Droupadi Murmu: कितनी पढ़ी-लिखी हैं राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू? जानें उनके राष्ट्रपति बनने तक का सफर
Droupadi Murmu: लोकसभा और राज्यसभा की संयुक्त बैठक में राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने भाषण दिया। राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में सरकार की विभिन्न पहल का उल्लेख किया। झारखंड के आदिवासी बहुल क्षेत्र की राज्यपाल बनने वाली वह पहली महिला थीं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
Droupadi Murmu: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को संसद में सरकार की उपलब्धियों का जिक्र किया। लोकसभा और राज्यसभा की संयुक्त बैठक में उन्होंने सरकार की प्रमुख योजनाओं और उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में सरकार की विभिन्न पहल का उल्लेख किया, जिनमें मध्यम वर्गीय परिवारों को घर खरीदने में मदद करने की प्रतिबद्धता भी शामिल थी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2025 को केंद्रीय बजट प्रस्तुत करेंगी।
संविधान को लेकर राष्ट्रपति की भावनाएं
अपने भाषण की शुरुआत में राष्ट्रपति ने कहा, "दो महीने पहले, हमने संविधान को अपनाने के 75 वर्ष पूरे किए और हाल ही में, हमने इस यात्रा के 75 साल का सफर भी पूरा किया। मैं सभी भारतीयों की ओर से बाबासाहेब अंबेडकर और संविधान समिति के सभी सदस्यों को श्रद्धांजलि अर्पित करती हूं।"
Droupadi Murmu Education: द्रौपदी मुर्मू की शैक्षणिक योग्यता और करियर यात्रा
द्रौपदी मुर्मू का जन्म संथाल जनजाति में हुआ था और उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा ओडिशा के उपरबेड़ा गांव के एक छोटे से स्कूल में प्राप्त की। उन्होंने रमा देवी महिला कॉलेज (जो अब एक विश्वविद्यालय है) से स्नातक की डिग्री प्राप्त की।
शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने एक प्राथमिक विद्यालय में शिक्षिका के रूप में कार्य किया। इसके बाद, वह श्री अरबिंदो इंटीग्रल एजुकेशन एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट, रायरंगपुर में सहायक प्रोफेसर बनीं। इसके अलावा, उन्होंने ओडिशा सरकार के सिंचाई विभाग में जूनियर असिस्टेंट के रूप में भी कार्य किया।
राजनीतिक सफर
1997 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से जुड़ने के बाद, वह रायरंगपुर नगरपालिका की सदस्य बनीं। उनकी मेहनत और नेतृत्व क्षमता को देखते हुए 2015 में उन्हें झारखंड का राज्यपाल नियुक्त किया गया। झारखंड के आदिवासी बहुल क्षेत्र की राज्यपाल बनने वाली वह पहली महिला थीं।
कमेंट
कमेंट X