JEE Main: सीबीआई ने एफिनिटी एजुकेशन के डायरेक्टर्स को हिरासत में लिए, 9 सितंबर तक होगी पूछताछ
शुक्रवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने कथित तौर पर 'हवाला' लेनदेन में आने के बाद इंदौर में तलाशी लेना शुरू कर दिया। सीबीआई ने 7 लोगों को हिरासत में लिया था, जिन्होंने कथित तौर पर चल रही संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई मेन) की व्यवस्था को खराब करने की कोशिश की थी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सीबीआई ने जेईई मेन परीक्षा में कथित अनियमितताओं के संबंध में एफिनिटी एजुकेशन के निदेशक सिद्धार्थ कृष्णा और विशंबर मणि त्रिपाठी और कर्मचारी ऋतिक सिंह को 9 सितंबर तक सीबीआई हिरासत में भेजा है।
CBI sends Affinity Education Directors Siddharth Krishna and Vishambar Mani Tripathi, and employee Hritik Singh to CBI custody till September 9 in connection with the alleged irregularities in JEE mains exam pic.twitter.com/lWKclSu9MH
— ANI (@ANI) September 4, 2021विज्ञापन
यह था पूरा मामला
दरअसल, शुक्रवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने कथित तौर पर 'हवाला' लेनदेन में आने के बाद इंदौर में तलाशी लेना शुरू कर दिया था। सीबीआई ने 7 लोगों को हिरासत में लिया था, जिन्होंने कथित तौर पर चल रही संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई मेन) की व्यवस्था को खराब करने की कोशिश की थी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रारंभिक जांच में पता चला है कि उम्मीदवारों द्वारा उनकी ओर से परीक्षा देने के बदले में 15 लाख रुपये का भुगतान किया जा रहा था। छात्रों को सकारात्मक परिणाम का आश्वासन दिया गया।
सीबीआई ने एक बयान में पुष्टि की और कहा, "आरोपी जेईई (मेन्स) की ऑनलाइन परीक्षा में हेरफेर कर रहे थे और इच्छुक छात्रों को शीर्ष राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (एनआईटी) में प्रवेश दिलाने में मदद कर रहे थे। भारी मात्रा में धन को ध्यान में रखते हुए, साजिशकर्ता सोनीपत (हरियाणा) में एक चुने हुए परीक्षा केंद्र से रिमोट एक्सेस के माध्यम से आवेदक के प्रश्न पत्र को हल करके घोटाले की सुविधा दे रहे थे। बता दें कि यह मामला 1 सितंबर, 2021 को दर्ज किया गया था। एजेंसी ने यह भी पुष्टि की कि उन्होंने बाद में 20 स्थानों पर छापे मारे थे, जिसमे दिल्ली, एनसीआर, पुणे और जमशेदपुर शामिल है।
छापेमारी में मिले यह एहम सबूत
सीबीआई ने यह भी कहा कि घोटाले में कुछ निजी संस्थान शामिल थे; उनके दलाल, सहयोगी और कर्मचारी जेईई परीक्षा केंद्रों पर तैनात थे। यह पाया गया है कि कम से कम एक साजिशकर्ता बिहार से है। छापे के दौरान 20 से अधिक लैपटॉप, सात कंप्यूटर, लगभग 30 पोस्ट-डेटेड चेक के साथ-साथ भारी मात्रा में आपत्तिजनक दस्तावेज और विभिन्न छात्रों की पीडीसी की मार्कशीट सहित उपकरण बरामद किए गए।
कमेंट
कमेंट X