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Delhi Nursery Admission: अब अभिभावकों को सताएगी फीस जमा करने की चिंता, रिफंड को लेकर कोई दिशा-निर्देश नहीं

Mon, 20 Jan 2025 07:35 AM IST
शिवम गर्ग अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Published by: शिवम गर्ग Updated Mon, 20 Jan 2025 07:35 AM IST
सार

Delhi Nursery Admission: पहली सूची में चयनित बच्चों के दाखिले के लिए अभिभावकों को अब फीस का भुगतान करना है। अभिभावकों का कहना है कि कोई स्कूल कह रहा है फीस रिफंड नहीं होगी तो कोई कह रहा है कि अभी फीस रिफंड को लेकर कोई पॉलिसी नहीं है।

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Delhi Nursery Admission: Now parents will worried about paying fees, no guideline regarding refund
Delhi Nursery Admission - फोटो : freepik

विस्तार

Delhi Nursery Admission: दिल्ली के निजी स्कूलों में नर्सरी कक्षा में दाखिले के लिए अभिभावकों की भागम-भाग फिर से शुरु हो गई है। पहली सूची में चयनित बच्चों के दाखिले के लिए अभिभावकों को अब फीस का भुगतान करना है। वहीं दूसरी सूची जारी होने पर यह फीस की फांस अभिभावकों को परेशान करेगी। दरअसल स्कूलों को फीस रिफंड पॉलिसी को स्पष्ट करना होता है। अभिभावकों का कहना है कि उन्हें फीस जमा कराने पर  कहा जा रहा है कि फीस वापस नहीं होगी।
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अभिभावकों का कहना है कि कोई स्कूल कह रहा है फीस रिफंड नहीं होगी तो कोई कह रहा है कि अभी फीस रिफंड को लेकर कोई पॉलिसी नहीं है। निजी स्कूलों में पहली सूची जारी होते ही फीस जमा कराने का दौर भी शुरु हो गया है, लेकिन यहां फीस ही परेशानी बन रही है। अभिभावकों से कहा जा रहा है कि फीस रिफंड को लेकर कोई दिशा-निर्देश नहीं आए हैं।
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एडमिशन नर्सरी डॉट कॉम प्रमुख सुमित वोहरा ने कहा कि हर साल फीस वापसी करने को लेकर नए निर्देश नहीं आते हैं। नए निर्देश नहीं आने तक पुराने वाले निर्देश को ही वैध माना जाता है। अभिभावकों को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि निजी स्कूल दाखिला लेने के एक माह के अंदर फीस रिफंड करने से मना भी नहीं कर सकते हैं। फीस रिफंड नियम के अनुसार यदि एक स्कूल में अभिभावक ने फीस जमा करा दी और उसके बाद उसका नंबर किसी दूसरे स्कूल में आ गया तो पहले वाले स्कूल को फीस का कुछ फीसदी हिस्सा काट कर अभिभावक को फीस को वापस करना होगा। स्कूल केवल दाखिला फीस व एक महीने की ट्यूशन फीस ही काट सकते हैं।

स्कूल फीस वापसी में करते हैं आनाकानी

अभिभावक स्वाति ने बताया कि उन्होंने तीन साल पहले अपने बड़े बेटे का एक स्कूल में दाखिला करवाया था। दूसरी सूची में उनके बच्चे का दाखिला दूसरे स्कूल में हो गया। तब स्कूल ने दाखिला वापस लेने पर फीस वापस करने में काफी आनाकानी की थी। अब उनके दूसरे बेटे का नंबर एक स्कूल में आया है। उन्हें डर है कि यदि दूसरी सूची में कहीं पसंदीदा स्कूल में दाखिला मिल जाता है तो इस बार भी स्कूल फीस वापस करने में परेशानी न पैदा करें।

यह है फीस रिफंड का नियम

यदि किसी स्कूल में दाखिला कराने के एक माह के भीतर अभिभावक अन्य जगह दाखिला लेने के लिए पहली वाली सीट छोड़ता है तो उसकी एडमिशन फीस व एक माह की ट्यूशन फीस काट कर स्कूल बाकी फीस ही वापस करेगा। एक माह बाद यदि अभिभावक पहले वाली सीट छोड़ता है तो स्कूल किसी प्रकार से फीस वापस करने के लिए बाध्य नहीं है।
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