कर्नाटक: कृषि विज्ञान विश्वविद्यालय में अगस्त तक पीएचडी-एमएससी अंतिम वर्ष की परीक्षाएं स्थगित
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वैश्विक कोरोना महामारी की वजह से कर्नाटक कृषि विज्ञान विश्वविद्यालय में पीएचडी और एमएससी अंतिम वर्ष की परीक्षाओं को अगस्त तक स्थगित कर दिया गया है। इस बात की जानकारी कर्नाटक के कृषि मंत्री बीसी पाटिल ने दी है। उन्होंने न्यूज एजेंसी 'एएनआई' से बातचीत करते हुए कहा कि हमने कृषि विश्वविद्यालय में पीएचडी व एमएससी फाइनल ईयर की परीक्षाओं को अगस्त तक स्थगित करने का फैसला लिया है।
We have decided to postpone PhD and MSc final year examinations at the University of Agricultural Sciences till August. They will have to submit their thesis online and hardcopy after August: BC Patil, Karnataka Agriculture Minister pic.twitter.com/5lr5m4jVW9
— ANI (@ANI) July 11, 2020विज्ञापन
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अपनी थीसिस ऑनलाइन जमा करनी होगी। थीसिस की हार्ड कॉपी अगस्त के बाद जमा की जाएगी। बता दें कि हाल ही में विश्वविद्यालय के आखिरी वर्ष की परीक्षाओं को लेकर यूजीसी की संशोधित गाइडलाइन जारी हुई है। जिसमें सितंबर आखिर तक विश्वविद्यालय के आखिरी वर्ष की परीक्षाओं को आयोजित कराने की बात कही गई है। गौरतलब है कि कर्नाटक सरकार ने शुक्रवार को सभी इंटरमीडिएट सेमेस्टर के विद्यार्थियों को प्रमोट करने की घोषणा की है। सूबे की सरकार ने कोरोना वायरस की स्थिति के कारण शैक्षणिक वर्ष 2019- 20 के लिए इंजीनियरिंग और डिप्लोमा सहित डिग्री एवं पोस्ट-ग्रेजुएशन कोर्स कर रहे हैं सभी विद्यार्थियों को पदोन्नत करने की घोषणा की है। सरकार ने कहा कि अंतिम सेमेस्टर के छात्रों के लिए परीक्षाएं सितंबर के अंत में आयोजित की जाएंगी। ये परीक्षाएं यूजीसी के दिशा-निर्देशों के मुताबिक आयोजित की जाएंगी और राज्यपाल वजुभाई वाला ने भी इसके लिए सहमति दे दी है।
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हालांकि, यह स्पष्ट है कि कर्नाटक कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (केसीईटी) - इंजीनियरिंग, फार्मेसी, फार्मा डी और अन्य पाठ्यक्रमों में प्रवेश परीक्षा 30 और 31 जुलाई की तय तारीखों पर आयोजित की जाएगी। वहीं, सूबे के उपमुख्यमंत्री सीएन अश्वथ नारायण के कार्यालय का कहना है कि सरकार ने शिक्षाविदों और विश्वविद्यालय के कुलपतियों से सलाह लेने के बाद छात्रों के स्वास्थ्य, कल्याण और भविष्य को ध्यान में रखते हुए प्रमोट करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय केवल शैक्षणिक वर्ष 2019-20 तक ही सीमित रहेगा। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन शिक्षा को अच्छी प्रतिक्रिया मिली है और सरकार ने हर विद्यार्थी तक इसके पहुंच को लेकर प्रयास किए हैं।
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