कर्नाटक द्वितीय वर्ष पीयूसी 2021: शिक्षा मंत्री एस सुरेश कुमार ने जारी किया कक्षा 12वीं का रिजल्ट
कर्नाटक के प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा मंत्री एस सुरेश कुमार ने मंगलवार, 20 जुलाई को कर्नाटक प्री-यूनिवर्सिटी द्वितीय वर्ष (कक्षा 12वीं के समकक्ष) परीक्षा के परिणाम घोषित कर दिए हैं। मूल्यांकन प्रक्रिया के बाद इस वर्ष कुल 6,66,497 में से 2,239 छात्रों ने पूरे अंक (600/600) हासिल किए हैं।
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कर्नाटक के प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा मंत्री एस सुरेश कुमार ने मंगलवार, 20 जुलाई को कर्नाटक प्री-यूनिवर्सिटी द्वितीय वर्ष (कक्षा 12वीं के समकक्ष) परीक्षा के परिणाम घोषित कर दिए हैं। प्री यूनिवर्सिटी एजुकेशन डिपार्टमेंट के अनुसार विश्वविद्यालय पूर्व शिक्षा (डीपीयूई) के निदेशक स्नेहल आर भी इस मौके पर मौजूद रहे। विभागीय जानकारी के अनुसार, फ्रेशर्स और रिपीटर्स के परिणाम वेबसाइट भी karresults.nic.in पर जारी किए गए हैं। मूल्यांकन प्रक्रिया के बाद इस वर्ष कुल 6,66,497 में से 2,239 छात्रों ने पूरे अंक (600/600) हासिल किए हैं। जबकि 95,628 उम्मीदवारों ने डिक्सटिंक्शन प्राप्त की है।
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परिणाम जारी करते वक्त शिक्षा मंत्री एस सुरेश कुमार ने कहा, हमने राज्य में कोविड-19 महामारी के प्रकोप की स्थिति को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय पूर्व शिक्षा के दूसरे वर्ष यानी कक्षा 12वीं के छात्रों के लिए परीक्षा आयोजित नहीं करने का फैसला किया था। कुमार ने कहा कि डिपार्टमेंट ऑफ प्री यूनिवर्सिटी एजुकेशन ने इस वर्ष पेपर के मूल्यांकन और किसी अन्य नियमित वर्ष के दौरान किए गए परिणामों की घोषणा करने की तुलना में अधिक मेहनत की है। प्रत्येक छात्र के लिए समग्र अंक तैयार करना एक कठिन प्रक्रिया रही है, इसे सावधानी से पूरा किया गया है। सूबे के शिक्षा मंत्री एस सुरेश कुमार ने घोषणा की है कि अपने कुल अंकों में सुधार की मांग करने वाले उम्मीदवारों को कोविड-19 स्थिति नियंत्रण में होने के बाद परीक्षा देने की अनुमति दी जाएगी।
ऐसे देखें कर्नाटक पीयूसी द्वितीय वर्ष के परिणाम 2021
- आधिकारिक वेबसाइट karresults.nic.in पर जाएं।
- होमपेज पर उपलब्ध परिणाम लिंक पर क्लिक करें
- क्रेडेंशियल का उपयोग करके लॉग-इन करें
- परिणाम स्क्रीन पर दिखाई देगा।
- भविष्य के संदर्भ के लिए इस स्कोरकार्ड की एक प्रति सहेज कर रखें।
सभी को प्रमोट करने का किया गया था फैसला
कर्नाटक सरकार ने इस साल द्वितीय पीयू परीक्षा रद्द कर दी थी और कोविड-19 स्थिति के मद्देनजर परीक्षा आयोजित किए बिना सभी उम्मीदवारों को बढ़ावा देने का फैसला किया। जैसा कि पहले प्रावधान केवल नियमित फ्रेशर्स (पहली बार उपस्थित होने वाले) के लिए घोषित किया गया था, लेकिन बाद में स्वयंपाठी उम्मीदवारों और रिपीटर्स के रूप में नामांकित छात्रों के लिए भी इसका दायरा बढ़ा दिया गया था। छात्रों के परिणाम की गणना एक विशेष तैयार मानदंड के माध्यम से की गई हैै, जिसमें SSLC (कक्षा 10) के लिए प्राप्त अंकों से 45 प्रतिशत, प्रथम पीयू के अंकों से 45 प्रतिशत और द्वितीय पीयू के आंतरिक मूल्यांकन के अंकों से 10 प्रतिशत पर विचार किया गया।
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