KMC: किरोड़ीमल कॉलेज के भूगोल विभाग ने आयोजित किया जियोटाइम कार्यक्रम, छात्रों को दी जल संरक्षण की सलाह
Geotime 2025: दिल्ली विश्वविद्यालय के किरोड़ीमल कॉलेज के भूगोल विभाग की ओर से जियोटाइम कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें छात्रों को जलवायु परिवर्तन के प्रभाव, सौर ऊर्जा व उसकी चुनौतियों व जल संरक्षण को लेकर उपयोगी जानकारी दी गई। अमर उजाला इस कार्यक्रम में नॉलेज पार्टनर रहा।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
Geotime 2025: जलवायु परिवर्तन महज एक शब्द नहीं है, बल्कि यह हमारी जिंदगी पर गहरा प्रभाव डाल रहा है। हमें यह समझना होगा कि हमें जल का कैसे प्रयोग करना है। भविष्य के लिए जल संरक्षण जरूरी है। अपशिष्ट का कैसे दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है इसकी जानकारी युवाओं को होनी चाहिए।
दिल्ली विश्वविद्यालय के किरोड़ीमल कॉलेज के भूगोल विभाग की ओर से आयोजित जियोटाइम कार्यक्रम में वक्ताओं ने यह विचार व्यक्त किए। उन्होंने छात्रों को जलवायु परिवर्तन के प्रभाव, सौर ऊर्जा व उसकी चुनौतियों व जल संरक्षण को लेकर उपयोगी जानकारी दी। कार्यक्रम में अमर उजाला ने नॉलेज पार्टनर की भूमिका निभाई।
भारत 2047 विषय पर आधारित था कार्यक्रम
किरोड़ीमल महाविद्यालय के भूगोल विभाग व भूगोल संघ के तत्कालीन अध्यक्ष व्योम शर्मा के तत्वाधान में विभाग का वार्षिक कार्यक्रम जियोटाइम का आयोजन किया गया। इसमें हरित संक्रमण और जलीय समताः विकसित भारत 2047 विषय पर आधारित यह कार्यक्रम जल शक्ति मंत्रालय, राष्ट्रीय जल मिशन, गैस प्राधिकरण इंडिया, राष्ट्रीय सौर ऊर्जा संस्थान और हिमालयन सेंटर फॉर वूमेन एम्पावरमेंट, क्लाइमेट चेंज एंड जियोस्पेशियल एनालिटिक्स के सहयोग से किया गया।
इन हस्तियों ने की शिरकत
नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय में वैज्ञानिक संगीता कस्तुरे ने छात्रों से जलवायु परिवर्तन पर बात की। अन्य वक्ताओं ने जलवायु परिवर्तन पर प्रभाव डालने के विषय में बात करते हुए जल संरक्षण की सलाह दी।
सौर ऊर्जा को लेकर सामने आ रहीं चुनौतियों के विषय में भी बताया गया। देर शाम को आयोजित सत्र में आईएफएस अभय कुमार, दुबई स्थित आरके ग्लोबल प्रमुख संदीप एस राठौड़, वित्त मंत्रालय में अतिरिक्त कमिश्नर अर्जुन मीणा और अतिथि हरमनप्रीत सिंह उपस्थित हुए। कार्यक्रम में छात्रों के लिए भूगोल से जुड़ी वाद-विवाद प्रतियोगिता और सेमिनार भी आयोजित किए गए।
कमेंट
कमेंट X