DU PG Admission 2025: ईआर लाने वाले छात्र भी कर सकते हैं आवेदन, माइग्रेशन सर्टिफिकेट को लेकर बड़ी राहत
Delhi University PG Admission: दिल्ली विश्वविद्यालय में पीजी एडमिशन 2025 के लिए ईआर लाने वाले छात्र भी आवेदन कर सकते हैं। वहीं यदि कोई डीयू का छात्र स्नातकोत्तर प्रोग्राम के लिए आवेदन कर रहा है तो उसे माइग्रेशन सर्टिफिकेट नहीं देना है। जबकि यदि किसी अन्य विश्वविद्यालय का कोई छात्र डीयू के स्नातकोत्तर प्रोग्राम में आवेदन करता है तो उसे माइग्रेशन सर्टिफिकेट देना पड़ेगा।
विस्तार
Delhi University PG Admission 2025: दिल्ली विश्वविद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2025-26 के तहत स्नातकोत्तर प्रोग्राम में दाखिले के लिए जारी आवेदन प्रक्रिया के तहत रिजल्ट में ईआर(एसेंशियल रिपीट) लाने वाले भी आवेदन कर सकते हैं। हालांकि उन्हें 31 अक्तूबर तक दाखिले के लिए जरूरी न्यूनतम योग्यता(50 फीसदी) को पूरा करना होगा।
माइग्रेशन सर्टिफिकेट को लेकर भी स्पष्ट निर्देश
वहीं यदि कोई डीयू का छात्र स्नातकोत्तर प्रोग्राम के लिए आवेदन कर रहा है तो उसे माइग्रेशन सर्टिफिकेट नहीं देना है। जबकि यदि किसी अन्य विश्वविद्यालय का कोई छात्र डीयू के स्नातकोत्तर प्रोग्राम में आवेदन करता है तो उसे माइग्रेशन सर्टिफिकेट देना पड़ेगा। डीयू स्नातकोत्तर दाखिले से जुड़ी यह अहम जानकारी वेबिनार में छात्रों को दी गई। इसमें बताया गया कि अभी डीयू स्नातकोत्तर प्रोग्राम के लिए आवेदन प्रक्रिया 06 जून तक जारी है।
यदि अभी तक किसी ने आवेदन नहीं किया है तो वह ध्यानपूर्वक आवेदन प्रक्रिया को पूरा करें। छात्रों को यह ध्यान रखना है कि उन्होंने सीयूईटी (कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेस टेस्ट) के लिए जिस ईमेल आईडी से आवेदन किया था, उसी ईमेल आईडी के माध्यम से डीयू स्नातकोत्तर प्रोग्राम का फॉर्म भरना है। डीयू दाखिला डीन प्रो हनीत गांधी व संयुक्त दाखिला डीन डॉ अमित पुंडिर की ओर से वेबिनार में छात्रों को दाखिले से जुड़े सवालों के जवाब दिए।
वेबिनार में छात्रों को सलाह दी गई कि वह किसी भी जानकारी को प्राप्त करने के लिए वेबसाइट को जरूर देखते रहें। पीजी दाखिला कॉमन सीट एलोकेशन सिस्टम 2025 के माध्यम से होगा। दाखिले के लिए सीयूईटी स्कोर के आधार पर तैयार मेरिट से छात्रों को सीट आवंटित की जाएगी। छात्रों को इस सीट को स्वीकार करना होगा। सीट स्वीकार नहीं करने की सूरत में वह कॉमन सीट एलोकेशन सिस्टम 2025 से बाहर हो जाएंगे। सीट स्वीकार करने के बाद वह उसे अपग्रेड कर सकते हैं।
गलती पर फॉर्म हो सकता है रद्द
वहीं छात्र यदि अपने फॉर्म में किसी प्रकार की गलत सूचना देते हैं तो भी उनका फॉर्म रद हो जाएगा। अलग-अलग प्रोग्राम में आवेदन के लिए अलग-अलग भुगतान करना होगा। वेबिनार में जानकारी दी गई कि स्नातकोत्तर प्रोग्रामों के लिए आवेदन करने वाले छात्र बैंक खाते की जानकारी सही भरें। यदि किसी प्रकार का रिफंड आना होगा तो वह उसी खाते में आएगा जिसकी जानकारी छात्र ने आवेदन के समय दी होगी।
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