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DUSU Polls: डीयू छात्र संघ चुनाव को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी; उम्मीदवारों को देना होगा शपथपत्र और बॉन्ड

Thu, 28 Aug 2025 04:25 PM IST
आकाश कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: आकाश कुमार Updated Thu, 28 Aug 2025 04:25 PM IST
सार

DUSU Election: दिल्ली विश्वविद्यालय ने छात्र संघ चुनावों में संपत्ति को नुकसान से बचाने के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। कॉलेज प्राचार्यों को “एंटी-डिफेसमेंट हेड” बनाया गया है और उम्मीदवारों को शपथपत्र व बॉन्ड देना अनिवार्य होगा। नियम तोड़ने पर कार्रवाई होगी।
 

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DU issues strict anti-defacement rules for DUSU polls; principals named compliance heads
दिल्ली विश्वविद्यालय, (DU) - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

DUSU Election: दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) ने आगामी छात्र संघ चुनावों के मद्देनजर सभी कॉलेज प्राचार्यों को कड़े निर्देश जारी किए हैं। विश्वविद्यालय ने साफ किया है कि परिसर और उसके आसपास किसी भी तरह की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने या उसका सौंदर्य बिगाड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। यह कदम दिल्ली हाईकोर्ट के आदेशों के अनुरूप उठाया गया है।

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एंटी-डिफेसमेंट हेड बनाए गए प्राचार्य

27 अगस्त को जारी परिपत्र में कहा गया है कि प्रत्येक कॉलेज प्राचार्य अपने-अपने संस्थान के "एंटी-डिफेसमेंट हेड" होंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि दीवारों पर लिखाई, बैनर, पोस्टर या होर्डिंग्स परिसर के भीतर और आसपास न लगें।

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हाईकोर्ट का आदेश और नई कमेटी

यह दिशा-निर्देश 2018 के उस हाईकोर्ट आदेश की पृष्ठभूमि में जारी किए गए हैं जिसे 2024 में दोबारा सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया गया था। इसके तहत सार्वजनिक और निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने पर रोक लगाई गई है। इसी क्रम में विश्वविद्यालय ने यूनिवर्सिटी कमेटी फॉर प्रिवेंशन ऑफ डिफेसमेंट ऑफ प्रॉपर्टी (UCPDP) का गठन किया है, जिसकी अधिसूचना 18 अगस्त को जारी हुई।

इस पैनल में विश्वविद्यालय के एस्टेट ऑफिसर प्रो. बिपिन कुमार तिवारी (कुलपति के नामित सदस्य), वरिष्ठ फैकल्टी सदस्य, दिल्ली पुलिस, दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन और नगर निगम के प्रतिनिधि शामिल किए गए हैं।

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हर कॉलेज में बनेगी समिति, स्थानीय एसएचओ को करना होगा शामिल

हर कॉलेज को निर्देश दिया गया है कि वह एक समिति बनाए जिसमें वरिष्ठ फैकल्टी सदस्य और स्थानीय थाना प्रभारी (SHO) शामिल हों। यह समितियां चुनावी गतिविधियों पर निगरानी रखेंगी, संवेदनशीलता कार्यशालाएं आयोजित करेंगी और “वॉल्स ऑफ डेमोक्रेसी” बनवाएंगी, जहां तयशुदा जगह पर पोस्टर लगाए जा सकें।

उम्मीदवारों की जिम्मेदारी

विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि नामांकन पत्र के साथ उम्मीदवारों को लिखित घोषणा-पत्र देना होगा कि वे और उनके समर्थक किसी तरह की डिफेसमेंट (संपत्ति को नुकसान) में शामिल नहीं होंगे। नियम तोड़ने पर अयोग्यता की कार्रवाई हो सकती है।

चुनाव कार्यक्रम और पिछला विवाद

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) चुनाव 2025-26 के लिए 18 सितंबर को मतदान होगा और 19 सितंबर को मतगणना। पिछले वर्ष हाईकोर्ट ने चुनाव प्रचार के दौरान सार्वजनिक संपत्ति पर लिखाई और पोस्टर लगाने को लेकर वोटों की गिनती रोक दी थी। गिनती तभी शुरू हो सकी जब संबंधित संपत्तियों की सफाई कराई गई। कोर्ट ने कहा था कि उसका उद्देश्य “सज़ा देना नहीं बल्कि सुधार लाना” है।

नए नियम और पाबंदियां

8 अगस्त को जारी नोटिफिकेशन में कहा गया है कि DUSU चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को बॉन्ड जमा करना होगा ताकि प्रचार के दौरान किसी भी संपत्ति को नुकसान न पहुंचाया जाए। साथ ही -

  • दाखिले के समय छात्रों से एंटी-डिफेसमेंट शपथपत्र लिया जाएगा।
  • प्रचार केवल “वॉल्स ऑफ डेमोक्रेसी” तक सीमित रहेगा।
  • रैली, रोड शो, लाउडस्पीकर और शक्ति प्रदर्शन पर पूरी तरह रोक होगी।
  • उम्मीदवारों को इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से प्रचार करना होगा।
  • चुनाव के दौरान बाहरी व्यक्तियों का कैंपस में प्रवेश वर्जित रहेगा।
  • जरूरत पड़ने पर प्रवेश के लिए बायोमेट्रिक या फेस रिकग्निशन सिस्टम लगाया जा सकता है।


डुसु पदाधिकारी केवल तीन तय विश्वविद्यालय स्थलों पर आधिकारिक कार्यक्रम कर पाएंगे। उन्हें विश्वविद्यालय के गेस्ट हाउस और मेंटेन किए गए छात्रावास बुक करने की अनुमति नहीं होगी। विश्वविद्यालय का कहना है कि यह कदम जवाबदेही और निरंतर निगरानी सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए हैं ताकि साझा स्थानों की मर्यादा और जिम्मेदार विश्वविद्यालय संस्कृति को कायम रखा जा सके।

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