केंद्रीय शिक्षा मंत्री निशंक ने केंद्रीय विद्यालय के छात्रों से किया संवाद, कही ये बड़ी बातें
- कोविड-19 के कारण किसी भी परीक्षा को रद्द नहीं किया
- केवी की शिक्षा पद्धतियों को जमीनी स्तर पर अपनाया जाए
- ऑनलाइन, ऑफलाइन दोनों कक्षाओं का आयोजन होगा
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विस्तार
केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल 'निशंक' ने सोमवार को दोपहर 12.20 बजे से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर पर लाइव आए हैं। इस बार वे देशभर के केंद्रीय विद्यालयों के विद्यार्थियों को संबोधित किया। अपने संबोधन के बाद उन्होंने छात्र-छात्राओं के सवालों के जवाब भी दिए और उन्हें तनाव मुक्त रहने के टिप्स भी दिए। इस दौरान शिक्षा मंत्री ने जेईई और नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के सिलेबस को लेकर बड़ी घोषणा की है। शिक्षा संवाद के दौरान उन्होंने व्यवस्थित तरीके से केंद्रीय विद्यालयों को दोबारा खाेले जाने की बात कही है।
"शिक्षा संवाद": Interacting with the students of Kendriya Vidyalaya. #EducationMinisterGoesLive @EduMinOfIndia @PIB_India @MIB_India @DDNewslive @KVS_HQ https://t.co/WZY780Kp9C
— Dr. Ramesh Pokhriyal Nishank (@DrRPNishank) January 18, 2021विज्ञापन
शिक्षा नीति और परीक्षाओं से जुड़ीं ज्ञिज्ञासाओं का समाधान
शिक्षा मंत्री से छात्रों के साथ 'शिक्षा संवाद' की शुरुआत करते हुए कई छात्र-छात्राओं के सवालों का जवाब दिया। उन्होंने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति से लेकर परीक्षा और तनाव से मुक्त रहने के उपाय सुझाए। केंद्रीय विद्यालय के छात्र नकुल ने शिक्षा मंत्री से पूछा था कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति का स्कूल के छात्रों पर क्या असर पड़ेगा? इसके जवाब में शिक्षा मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति स्कूली छात्रों के लिए पुस्तक ज्ञान के साथ प्रशिक्षण को भी जोड़ती है। यह आपको विद्वान बनाने के साथ एक मशीन नहीं, एक मानव बनाने का काम भी करेगी। केंद्रीय शिक्षा मंत्री 'निशंक' ने एक सवाल के जवाब में कहा, भारत ने विभिन्न खिलौने बनाए हैं जो हमारे इतिहास और संस्कृति को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा, नए इलेक्ट्रॉनिक खिलौने बच्चों को मानसिक या कभी-कभी शारीरिक रूप से भी नुकसान पहुंचा सकते हैं। खिलौने सांस्कृतिक मूल्यों और तथ्यात्मक जानकारी पर आधारित होने चाहिए।
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प्रतियोगी परीक्षाओं में सिर्फ संशोधित सिलेबस से सवाल
केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा, छात्रों को केवल अपने सीबीएसई बोर्ड परीक्षा और सीबीएसई बोर्ड के पाठ्यक्रम 2021 पर आधारित अन्य परीक्षाओं के लिए संशोधित पाठ्यक्रम का अध्ययन करना होगा। जेईई और नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में भी केवल उसी भाग से पूछे जाएंगे। केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा, ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों कक्षाओं का संचालन किया जाएगा क्योंकि आधे छात्रों को कक्षा में शारीरिक रूप से कक्षाओं में भाग लेने की अनुमति होगी जबकि बाकी छात्र ऑनलाइन कक्षाओं में भाग लेंगे।
मानसिक स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं का समाधान किया
गुजरात के अहमदाबाद स्थित केंद्रीय विद्यालय की छात्रा निशा शुक्ला ने कहा कि वह अपने दोस्तों को याद करती है और अकेला महसूस करती है। इसके जवाब में केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा, हमने छात्रों को उनके मानसिक स्वास्थ्य में सुधार करने में मदद करने के लिए 'मनोदर्पण' मंच पेश किया है। यह छात्रों की मानसिक स्थिति में सुधार लाने के लिए किया गया था। तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शारीरिक दक्षता के लिए फिट इंडिया की शुरुआत की थी।
परीक्षा और कक्षाओं से न डरें
केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने एक छात्रा के सवाल के जवाब में कहा कि हमने NEET 2020 का सफलतापूर्वक संचालन किया है। इसलिए छात्रों को परीक्षा के आसपास की आशंकाओं के बारे में चिंता करने की आवश्यकता नहीं है और बिना किसी तनाव के अपने पेपर के लिए उपस्थित होना चाहिए। स्कूल में कक्षाएं भी पूरी सावधानी के साथ संचालित करने के निर्देश हैं।निशंक ने कहा कि सरकार एक बार में एक कक्षा के छात्रों के लिए केंद्रीय विद्यालय स्कूलों को चरणबद्ध तरीके से फिर से खोलने पर विचार कर रही है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति लोगों को बदल देगी : शिक्षा मंत्री
केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल 'निशंक' ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर प्रकाश डाला, क्योंकि उन्होंने कहा कि नीति लोगों और पूरे शिक्षा क्षेत्र को बदलने के लिए निर्देशित है। शिक्षा मंत्री ने स्कूल पाठ्यक्रम में मातृभाषा को शामिल करने और स्कूल-स्तर पर इंटर्नशिप के साथ नई शिक्षा नीति के बारे में बताया। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2021) पर छात्रों और शिक्षकों से फीडबैक देने का आग्रह किया। केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल 'निशंक' ने शिक्षकों और छात्रों की प्रशंसा की, जिन्होंने दृढ़ संकल्प के साथ कोविड-19 संकट का सामना किया और चुनौतियों को अवसरों में परिवर्तित किया। ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन भी इनमें एक था।
इससे पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल 'निशंक' ने नई दिल्ली के एंड्रयूज गंज स्थित केंद्रीय विद्यालय में एक आउटडोर व्यायामशाला यानी ओपन जिम का उद्घाटन किया। अपने संबोधन में शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार ने कोविड-19 महामारी के कारण किसी भी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा को रद्द नहीं किया। निशंक ने कहा कि अचानक से कोरोना महामारी संकट बनकर हमारे सामने आई, जिसके बारे में दुनिया में किसी को नहीं पता था। हम सभी ने इसके कारण परेशानियों का सामना किया है।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने COVID-19 के कारण तनाव पर प्रकाश डाला। केंद्रीय शिक्षा मंत्री निशंक ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को स्वयं, अपने परिवार और पड़ोसियों की रक्षा करके कोविड-19 स्थिति से निपटना होगा। केवी यानी केंद्रीय विद्यालय के प्रदर्शन की सराहना करते हुए, केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा, हम यह सुनिश्चित करेंगे कि केंद्रीय विद्यालयों की शिक्षा पद्धतियों को जमीनी स्तर पर अन्य सभी स्कूल में दोहराया जाए।
केंद्रीय विद्यालय आयुक्त ने भी किया संबोधित
केंद्रीय शिक्षा मंत्री से पहले केंद्रीय विद्यालय आयुक्त निधि पांडे ने छात्रों को संबोधित किया। इस दौरान पांडे ने कहा, नए बदलावों को अपनाने और अपनाने के लिए शिक्षक पूरे वर्ष आपके साथ रहे हैं। कोविड-19 महामारी के दौरान चुनौतियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, कोविड-19 ने हमारे जीवन में स्वच्छता का अर्थ सिखाया है और स्वच्छता बनाए रखना कितना महत्वपूर्ण है। जब भी कोई कठिन परिस्थिति होती है, हम सभी इसे हल करने के लिए एक साथ आते हैं। शिक्षक भी छात्रों को साथ रखने में सक्षम रहे हैं।
छात्रों ने योग प्रस्तुति दी
केंद्रीय विद्यालय, एंड्रयूज गंज की छात्राओं की ओर से संवाद कार्यक्रम के शुभारंभ पर सरस्वती वंदना की प्रस्तुति दी गई है। केंद्रीय विद्यालय के छात्रों ने गुरु वंदना के साथ नृत्य योग आसनों का प्रदर्शन किया। इसके बाद छात्रों ने सूर्य नमस्कार का प्रदर्शन किया।
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डेटशीट जारी करने का आग्रह
शिक्षा मंत्री के ट्वीट पर प्रतिक्रिया के तौर पर कई छात्रों ने सीबीएसई 10वीं बोर्ड परीक्षा की डेटशीट जारी करने का आग्रह भी किया है। माना जा रहा है कि इस लाइव वेबिनार के जरिए शिक्षा मंत्री केंद्रीय विद्यालयों के फिर से खुलने को लेकर भी चर्चा कर सकते हैं।
पहले भी आए थे लाइव
पिछले साल मार्च में जब संक्रामक वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए लॉकडाउन लागू किया गया था। तब से ही केंद्रीय विद्यालय बंद हैं और छात्रों को ऑनलाइन माध्यम के जरिए शिक्षा दी जा रही है। हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब शिक्षा मंत्री सोशल मीडिया के जरिए लाइव आकर छात्रों से संवाद कर रहे हैं। दरअसल, निशंक इससे पहले भी छात्रों की समस्याओं को लेकर कई बार अपने सोशल मीडिया के जरिए लाइव आ चुके हैं और उनसे संवाद कर चुके हैं।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री निशंक ने रविवार शाम को ही ट्वीट कर छात्रों के संवाद करने की जानकारी दी थी।
I will be going #live to interact with the students of Kendriya Vidyalaya on 18th January at 12 noon.
— Dr. Ramesh Pokhriyal Nishank (@DrRPNishank) January 17, 2021
Join the session #live on my Twitter /FB pages, 🔎for username: @DrRPNishank.
Looking forward to the interaction!#EducationMinisterGoesLive pic.twitter.com/iiX5bNjmZf
कई छात्रों ने ट्विटर पर शिक्षा मंत्री से देशभर में स्कूलों के फिर से खुलने को लेकर सवाल पूछे हैं। कई छात्रों का कहना है कि स्कूलों को कोविड-19 वैक्सीन के बाद खोले जाने चाहिए, जबकि कई चाहते हैं कि जल्दी स्कूल खुले ताकि उनका पाठ्यक्रम पूरा हो सके।
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केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने हील ही में लाइव संबोधन के जरिये सीबीएसई 10वीं और 12वीं कक्षाओं की बोर्ड परीक्षाओं की तारीखों की घोषणा की थी। शिक्षा मंत्री ने 31 दिसंबर, 2020 को सीबीएसई बोर्ड परीक्षाओं की तिथि जारी की थी। सीबीएसई बोर्ड परीक्षाएं 04 मई, 2021 से शुरू होंगी और 10 जून, 2021 तक चलेंगी। वहीं, प्रैक्टिकल परीक्षाएं 01 मार्च, 2021 से शुरू होंगी।
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