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जेईई मेन 2021: 100 फीसदी स्कोर लाने वाले सिद्धांत ने बताया सफलता का राज

Tue, 09 Mar 2021 11:09 AM IST
ललित फुलारा एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: ललित फुलारा Updated Tue, 09 Mar 2021 11:09 AM IST
सार

'मैं 2019 में आईआईटीएन बनने की ख्वाहिश के साथ कोटा आया था। उस वक्त में ग्यारहवीं कक्षा में था।'

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JEE Main 2021 Topper Siddhant Mukherjee scores a perfect 300
सिद्धार्थ मुखर्जी - फोटो : फोटो-सोशल मीडिया

विस्तार

JEE Main 2021: जेईई मेन 2021 के फरवरी सत्र का रिजल्ट सोमवार रात जारी हुआ। फरवरी सत्र के जेईई परिणाम में इस बार छह छात्रों ने 100 फीसदी स्कोर हासिल किया है। इनमें मुंबई के सिद्धांत मुखर्जी भी शामिल हैं, जो 300 में से 300 स्कोर लाए हैं। वह पिछले दो साल से राजस्थान के कोटा में रहकर जेईई की कोचिंग कर रहे थे। सिद्धांत का कहना है, 'मैं 2019 में आईआईटीएन बनने की ख्वाहिश के साथ कोटा आया था। उस वक्त में ग्यारहवीं कक्षा में था।' आपको बता दें कि इस साल जेईई मेन फरवरी सत्र के परिणाम में जिन छह छात्रों ने 100 फीसदी स्कोर हासिल किया है, उनमें से चार छात्रों ने कोचिंग हब कोटा से ही पढ़ाई की है।

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दसवीं में लाए थे 98.4 फीसदी नंबर
सिद्धांत भी इंजीनियरिंग एंट्रेंस की तैयारी करने के लिए मुंबई से कोटा शिफ्ट हो गए थे। वह कोटा उस वक्त शिफ्ट हुए थे जब उन्होंने दसवीं बोर्ड की परीक्षा दी थी। सिद्धांत दसवीं में 98.4 फीसदी नंबर लाए थे।
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लॉकडाउन के वक्त पांच महीने घर में रहे थे 
सिद्धांत वैश्विक कोरोना महामारी से बचाव के लिए लगे लॉकडाउन में पांच महीने घर पर ही रहे थे। वह ऐसे वक्त में कोटा से अपने घर मुंबई चले गए थे और इस दौरान उन्होंने ऑनलाइन पढ़ाई की। कोटा आकर पढ़ाई करने के सवाल पर सिद्धांत का कहना है कि यह ऐसा शहर है, जिसने सबसे ज्यादा टॉपर दिए हैं, इसलिए उन्होंने कोटा आकर तैयारी करने की सोची। उनका कहना है कि कोटा में ही ऐसा वातावरण मिलता है, जो प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए सबसे ज्यादा मुफीद है।
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परिवार का पूरा सहयोग मिला
सिद्धांत का कहना है कि उनकी सफलता के पीछे परिवार और शिक्षकों का संयुक्त प्रयास है। महामारी उनकी तैयारी के लिए वरदान बनकर आई, क्योंकि इस दौरान उनके आने-जाने के दो घंटे बचे और वह पढ़ाई में लगे। उनका कहना है कि हालांकि इस दौरान शारीरिक गतिविधि कम होने से वह सुस्त जरूर हो गए थे।


एनसीईआरटी किताबों को बताया सफलता का राज
सिद्धांत का कहना है कि उन्होंने जेईई की तैयारी के लिए सबसे ज्यादा एनसीईआरटी की किताबों  पर ध्यान दिया। एनसीईआरटी की किताबों से ज्यादा से ज्यादा पढ़ा। पूरे नंबर लाने के लिए सटीकता पर काम किया । इसके अलावा, कोचिंग की टीचिंग कार्यप्रणाली ने सफलता में उनकी मदद की। हालांकि, सिद्धांत का कहना है कि जेईई मेन में सफलता के लिए सबसे ज्यादा अहम आपका हार्ड वर्क और जुनून होता है।

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