Board Exam: केवल बच्चों का इम्तिहान नहीं, छात्रों की तैयारी में अभिभावक की भी है जिम्मेदारी; ऐसे दिखाएं राह
Board Exam Tips: बोर्ड परीक्षा केवल बच्चों की परीक्षा नहीं है। छात्रों की तैयारी में माता-पिता की भी जिम्मेदारी होती है कि वे उनका सारथी बनकर सही राह दिखाएं।
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Board Exam 2025: बोर्ड परीक्षाएं शुरू हो चुकी हैं। इसमें कोई दो राय नहीं है कि बोर्ड की परीक्षा से ही बच्चों के करिअर और भविष्य की दिशा और दशा तय होती है। यह छात्रों की मेहनत और लगन का इम्तिहान तो है ही, साथ ही जीवन की यात्रा का एक पड़ाव भी है। लिहाजा परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन करने का दबाव होना भी लाजिमी है।
ऐसे में माता-पिता की भूमिका काफी बढ़ जाती है, क्योंकि वही अपने बच्चों की दिनचर्या पर पैनी नजर रख सकते हैं। बच्चे निर्देश से ज्यादा उदाहरण से सीखते हैं। इसलिए माता-पिता को न सिर्फ अपने बच्चों को प्यार देते रहना चाहिए, बल्कि उनका सारथी बनकर सही राह भी दिखानी चाहिए।
घर का माहौल सही रखें
अमेरिकी समाजशास्त्री और इतिहासकार डब्ल्यू ई बी डुबोइस ने कहा है कि ‘बच्चों को आप जो सिखाते हैं, उससे ज्यादा आप जो हैं उससे वह सीखते हैं’। ऐसे में घर का माहौल और माता-पिता के बर्ताव का अच्छा होना जरूरी है। घर का अच्छा वातावरण बच्चे की एकाग्रता और उत्पादकता बढ़ाती है। पढ़ाई के बीच-बीच में छोटे ब्रेक और मनोरंजक गतिविधियों के जरिये आप अपने बच्चे को अनावश्यक तनाव लेने से बचा सकते हैं।
परीक्षा जीवन का एक भाग है
अपने बच्चों को यह एहसास दिलाएं कि आप उनके साथ हर कदम पर खड़े हैं। उन्हें समझाएं कि परीक्षाएं जिंदगी का अंत नहीं हैं, बल्कि जीवन का भाग होती हंै। अगर किसी विषय में नंबर कम भी आ जाएं, तो घबराने की कोई बात नहीं। बाकी विषयों में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए बच्चों को प्रोत्साहित करें।
बच्चे परीक्षा की तैयारी कैसे करें, किस विषय पर ज्यादा ध्यान देना है, अगले पेपर के लिए टाइम टेबल कैसे बनाना है और कैसे पढ़ाई करनी है, इनके बारे में उन्हें सलाह दें और उनकी मदद करें। इससे उनका हौसला बढ़ेगा।
गो-टू पर्सन बनें
अभिभावकों को बच्चे का 'गो-टू पर्सन' बनना चाहिए। गो-टू पर्सन वह व्यक्ति होता है, जिस पर किसी विशेष क्षेत्र या किसी विशिष्ट कार्य के लिए विशेषज्ञता, सहायता या समस्या-समाधान के लिए भरोसा किया जा सकता है। बच्चों को यह महसूस होना चाहिए कि वे बिना किसी झिझक के आपसे अपनी हर बात साझा कर सकते हैं। उनकी बातों को ध्यान से सुनें, उन्हें समझें, और उनका सही मार्गदर्शन करें।
स्टेटस सिंबल न बनाएं
कुछ माता-पिता बोर्ड परीक्षाओं को स्टेटस सिंबल की तरह लेते हैं। वे अपने बच्चों पर अच्छे नंबर लाने का बहुत ज्यादा दबाव डालते हैं। ऐसा बिल्कुल न करें। अपने बच्चों की भावनाओं को समझें और उन्हें उनकी क्षमताओं के हिसाब से तैयारी करने दें।
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