{"_id":"5d3697188ebc3e6ce64e40d2","slug":"du-will-take-action-on-5-percent-of-non-contributing-colleges","type":"story","status":"publish","title_hn":"5 फीसदी योगदान नहीं देने वाले कॉलेजों का डीयू करेगा अधिग्रहण","category":{"title":"Education","title_hn":"शिक्षा","slug":"education"}}
5 फीसदी योगदान नहीं देने वाले कॉलेजों का डीयू करेगा अधिग्रहण
Tue, 23 Jul 2019 10:41 AM IST
Garima Garg
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Published by: Garima Garg
Updated Tue, 23 Jul 2019 10:41 AM IST
विज्ञापन
दिल्ली विश्वविद्यालय में ट्रस्ट की ओर से संचालित होने वाले कॉलेजों द्वारा डीयू में 5 फीसदी का योगदान नहीं दिए जाने के कारण अब उनका अधिग्रहण किया जाएगा। दौलतराम कॉलेज से इसकी शुरुआत होगी। डीयू में रविवार रात संपन्न हुई एक्जीक्यूटिव काउंसिल (ईसी) की बैठक में इसे हरी झंडी दे दी गई। इसी वजह से ईसी में दौलतराम कॉलेज की प्रबंध समिति के लिए भेजे गए नामों को स्वीकार नहीं किया गया है। दूसरी और स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग में सीबीसीएस को लागू करने के लिए सदस्यों की आपत्ति के बाद एक कमेटी गठित की गई है, जो एक सप्ताह में प्रशासन को अपनी रिपोर्ट देगी। रिपोर्ट को ईसी की हरी झंडी मिलने के बाद ही एसओएल व एनसीवेब में सीबीसीएस लागू किया जाएगा।
विज्ञापन
एक्जीक्यूटिव काउंसिल सदस्य डॉ. राजेश झा ने बताया कि ट्रस्ट द्वारा संचालित जो कॉलेज 5 फीसदी का योगदान नहीं देते हैं, डीयू उनका अधिग्रहण करेगा। एसओएल व एनसीवेब में इसी सत्र से च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (सीबीसीएस) लागू करने की तैयारी की जा रही है। रेगुलर कॉलेजों में पहले से ही सीबीसीएस लागू है। सीबीसीएस लागू होने से यहां भी सेमेस्टर सिस्टम में पढ़ाई होगी। सीबीसीएस लागू करने से आपत्ति नहीं है, लेकिन इसे लागू करने के लिए समय कम है। एसओएल में विद्यार्थी काफी अधिक होते हैं। इसलिए संसाधन व परीक्षाओं को देखने की भी जरूरत है।
विज्ञापन
डॉ. झा के मुताबिक, सदस्यों का कहना था कि इन सब पर ध्यान देने की जरूरत है। सदस्यों की आपत्ति के बाद प्रशासन ने इन्हें देखने के लिए एक कमेटी गठित की है, जो 7 दिनों में रिपोर्ट देगी। कमेटी की ओर से उचित जवाब मिलने पर ही इसे मंजूरी दी जाएगी। वहीं, ईसी की बैठक में 28 कॉलेजों की प्रबंध समिति के प्रस्ताव को ऐपेक्स कमेटी को भेज दिया गया है।
विज्ञापन
कमेंट
कमेंट X