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हिंदी मीडियम का छात्र कैसे बना IAS का टाॅपर, पढ़ें अनिरुद्ध की सक्सेस स्टाेरी
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sun, 29 Apr 2018 12:22 PM IST
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अनिरूद्घ सिंह
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हिंदी मीडियम से संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सर्विसेज परीक्षा देने वाले कानपुर के अनिरुद्ध सिंह ने देश में पहला स्थान प्राप्त किया है। उनकी ओवरऑल रैंक 146 है। अनिरुद्ध फिलहाल असिस्टेंट कमिश्नर, सेल्स टैक्स के पद पर गाजियाबाद में तैनात हैं।
2016 में भी उन्होंने सिविल सर्विसेज की परीक्षा में सफलता हासिल की थी, हालांकि हिंदी के कुछ कठिन शब्दों के चलते मेंस में पिछली साल उनके दस अंक कट गए थे। यही कारण था कि उनकी रैंकिंग पिछड़ गई थी। उन्होंने बताया कि अधिकतर प्रतियोगी अंग्रेजी में ही परीक्षा देते हैं, लेकिन उन्होंने हमेशा हिंदी में ही परीक्षा दी।
इससे पहले अनिरुद्ध तीन बार पीसीएस में भी चयनित हो चुके हैं। उसमें भी हिंदी में ही परीक्षा दी थी। अनिरुद्ध के पिता तारकेश्वर सिंह रिटायर्ड डिप्टी सीटीआई और मां रंजू देवी गृहिणी हैं। पत्नी आरती सिंह ने वर्ष 2016 सिविल सर्विसेज परीक्षा में 118 रैंक हासिल की थी। वह हैदराबाद में आईपीएस की ट्रेनिंग कर रही हैं। अनिरुद्ध ने बीएनएसडी शिक्षा निकेतन से हिंदी मीडियम में 2006 में 12वीं पास की।
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इसके बाद एचबीटीआई के कंप्यूटर साइंस ब्रांच में एडमिशन ले लिया। 2011 में बीटेक करने के बाद 2012 में यूपी पीसीएस की परीक्षा में शामिल हुए और पहली बार में ही सफलता हासिल कर ली। 2013 में फिर पीसीएस की परीक्षा पास कर असिस्टेंट कमिश्नर सेल्स टैक्स का पद पाया। 2014 में डीएसपी बने लेकिन ज्वाइन नहीं किया।
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2016 में भी उन्होंने सिविल सर्विसेज की परीक्षा में सफलता हासिल की थी, हालांकि हिंदी के कुछ कठिन शब्दों के चलते मेंस में पिछली साल उनके दस अंक कट गए थे। यही कारण था कि उनकी रैंकिंग पिछड़ गई थी। उन्होंने बताया कि अधिकतर प्रतियोगी अंग्रेजी में ही परीक्षा देते हैं, लेकिन उन्होंने हमेशा हिंदी में ही परीक्षा दी।
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इससे पहले अनिरुद्ध तीन बार पीसीएस में भी चयनित हो चुके हैं। उसमें भी हिंदी में ही परीक्षा दी थी। अनिरुद्ध के पिता तारकेश्वर सिंह रिटायर्ड डिप्टी सीटीआई और मां रंजू देवी गृहिणी हैं। पत्नी आरती सिंह ने वर्ष 2016 सिविल सर्विसेज परीक्षा में 118 रैंक हासिल की थी। वह हैदराबाद में आईपीएस की ट्रेनिंग कर रही हैं। अनिरुद्ध ने बीएनएसडी शिक्षा निकेतन से हिंदी मीडियम में 2006 में 12वीं पास की।
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इसके बाद एचबीटीआई के कंप्यूटर साइंस ब्रांच में एडमिशन ले लिया। 2011 में बीटेक करने के बाद 2012 में यूपी पीसीएस की परीक्षा में शामिल हुए और पहली बार में ही सफलता हासिल कर ली। 2013 में फिर पीसीएस की परीक्षा पास कर असिस्टेंट कमिश्नर सेल्स टैक्स का पद पाया। 2014 में डीएसपी बने लेकिन ज्वाइन नहीं किया।
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