Karnataka TextBook Controversy: कर्नाटक के शिक्षा मंत्री बोले- कांग्रेस एवं भाजपा सरकारों में हुए बदलाव जनता के सामने लाएंगे
Karnataka TextBook Controversy: कर्नाटक के प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा मंत्री बीसी नागेश ने मंगलवार को कहा कि सरकार ने लोगों के सामने मूल पाठ्यपुस्तक की सामग्री और पूर्ववर्ती पाठ्यपुस्तकों की सामग्री रखने का फैसला किया है।
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Karnataka TextBook Controversy: कर्नाटक में हिजाब पर पाबंदी के बाद अब स्कूली पाठ्यपुस्तकों के सिलेबस में बदलाव का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। पाठ्यपुस्तक में बदलाव को लेकर देश भर में सियासी बहस छिड़ चुकी है। सरकार पर भगवाकरण के आरोप लग रहे हैं तो वहीं सरकार का कहना है कि वह एकतरफा पढ़ाई जानें वाली चीजों में बदलाव कर रही है, जिनकी कोई जरूरत नहीं है। बढ़ते विवाद के बीच, कर्नाटक सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए घोषणा की है कि वह पाठ्यपुस्तकों में किए जा रहे बदलावों पर जनता की राय लेगी।
जनता को बताएंगे- किसने क्या-क्या बदला?
कर्नाटक के प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा मंत्री बीसी नागेश ने मंगलवार को कहा कि सरकार ने लोगों के सामने मूल पाठ्यपुस्तक की सामग्री और पूर्ववर्ती पाठ्यपुस्तकों की सामग्री रखने का फैसला किया है। नागेश ने बताया कि इस दौरान लोगों को बताया जाएगा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार और वर्तमान भाजपा सरकार द्वारा स्कूली किताबों में क्या-क्या बदलाव किए गए हैं। सरकार का यह कदम पाठ्यपुस्तकों के संशोधन को लेकर उठे विवाद के बीच आया है, जिसमें समाज के एक वर्ग ने बदलावों पर आपत्ति जताई थी।
आपत्तिजनक सामग्री हुई तो हटाने को तैयार
मंत्री नागेश ने दोहराया कि लोगों द्वारा व्यक्त की गई सामूहिक राय को ध्यान में रखते हुए, यदि नई संशोधित पाठ्यपुस्तकों में कोई आपत्तिजनक सामग्री है, तो सरकार उसमें भी संशोधन और बदलाव के लिए पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने कहा, हम मुदंबादिथया के नेतृत्व वाली समिति द्वारा तैयार की गई मूल पाठ्यपुस्तकों की सामग्री तथा सिद्धारमैया के मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान, उनमें से क्या हटाया गया और क्या-क्या जोड़ा गया था तथा वर्तमान में भाजपा सरकार के कार्यकाल में क्या जोड़ा गया हैं, आदि सभी जानकारियां सभी को लोगों के सामने रखेंगे।
यह है पूरा मामला
उन्होंने यहां मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई के साथ बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि लोकतंत्र में जनता ही राजा है और यदि वह महसूस करती है कि संशोधित पाठ्यपुस्तकों में गलतियां हैं तो सरकार उसमें और समीक्षा करने को तैयार है, तथा यह बात मुख्यमंत्री पहले ही बोल चुके हैं। बता दें कि यह विवाद तब उठा था जब कुछ संगठनों ने 10वीं की कन्नड़ के पाठ्यपुस्तक में कथित रूप से अमर शहीद भगत सिंह पर आधारित अध्याय को हटाने तथा आरएसएस संस्थापक डॉ केशल बलिराम हेडगेवार का बौद्धिक शामिल करने पर एतराज जताया था।
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