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SETU: छात्रों को अकेलेपन और तनाव से बचाने के लिए IIT खड़गपुर की अनोखी पहल, एआई से मिलेगी 24x7 मदद और थेरेपी

Sat, 26 Jul 2025 08:53 AM IST
आकाश कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: आकाश कुमार Updated Sat, 26 Jul 2025 08:53 AM IST
सार

IIT Kharagpur: 2025 में चार छात्रों की आत्महत्या के बाद आईआईटी खड़गपुर ने छात्रों की मानसिक सेहत के हित में एक अनोखी पहल की शुरुआत की है। इसमें छात्रों को एआई की मदद से थेरेपी, काउंसलिंग और समाधान प्रदान करेगी।
 

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IIT Kharagpur launches SETU mental health program with 24x7 AI support after student suicides, Read here
IIT Kharagpur - फोटो : iitkgp.ac.in.

विस्तार

Kolkata: 2025 में चार छात्रों की आत्महत्या की घटनाओं के बाद आईआईटी खड़गपुर ने शुक्रवार को एक नई मेंटल हेल्थ और वेलनेस योजना लॉन्च की है, जिसका नाम SETU (Support, Empathy, Transformation and Upliftment) है। यह पहल छात्रों के लिए एक मजबूत, समावेशी और छात्र-प्रेरित सहायता प्रणाली तैयार करने के उद्देश्य से शुरू की गई है।

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SETU@IITKGP नाम की इस योजना को इंसान और तकनीक की साझेदारी से उच्च शिक्षा में बदलाव की दिशा में एक कदम माना जा रहा है। इसे शुक्रवार को संस्थान के निदेशक प्रोफेसर सुमन चक्रवर्ती ने औपचारिक रूप से लॉन्च किया।

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छात्रों की मानसिक स्थिति समझने में मिलेगी मदद

संस्थान के प्रवक्ता ने बताया कि यह पहल सिर्फ एक साधारण मेंटल हेल्थ सेवा नहीं है, बल्कि एक ऐसी प्रणाली है जो तकनीक और मानवीय जुड़ाव को एक साथ जोड़ती है। यह प्रणाली छात्रों की जरूरतों को समझते हुए, उनकी मानसिक स्थिति को समय रहते पहचानने और मदद पहुंचाने के लिए तैयार की गई है।

‘सेतु’ शब्द संस्कृत में 'पुल' का प्रतीक है और यहां इसका अर्थ अलगाव से जुड़ाव की ओर, कमजोरी से मजबूती की ओर, परेशानी से सहनशीलता की ओर, दिमाग से दिल की ओर तथा परंपरा से तकनीक की ओर से है । यह सोच संस्थान में मानसिक सेहत को लेकर एक नई दिशा और सोच को दर्शाती है।

4 छात्रों की आत्महत्याओं के बाद उठाया गया कदम

इस पहल की शुरुआत 2025 में हुई चार दुखद घटनाओं के बाद की गई। इस साल संस्थान में शौन मलिक (12 जनवरी), अनिकेत वॉकर (20 अप्रैल), मोहम्मद आसिफ क़मर (4 मई) और हाल ही में रितम मंडल (18 जुलाई) ने आत्महत्या कर ली थी। इन घटनाओं ने छात्रों की मानसिक सेहत और शैक्षणिक दबाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए।

प्रवक्ता ने बताया कि SETU के तहत एक-से-एक थेरेपी, मनोचिकित्सकीय देखभाल, ग्रुप सेशन्स, और 24x7 ऑनलाइन काउंसलिंग (YourDOST के माध्यम से) जैसी सुविधाएं मिलेंगी। यह पूरे कैंपस में जागरूकता और सहायता को बिना किसी सामाजिक कलंक के उपलब्ध कराने की कोशिश है।

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एआई करेगा छात्रों की इमोशनल हेल्थ को मॉनिटर

इस पहल में खास बात यह है कि यह AI-संचालित इमोशनल हेल्थ मॉनिटरिंग सिस्टम से भी लैस है, जो हॉस्टल और अकादमिक इकाइयों में लगाया गया है। इससे छात्रों की मानसिक स्थिति पर वास्तविक समय में नजर रखी जा सकेगी, और जरूरत पड़ने पर तुरंत मदद की जा सकेगी, वो भी पूरी तरह गोपनीय तरीके से।

इसके अलावा, छात्रों द्वारा संचालित वेलफेयर कमेटियों और हॉस्टल स्तर की यूनिट्स के ज़रिए भी सहयोग की संस्कृति को बढ़ावा दिया जाएगा। यानी मानसिक स्वास्थ्य केवल एक सेवा न रहकर, छात्र जीवन का हिस्सा बने, यही इसका लक्ष्य है।

आईआईटी खड़गपुर की यह पहल भारत के अन्य शिक्षण संस्थानों के लिए भी एक प्रेरणा बन सकती है, जहां मानसिक स्वास्थ्य को लेकर अभी भी खुलकर बात नहीं होती।

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