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IIM-S: इस सिस्टम के जरिये ऐसे आयोजित की जाएगी प्रथम वर्ष के एमबीए छात्रों की परीक्षाएं
Fri, 15 May 2020 01:24 PM IST
Garima Garg
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Published by: Garima Garg
Updated Fri, 15 May 2020 01:24 PM IST
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भारतीय प्रबंधन संस्थान, संबलपुर (IIM-S) ने कोरोनावायरस प्रसार को रोकने के लिए लगाए गए लॉकडाउन को ध्यान में रखते हुए ऑनलाइन प्रॉक्टरिंग सिस्टम का उपयोग करते हुए प्रथम वर्ष के एमबीए छात्रों की परीक्षाएं आयोजित करने का निर्णय लिया है।
संस्थान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि आईआईएम-एस ऑनलाइन प्रॉक्टरिंग सिस्टम का उपयोग करके परीक्षा आयोजित करने वाला देश का पहला आईआईएम होगा। IIM-S के निदेशक, महादेव जैसवाल ने कहा कि इस वर्ष मार्च के चौथे सप्ताह में पहले वर्ष के छात्रों की परीक्षाएं आयोजित की जानी थीं, लेकिन छात्रों को उस समय लॉकडाउन के कारण छात्रावास खाली करना पड़ा, जिसके “परिणामस्वरूप, परीक्षा आयोजित नहीं की जा सकी।
इसके अलावा, जैसवाल ने कहा कि अभी नहीं पता कि लॉकडाउन कब समाप्त होगा और कब स्थिति सामान्य होगी। इसलिए परिस्थितियों को देखते हमने जून में ऑनलाइन प्रॉक्टरिंग सिस्टम का उपयोग करके प्रथम वर्ष के छात्रों की परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लिया है।
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उन्होंने कहा, इस प्रणाली के साथ, छात्र देश के विभिन्न हिस्सों में अपने घरों में अपने लैपटॉप / डेस्कटॉप के माध्यम से प्रवेश करके टेस्टों के लिए उपस्थित हो सकते हैं। लगभग 100 छात्र अंतिम परीक्षा के लिए उपस्थित होंगे। इस प्रणाली के माध्यम से परीक्षा आयोजित करने पर लगभग 2.5 लाख रुपये खर्च होंगे।
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संस्थान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि आईआईएम-एस ऑनलाइन प्रॉक्टरिंग सिस्टम का उपयोग करके परीक्षा आयोजित करने वाला देश का पहला आईआईएम होगा। IIM-S के निदेशक, महादेव जैसवाल ने कहा कि इस वर्ष मार्च के चौथे सप्ताह में पहले वर्ष के छात्रों की परीक्षाएं आयोजित की जानी थीं, लेकिन छात्रों को उस समय लॉकडाउन के कारण छात्रावास खाली करना पड़ा, जिसके “परिणामस्वरूप, परीक्षा आयोजित नहीं की जा सकी।
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इसके अलावा, जैसवाल ने कहा कि अभी नहीं पता कि लॉकडाउन कब समाप्त होगा और कब स्थिति सामान्य होगी। इसलिए परिस्थितियों को देखते हमने जून में ऑनलाइन प्रॉक्टरिंग सिस्टम का उपयोग करके प्रथम वर्ष के छात्रों की परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लिया है।
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उन्होंने कहा, इस प्रणाली के साथ, छात्र देश के विभिन्न हिस्सों में अपने घरों में अपने लैपटॉप / डेस्कटॉप के माध्यम से प्रवेश करके टेस्टों के लिए उपस्थित हो सकते हैं। लगभग 100 छात्र अंतिम परीक्षा के लिए उपस्थित होंगे। इस प्रणाली के माध्यम से परीक्षा आयोजित करने पर लगभग 2.5 लाख रुपये खर्च होंगे।
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