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पैरामेडिकल एवं लाइफ साइंसेज में करियर में सतत उन्नति की अपार
Fri, 06 Sep 2019 05:30 PM IST
Garima Garg
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Published by: Garima Garg
Updated Fri, 06 Sep 2019 05:30 PM IST
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dolphin
- फोटो : amar ujala
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पैरामेडिकल एवं लाईफ साइंसेज के मानव स्वास्थ्य, प्रकृति, पर्यावरण, जीव-जंतुओं, कृषि तथा बागवानी से सम्बद्ध होने के चलते ये ऐसी सेवाओं के रूप में स्थापित क्षेत्र हैं जों बीमारियों, पर्यावरण प्रदूषण, जैव-विविधता, कृषि उत्पादन, वनीकरण, फल-सब्जी उत्पादन आदि अनेक क्षेत्रों में काम कर रहे हैं । साथ ही मानव, कीट, पतंग, जीव, जंतु, वनस्पति जीवाणु तथा विषाणु आदि से सम्बद्ध तथा इनका मानव स्वास्थ्य पर प्रभाव आदि के निरंतर अध्ययन, शोध और कार्यवाही के चलते इन क्षेत्रों में दक्ष पेशेवरों, तकनीशियनों, शोधार्थियों तथा वैज्ञानिकों की मांग निरंतर बनी रहती है।
पैरामेडिकल एवं लाईफ साइन्सेज में सतत उनंत करियर के चलते डॉल्फिन (पीजी) इंस्टीट्यूट ऑफ बायोमेडिकल ऐण्ड नेचुरल साइंसेज ने भी इस क्षेत्र में अपना एक मुकाम बनाया है। डिग्री मिलने से पहले ही प्लेसमेन्ट पाकर छात्रों में प्रसन्नता और उल्लास से आंखो में प्रतिविंबित होती चमक, डॉल्फिन इंस्टीट्यूट के परिसर में उस भरोसे को इंगित करती है जो छात्रों के स्वप्न को वास्तविकता प्रदान करती है। डॉल्फिन (पीजी) इंस्टीट्यूट भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय और विश्वविद्दालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा यूजीसीयू/एस 2(एफ) अनुमोदित है और पूर्व में राष्ट्रीय मूल्यांकन और प्रत्यायन परिषद द्वारा विशुद्ध रूप से बायोमेडिकल ऐण्ड नेचुरल साइंसेज का सम्पूर्ण उत्तर भारत में अनुमोदित एकमात्र संस्थान बना है। साथ ही आईआईटी मद्रास द्वारा एनपीटीईएल कोर्सेस के लिये लोकल चैप्टर इंस्टीट्यूट है। यह सब एकाएक नहीं है बल्कि इसके पीछे संस्थान का शानदार प्लेसमेंट ट्रैक रिकॉर्ड, अत्याधुनिक तकनीक से युक्त प्रयोगशालाएं, मशीनें, उपकरण, शिक्षित व समर्पित फैकल्टी है साथ ही अनवरत आयोजित होने वाले हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग, वर्कशाप, कॉंफ्रेंस, सेमीनार और इंडस्ट्री एकेडमिया इंट्रैक्शन - ब्रिजिंग द गैप प्रोग्राम हैं, जो छात्रों को दक्ष बनाकर उद्दोग और बाजार के अनुरूप ढाल देता है।
संस्थान में ढांचागत सुविधाओं के साथ टीचिंग-लर्निंग प्रोसेस, लेबोरेट्री, फैकल्टी, इंसट्रूमेंट्स लाइब्रेरी, कम्प्यूटर लैब, ई लर्निंग, ई टीचिंग, वाई-फाई कैम्पस/हॉस्टल, ईआरपी आदि अनेक सुविधाओं के साथ यूजीसी की राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यानयन परिषद ने संस्थान को बी प्लस ग्रेड के साथ मान्यता प्रदान की। इसमें विगत वर्षों में निरन्तर सुधार हो रहे हैं। साथ ही समय-समय पर आयोजित अन्तर्राष्ट्रीय व राष्ट्रीय स्तर के सेमीनार, वर्कशाप, हैन्ड्स-ऑन-ट्रेनिंग, ईडीपी तथा एफडीपी छात्रों व शिक्षकों को उन्नत तकनीक व ज्ञान से परिचित होने का अवसर प्रदान करते हैं। संस्थान में एनसीसी, एनएसएस, रेड-क्रास व स्काउट एण्ड गाइड इकाईयों की गतिविधियां छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिये मददगार है। डॉल्फिन स्टूडेंट्स वैलफेयर कमेटी मेधावी गरीब विद्दार्थियों की मदद को सदैव तत्पर रहता है तथा उनको आर्थिक-सामाजिक सुरक्षा देता है। खेल व शिक्षणेत्तर गतिविधियों को इस बात से समझा जा सकता है कि विगत वर्ष संस्थान के 8 खिलाड़ी विभिन्न खेलों में राष्ट्रीय टीम का हिस्सा बने। साथ ही संस्थान की टीम कल्चरल एक्टिविटीस में यूनिवर्सिटी लेबल पर पहले स्थान पर रही।
