो : Social media

विस्तार

VC Appointment Controversy: केरल उच्च न्यायालय ने सोमवार को केरल यूनिवर्सिटी ऑफ फिशरीज एंड ओशन स्टडीज (KUFOS) के कुलपति (VC) की नियुक्ति को रद्द कर दिया। अदालत ने कहा कि नियुक्ति विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के मानदंडों की अनदेखी और नियमों का उल्लंघन कर की गई थी। उच्च न्यायालय का आदेश, राज्य में 11 कुलपतियों के इस्तीफे की मांग करने वाले राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान के फैसले का समर्थन करता है और वाम गठबंधन की एलडीएफ सरकार के लिए एक बड़ा झटका है। 

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उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश एस मणिकुमार और जस्टिस शाजी पी चाली की खंडपीठ ने कहा कि KUFOS के कुलपति के रूप में डॉ के रिजी जॉन का चयन कानून के तहत उचित नहीं है, क्योंकि यह कुलपतियों की नियुक्ति के संबंध में 2018 के यूजीसी नियमों की अनदेखी करता है। खंडपीठ ने कहा कि खोज-सह-चयन समिति, जिसने नियुक्ति के लिए केवल उनके नाम की सिफारिश की थी, वह भी नियमों के खिलाफ थी। 

 

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कुलाधिपति को नई चयन समिति गठित करने का निर्देश

पीठ ने कहा कि कानूनन, हमें यह मानने में कोई हिचकिचाहट नहीं है कि यूजीसी विनियम, 2018 की अनदेखी करते हुए केरल यूनिवर्सिटी ऑफ फिशरीज एंड ओशन स्टडीज के वीसी के रूप में डॉ के रिजी जॉन का चयन असंवैधानिक है। साथ ही सरकार द्वारा गठित खोज-सह-चयन समिति भी यूजीसी विनियम, 2018 का उल्लंघन कर रही है। खंडपीठ ने कुलाधिपति को जल्द से जल्द यूजीसी के नियमों के अनुसार नामों के एक पैनल की सिफारिश के लिए एक चयन समिति गठित करने का निर्देश दिया है।  

 

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भाजपा और कांग्रेस ने फैसले का स्वागत किया 

इस फैसले का बीजेपी और कांग्रेस ने स्वागत किया है। दोनों ने कहा कि फैसले ने सरकार को कड़ी चोट पहुंचाई है। लेकिन, माकपा ने कहा कि फैसले की कानूनी जांच की जाएगी और उसके बाद उचित कदम उठाए जाएंगे। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के सुरेंद्रन ने कहा कि यह एक संकेत है कि राज्यपाल का रुख सही था और सत्तारूढ़ वाम दल का गलत। खान ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आधार पर KUFOS सहित 11 कुलपतियों का इस्तीफा मांगा था। वहीं, केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के अध्यक्ष के सुधाकरन ने कहा कि फैसला एलडीएफ सरकार के लिए एक झटका है, जिसने प्रमुख पदों पर अपने चहेतों को नियुक्त किया था। उन्होंने कहा कि ऐसी सभी नियुक्तियों की गहन जांच की जरूरत है। 
 

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