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JoSAA Counselling : हर पांच उम्मीदवारों में से एक छात्रा को मिली सीट, पंजीकरण में 28 फीसदी बढ़ोतरी
Fri, 30 Sep 2022 05:47 AM IST
देव कश्यप
सीमा शर्मा, नई दिल्ली।
सीमा शर्मा, नई दिल्ली।
Published by: देव कश्यप
Updated Fri, 30 Sep 2022 05:47 AM IST
सार
केंद्रीय सीट आवंटन बोर्ड के अध्यक्ष और एनआईटी राउरकेला के निदेशक प्रोफेसर के उमामहेश्वर राव ने बताया कि ग्रामीण, दूरदराज, हिंदी व क्षेत्रीय भाषी छात्रों को देश के इन शीर्ष संस्थानों से जोड़ने के लिए अंग्रेजी के अलावा हिंदी, ओड़िया, बांग्ला, मराठी, तमिल, तेलुगू, कन्नड़, मलयालम, लद्दाखी, उर्दू, कश्मीरी में बहुभाषी हेेल्प डेस्क सुविधा शुरू की गई थी। इसी कारण पंजीकरण में रिकॉर्ड 28 फीसदी तक इजाफा हुआ है।
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JOSAA Counselling 2022
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
आईआईटी, एनआईटी में दाखिले के लिए जोशा काउंसलिंग-2022 के दूसरे चरण तक सीट आवंटन में हर पांच उम्मीदवार में से एक छात्रा को सीट मिली है जबकि पंजीकरण में हर चार में से एक छात्रा थी। पहली बार हिंदी बेल्ट में उत्तर प्रदेश, हरियाणा, उत्तराखंड, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, चंडीगढ़ के छात्रों का सबसे अधिक इजाफा हुआ जबकि यूपी से सबसे अधिक 32,647 छात्रों ने पंजीकरण करवाया है।
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केंद्रीय सीट आवंटन बोर्ड के अध्यक्ष और एनआईटी राउरकेला के निदेशक प्रोफेसर के उमामहेश्वर राव ने बताया कि ग्रामीण, दूरदराज, हिंदी व क्षेत्रीय भाषी छात्रों को देश के इन शीर्ष संस्थानों से जोड़ने के लिए अंग्रेजी के अलावा हिंदी, ओड़िया, बांग्ला, मराठी, तमिल, तेलुगू, कन्नड़, मलयालम, लद्दाखी, उर्दू, कश्मीरी में बहुभाषी हेेल्प डेस्क सुविधा शुरू की गई थी। इसी कारण पंजीकरण में रिकॉर्ड 28 फीसदी तक इजाफा हुआ है। सबसे अधिक तमिल के 56 फीसदी, मलयालम में 54 फीसदी, हरियाणा व उत्तर प्रदेश से 52 फीसदी, उत्तराखंड से 49 फीसदी इजाफा हुआ है। वर्ष 2021 में करीब 54,000 सीटों के लिए 1,59,513 पंजीकरण हुए थे। जबकि 2022 में यह संख्या सवा दो लाख पार कर गई है। उत्तर भारत में हरियाणा व यूपी में सबसे अधिक 52 फीसदी, उत्तराखंड में 49 फीसदी इजाफा हुआ है। वहीं, देशभर में सबसे अधिक तमिल भाषी छात्रों की संख्या में 56 फीसदी इजाफा है।
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टॉप 200 की पहली पसंद कंप्यूटर साइंस
स्थानीय आयोजन समिति के अध्यक्ष व एनआईटी राउरकेला के प्रोफेसर मुकेश कुमार गुप्ता ने बताया कि जेईई एडवांस और जेईई मेन 2022 के टॉप 200 टॉपर्स की पहली पसंद कंप्यूटर साइंस और उससे जुड़े विषय है। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, इंफॉरमेशन टेक्नोलॉजी, मशीन लर्निंग, डाटा साइंस प्रमुख है। जेईई एडवांस के टॉप 200 वाले टॉपर्स में से 79 ने आईआईटी बॉम्बे, 48 छात्रों ने आईआईटी दिल्ली, 38 ने आईआईटी कानपुर, 29 ने आईआईटी मद्रास तो छह ने आईआईटी खड़गपुर को चुना है। इसमें से आईआईटी में 177 टॉपर्स ने कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग, 12 ने इलेक्ट्रिकल, छह ने मैथ्मेटिक्स एंड कंप्यूटिंग, दो ने मैकेनिकल, एक ने एयरोस्पेस और एक ने इंजीनियरिंग फिजिक्स व एक अन्य ने फिजिक्स को चुना है। उधर, एनआईटी में टॉप 200 वाले छात्रों में से 190 ने कंप्यूटर साइंस व जुड़े कोर्स चुने हैं। जबकि दूसरी पसंद इलेक्ट्रानिक्स इंजीनियरिंग है।
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बेटियों की संख्या में इजाफा
प्रो. गुप्ता बताते हैं कि 2022 में आईआईटी और एनआईटी में दाखिले के लिए छात्राओं के रजिस्ट्रेशन में 23 फीसदी इजाफा हुआ है। जबकि अभी तक 19.7 फीसदी छात्राओं ने सीट ब्लॉक कर ली है। आईआईटी के लिए 8797 छात्राओं ने और एनआईटी के लिए 4576 छात्राएं हैं। सीट अलॉटमेंट में हर पांच छात्रों में से एक छात्रा को सीट मिली है। जबकि रजिस्ट्रेशन में हर चार छात्रों में से एक छात्रों ने सीट के लिए दावेदारी जतायी थी। काउंसलिंग के लिए 2022 में आरक्षित वर्ग में भी नया रुझान देखने को मिल रहा है। इस वर्ष ओबीसी-नॉन क्रीमी लेयर के छात्रों में सबसे अधिक 37 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।
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