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डॉल्फिन इंस्टीट्यूट में पैरामेडिकल एवं लाईफ साइन्सेज के कोर्सेज संचालित किये जा रहे हैं जो उद्दोग व बाजार जगत की मांग के अनुरूप हैं। जिनमें स्नातक व स्नातकोत्तर स्तर पर बायोटैक्नोलॉजी, मेडिकल माइक्रोबायोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री, फार्मास्यूटिकल केमिस्ट्री, केमिस्ट्री, मेडिकल लैब टैक्नोलॉजी, फिजियोथैरेपी, फिजिक्स, जूलॉजी, बॉटनी, एग्रीकल्चर, हॉल्टीकल्चर, फॉरेस्ट्री, कामर्स तथा एजुकेशन हैं। छात्रों को ”इंडस्ट्री-एकेडमिया इंट्रेक्शन - ब्रिजिंग द गैप“ कार्यक्रम में शामिल होने का मौका मिलता है जो कि अनवरत आयोजित करवाये जाते हैं। साथ ही इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग, इंडस्ट्रियल विजिट, माक-इंटरव्यू, कैम्पस इंटरव्यू आदि गतिविधियां आयोजित करवायी जाती हैं। जिससे छात्रों का सर्वांगीण विकास तो होता ही है साथ ही वे दक्ष बनकर एक प्रशिक्षित प्रोफेशनल के रूप में शुरूआत करते हैं।
शैक्षिक, शिक्षणेत्तर, सांस्कृतिक तथा खेलकूद से हो रहा है व्यक्तित्व का सम्पूर्ण विकास
डॉल्फिन इंस्टीट्यूट में छात्रों को पढ़ाई के साथ शिक्षणेत्तर, सांस्कृतिक और खेलकूद गतिविधियों के माध्यम से व्यक्तित्व निर्माण और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का मौका दिया जाता है ताकि वे भविष्य की चुनौतियों का मजबूती से सामना कर सकें। इसके लिये संस्थान में केन्द्र व राज्य सरकारों के विभिन्न संगठनों और कार्यक्रमों के माध्यम से कार्य किया जा रहा है। इनमें से कुछ इस प्रकार हैं-
1.डॉल्फिन स्टूडेन्ट्स वैलफेयर कमेटी (डीएसडब्ल्यूसी)
2.नेशनल कैडेट कोर (एनसीसी)
3.यूथ रेड क्रास (वाईआरसी)
4.भारत स्काउट एंड गाइड
5.नेशनल सर्विस स्कीम (एनएसएस)
ये सभी संगठन सामाजिक महत्व के अनेक कार्यों के माध्यम से सामाजिक असंतुलन को दूर करने, राष्ट्र सेवा, पर्यावरण संरक्षण आदि अनेक क्षेत्रों में बढ़ चढ़कर भागीदारी करते हैं। इससे छात्रों में टीमवर्क, लीडरशिप स्किल की भावना विकसित होती है और इस प्रकार छात्रों के व्यक्तित्व निर्माण की दिशा में संस्थान सजग रूप से कार्य कर रहा है। ये युवा भविष्य में समाज व राष्ट्र को सकारात्मक विकास की ओर ले जाने में सक्षम होंगें।
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पैरामेडिकल एवं लाईफ साइन्सेज में सतत उनंत करियर के चलते डॉल्फिन (पीजी) इंस्टीट्यूट ऑफ बायोमेडिकल ऐण्ड नेचुरल साइंसेज ने भी इस क्षेत्र में अपना एक मुकाम बनाया है। डिग्री मिलने से पहले ही प्लेसमेन्ट पाकर छात्रों में प्रसन्नता और उल्लास से आंखो में प्रतिविंबित होती चमक, डॉल्फिन इंस्टीट्यूट के परिसर में उस भरोसे को इंगित करती है जो छात्रों के स्वप्न को वास्तविकता प्रदान करती है। डॉल्फिन (पीजी) इंस्टीट्यूट भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय और विश्वविद्दालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा यूजीसीयू/एस 2(एफ) अनुमोदित है और पूर्व में राष्ट्रीय मूल्यांकन और प्रत्यायन परिषद द्वारा विशुद्ध रूप से बायोमेडिकल ऐण्ड नेचुरल साइंसेज का सम्पूर्ण उत्तर भारत में अनुमोदित एकमात्र संस्थान बना है। साथ ही आईआईटी मद्रास द्वारा एनपीटीईएल कोर्सेस के लिये लोकल चैप्टर इंस्टीट्यूट है। यह सब एकाएक नहीं है बल्कि इसके पीछे संस्थान का शानदार प्लेसमेंट ट्रैक रिकॉर्ड, अत्याधुनिक तकनीक से युक्त प्रयोगशालाएं, मशीनें, उपकरण, शिक्षित व समर्पित फैकल्टी है साथ ही अनवरत आयोजित होने वाले हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग, वर्कशाप, कॉंफ्रेंस, सेमीनार और इंडस्ट्री एकेडमिया इंट्रैक्शन - ब्रिजिंग द गैप प्रोग्राम हैं, जो छात्रों को दक्ष बनाकर उद्दोग और बाजार के अनुरूप ढाल देता है।
