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केरल : राज्यपाल को विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति पद से हटाने का बिल विधानसभा से पास

Tue, 13 Dec 2022 04:40 PM IST
देवेश शर्मा एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: देवेश शर्मा Updated Tue, 13 Dec 2022 04:40 PM IST
सार

केरल विधानसभा ने मंगलवार को राज्य में विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति के पद से राज्यपाल को हटाने और अन्य प्रतिष्ठित शिक्षाविदों को नियुक्त करने के लिए विश्वविद्यालय कानून (संशोधन) विधेयक पारित कर दिया है।  

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Kerala Assembly passes Bill for removing Governor as the Chancellor of universities
केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन - फोटो : Twitter@CPIM Kerala

विस्तार

केरल विधानसभा ने मंगलवार को राज्य में विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति के पद से राज्यपाल को हटाने और अन्य प्रतिष्ठित शिक्षाविदों को नियुक्त करने के लिए विश्वविद्यालय कानून (संशोधन) विधेयक पारित कर दिया है। जबकि विपक्षी गठबंधन यूडीएफ ने विधेयक के संबंध में अपने सुझावों को स्वीकार नहीं करने के लिए सदन का बहिष्कार किया। स्पीकर एएन शमसीर ने कहा कि बिल पास हो गया है। 

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विधेयक घंटों की लंबी चर्चा के दौरान पारित किया गया था, जिसके दौरान कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ ने कहा कि वह राज्यपाल को चांसलर के रूप में हटाने का विरोध नहीं कर रहा था, लेकिन उन्हें सर्वोच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों और केरल उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीशों में से चुना जाना चाहिए। विपक्ष ने यह भी कहा कि प्रत्येक विश्वविद्यालय के लिए अलग-अलग कुलपति होने की आवश्यकता नहीं है और चयन पैनल में मुख्यमंत्री, विपक्ष के नेता (एलओपी) और केरल उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश शामिल होने चाहिए।
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हालांकि, राज्य के कानून मंत्री पी राजीव ने कहा कि एक न्यायाधीश चयन पैनल का हिस्सा नहीं हो सकता है और स्पीकर एक बेहतर विकल्प होगा। मंत्री ने यह भी कहा कि विश्वविद्यालयों के शीर्ष पर नियुक्त होने के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश होना एकमात्र विकल्प नहीं हो सकता है। 
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यह भी पढ़ें : केरल : कुलाधिपति पद पर विवाद के बीच यूडीएफ का बड़ा बयान, बोला- 14 कुलाधिपतियों की जरूरत नहीं

वहीं, सरकार द्वारा उठाए गए रुख के मद्देनजर, विपक्ष ने कहा कि वह सदन की कार्यवाही का बहिष्कार कर रहा था क्योंकि उसे डर था कि राज्य सरकार अपने पसंदीदा कुलपतियों को नियुक्त करके केरल में विश्वविद्यालयों को कम्युनिस्ट या मार्क्सवादी केंद्रों में बदलने का प्रयास कर रही है। विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की नियुक्ति समेत विभिन्न मुद्दों को लेकर राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान और पी विजयन सरकार के बीच जारी खींचतान के बीच सदन में विधेयक पेश किया गया।

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