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संस्थान में ढांचागत सुविधाओं के साथ टीचिंग-लर्निंग प्रोसेस, लेबोरेट्री, फैकल्टी, इंसट्रूमेंट्स लाइब्रेरी, कम्प्यूटर लैब, ई लर्निंग, ई टीचिंग, वाई-फाई कैम्पस/हॉस्टल, ईआरपी आदि अनेक सुविधाओं के साथ यूजीसी की राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यानयन परिषद ने संस्थान को बी प्लस ग्रेड के साथ मान्यता प्रदान की। इसमें विगत वर्षों में निरन्तर सुधार हो रहे हैं। साथ ही समय-समय पर आयोजित अन्तर्राष्ट्रीय व राष्ट्रीय स्तर के सेमीनार, वर्कशाप, हैन्ड्स-ऑन-ट्रेनिंग, ईडीपी तथा एफडीपी छात्रों व शिक्षकों को उन्नत तकनीक व ज्ञान से परिचित होने का अवसर प्रदान करते हैं। संस्थान में एनसीसी, एनएसएस, रेड-क्रास व स्काउट एण्ड गाइड इकाईयों की गतिविधियां छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिये मददगार है। डॉल्फिन स्टूडेंट्स वैलफेयर कमेटी मेधावी गरीब विद्दार्थियों की मदद को सदैव तत्पर रहता है तथा उनको आर्थिक-सामाजिक सुरक्षा देता है। खेल व शिक्षणेत्तर गतिविधियों को इस बात से समझा जा सकता है कि विगत वर्ष संस्थान के 8 खिलाड़ी विभिन्न खेलों में राष्ट्रीय टीम का हिस्सा बने। साथ ही संस्थान की टीम कल्चरल एक्टिविटीस में यूनिवर्सिटी लेबल पर पहले स्थान पर रही।
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डॉल्फिन इंस्टीट्यूट में पैरामेडिकल एवं लाईफ साइन्सेज के कोर्सेज संचालित किये जा रहे हैं जो उद्दोग व बाजार जगत की मांग के अनुरूप हैं। जिनमें स्नातक व स्नातकोत्तर स्तर पर बायोटैक्नोलॉजी, मेडिकल माइक्रोबायोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री, फार्मास्यूटिकल केमिस्ट्री, केमिस्ट्री, मेडिकल लैब टैक्नोलॉजी, फिजियोथैरेपी, फिजिक्स, जूलॉजी, बॉटनी, एग्रीकल्चर, हॉल्टीकल्चर, फॉरेस्ट्री, कामर्स तथा एजुकेशन हैं। छात्रों को ”इंडस्ट्री-एकेडमिया इंट्रेक्शन - ब्रिजिंग द गैप“ कार्यक्रम में शामिल होने का मौका मिलता है जो कि अनवरत आयोजित करवाये जाते हैं। साथ ही इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग, इंडस्ट्रियल विजिट, माक-इंटरव्यू, कैम्पस इंटरव्यू आदि गतिविधियां आयोजित करवायी जाती हैं। जिससे छात्रों का सर्वांगीण विकास तो होता ही है साथ ही वे दक्ष बनकर एक प्रशिक्षित प्रोफेशनल के रूप में शुरूआत करते हैं।
शैक्षिक, शिक्षणेत्तर, सांस्कृतिक तथा खेलकूद से हो रहा है व्यक्तित्व का सम्पूर्ण विकास
डॉल्फिन इंस्टीट्यूट में छात्रों को पढ़ाई के साथ शिक्षणेत्तर, सांस्कृतिक और खेलकूद गतिविधियों के माध्यम से व्यक्तित्व निर्माण और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का मौका दिया जाता है ताकि वे भविष्य की चुनौतियों का मजबूती से सामना कर सकें। इसके लिये संस्थान में केन्द्र व राज्य सरकारों के विभिन्न संगठनों और कार्यक्रमों के माध्यम से कार्य किया जा रहा है। इनमें से कुछ इस प्रकार हैं-
1.डॉल्फिन स्टूडेन्ट्स वैलफेयर कमेटी (डीएसडब्ल्यूसी)
2.नेशनल कैडेट कोर (एनसीसी)
3.यूथ रेड क्रास (वाईआरसी)
4.भारत स्काउट एंड गाइड
5.नेशनल सर्विस स्कीम (एनएसएस)
ये सभी संगठन सामाजिक महत्व के अनेक कार्यों के माध्यम से सामाजिक असंतुलन को दूर करने, राष्ट्र सेवा, पर्यावरण संरक्षण आदि अनेक क्षेत्रों में बढ़ चढ़कर भागीदारी करते हैं। इससे छात्रों में टीमवर्क, लीडरशिप स्किल की भावना विकसित होती है और इस प्रकार छात्रों के व्यक्तित्व निर्माण की दिशा में संस्थान सजग रूप से कार्य कर रहा है। ये युवा भविष्य में समाज व राष्ट्र को सकारात्मक विकास की ओर ले जाने में सक्षम होंगें।
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